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Ujjain News: विक्रम उद्योगपुरी पहुंचे केंद्रीय अतिरिक्त सचिव, बोले- फैक्ट्रियों का गंदा पानी पीने लायक हो गया

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Tue, 18 Nov 2025 08:06 PM IST
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सार

केंद्रीय उपभोक्ता मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव भरत खेड़ा ने उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी का आकस्मिक दौरा किया। सीईटीपी देखकर आश्चर्यचकित हुए, कहा कि फैक्ट्री का गंदा पानी पीने योग्य हो गया। इसे देश का मॉडल प्रोजेक्ट बताया। मेडिकल डिवाइस पार्क व अन्य सुविधाओं की सराहना की, समयबद्ध गुणवत्ता पूर्ण विकास पर जोर दिया। 

Union Additional Secretary Vikram Udyogpuri reached, surprised by the technology of cleaning dirty water
केंद्रीय अतिरिक्त सचिव रह गए हैरान
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विस्तार
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केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव भरत खेड़ा विक्रम उद्योगपुरी (वीयूएल) अचानक दौरा करने पहुंचे थे, जहां उन्होंने सीईटीपी में पानी की सफाई प्रक्रिया को लेकर हैरान जताई और कहा कि यकीन नहीं होता, फैक्ट्रियों का गंदा पानी पीने लायक हो गया।  

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एमपीआईडीसी उज्जैन महाप्रबंधक विनय सिंह तोमर ने बताया कि उज्जैन रीजन में चल रहे औद्योगिक विकास, नई फैक्ट्रियों की स्थापना, विकास काम और निवेश की संभावनाओं को देखने केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव भरत खेड़ा विक्रम उद्योगपुरी आए थे। जहां स्वागत के बाद एमपीआईडीसी अधिकारियों ने प्रजेंटेशन देते हुए अतिरिक्त सचिव भरत खेड़ा को बताया कि विक्रम उद्योगपुरी को विश्वस्तरीय इंडस्ट्रियल एरिया के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां बहुराष्ट्रीय कंपनियों, खाद्य प्रसंस्करण, बायोटेक, मेडिकल इक्विपमेंट और पर्यावरण आधारित उद्योगों के लिए अलग-अलग जोन तैयार किए गए हैं। प्रजेंटेशन में सड़क, बिजली, पानी, सीवरेज, सीईटीपी, ग्रीन बेल्ट, लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी, निवेशक नीतियों और रोजगार सृजन क्षमता जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। वीयूएल से लगे मेडिकल डिवाइस पार्क के बारे में भी बताया गया कि इसका उद्देश्य भारत को मेडिकल उपकरण बनाने में आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि विदेशों पर निर्भरता कम हो और क्वालिटी उपकरण सस्ते दामों पर उपलब्ध हो सके। एमपीआईडीसी के अधिकारियों ने बताया कि उद्योग स्थापित होने से स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों तरह के रोजगार अवसर बढ़ेंगे। 
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प्लांट पहुंचकर पूछा - सीईटीपी की क्षमता क्या
अतिरिक्त सचिव भरत खेड़ासीईटीपी प्लांट पहुंचे। उन्होंने पूछा कि सीईटीपी (कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) कितनी क्षमता का है और इससे कितनी फैक्ट्रियां फायदा ले पाएंगी। सीईटीपी के अधिकारियों ने उन्हें बताया गया कि वीयूएल की सभी फैक्ट्रियों का गंदा पानी टैंकर के जरिए प्लांट तक आता है और फिर कई स्टेप्स में, जैसे प्राथमिक सफाई, जैविक और रासायनिक प्रक्रिया, फिल्टरेशन, फाइनल ट्रीटमेंट के बाद पानी इतना साफ हो जाता है कि टेस्ट कंडीशन में पीने योग्य भी माना जा सकता है। यह सुनकर खेड़ा आश्चर्यचकित रह गए और बोले कि ऐसा प्लांट हर इंडस्ट्रियल एरिया में होना चाहिए। यह देश के लिए एक शानदार और मॉडल प्रोजेक्ट है। 

प्रोजेक्ट की तारीफ की 
खेड़ा ने पेप्सिको, इस्कॉन बालाजी यूनिट का भी दौरा किया। फैक्ट्री प्रतिनिधियों ने बताया कि कच्चे माल से लेकर तैयार माल तक, क्वालिटी चेक और सुरक्षा उपायों का पूरा ध्यान रखा जाता है। अंत में खेड़ा ने कहा कि सही विकास वही है जिसमें नौकरी, पर्यावरण, सेहत और समाज, सब चीजें साथ में आगे बढ़ें। उन्होंने पूरे प्रोजेक्ट की तारीफ की और कहा कि इसे समय पर और अच्छी क्वालिटी के साथ पूरा किया जाए।

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