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कैबिनेट बैठक: दोहरी लेखा प्रणाली से खुलेंगे निगम-पालिकाओं की कमाई के रास्ते, डबल अकाउंटिंग पर मुहर

Sat, 10 Sep 2022 03:37 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 10 Sep 2022 03:37 PM IST
सार

कैबिनेट बैठक में निगम और पालिकाओं के अकाउंटिंग मैन्युअल में एकरूपता लाने को डबल अकाउंटिंग पर मुहर लगी। कंपनियों की तर्ज पर दोहरी प्रविष्टि के आधार पर खाता बही बनेगी। क्रेडिट रेटिंग के हिसाब से बाजार से लोन ले सकेंगे।

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Cabinet meeting Dual accounting system earning of corporations
सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

प्रदेश के सभी निगमों और नगर पालिकाओं में अब अकाउंटिंग का पुराना सिस्टम खत्म होने जा रहा है। कैबिनेट बैठक में इनमें एकरूपता लाने के लिए दोहरी लेखा प्रणाली (डबल अकाउंटिंग सिस्टम) लागू करने पर मुहर लग गई है। इससे जहां खर्च-कमाई में पारदर्शिता आएगी तो वहीं निगम-पालिकाओं को क्रेडिट रेटिंग के हिसाब से योजनाओं के लिए बाजार से पैसा ले सकेंगें।

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दरअसल, प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं में अभी तक एकल लेखा प्रणाली लागू है, जो आय ओर व्यय का ब्यौरा रखने का पुराना तरीका है। इसमें एकरूपता लाने के लिए लंबे समय से दोहरी लेखा प्रणाली पर काम चल रहा है। शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस पर मुहर लग गई।
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इसके लिए सभी निगमों और पालिकाओं के मैन्युअल एक होंगे। इससे सभी निकायों में होने वाली कमाई और खर्चों में पारदर्शिता आएगी। शहरी विकास विभाग इन पर सीधे नजर रख सकेगा। इसके हिसाब से निकायों की बही खाता बनेगी। निकायों की क्रेडिट रेटिंग सिविल स्कोर की तरह होगी। इसी रेटिंग के आधार पर निकाय अपनी किसी भी योजना को पूरा करने के लिए बाजार से आसानी से लोन ले सकेंगें। 

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भवन निर्माण के विकल्प से मिली राहत
प्रदेश में अभी तक 500 वर्ग मीटर तक आवास निर्माण के जो नियम हैं, वह काफी सख्त हैं। इसके मुकाबले केंद्र सरकार का नेशनल बिल्डिंग कोड आसान है। सरकार ने अब 500 वर्ग मीटर तक के एकल आवास निर्माण में राज्य या केंद्र दोनों में किसी एक के कोड को चुनने की आजादी दे दी है। इसके लिए सभी विकास प्राधिकरणों को अपने सॉफ्टवेयर में अपडेशन करना होगा। इसके बाद आवेदन करने वालों को कोई एक विकल्प चुनने का मौका मिलेगा। 

वन टाइम सेटलमेंट योजना की बढ़ सकती है अवधि फिर
आवास विभाग की ओर से वन टाइम सेटलमेंट(ओटीएस) योजना की अवधि फिर बढ़ाई जा सकती है। इस पर आगामी कैबिनेट बैठक में चर्चा की जाएगी। सरकार ने सबसे पहले 24 फरवरी 2021 को वन टाइम सेटलमेंट योजना छह माह के लिए लागू की थी। इसके बाद पांच अक्तूबर 2021 को दोबारा अवधि 31 मार्च 2022 तक बढ़ा दी गई थी। फिर इसकी अवधि 30 सितंबर 2022 तक के लिए बढ़ा दी गई थी। इसी महीने ओटीएस की अवधि खत्म होने जा रही है।

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रुद्रपुर में गरीबों को आवास मिलने की राह हुई आसान
रुद्रपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ईडब्ल्यूएस आवास निर्माण होना है। इसके लिए जमीन की उपलब्धता की समस्या थी। कैबिनेट बैठक में यह परेशानी दूर कर दी गई। राजस्व विभाग की छह हेक्टेयर जमीन को पीएम आवास योजना के भवन निर्माण के लिए आवास विभाग को निशुल्क देने पर मुहर लग गई।

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