हिंदू धर्म में ज्योतिष विद्या का बहुत अधिक महत्व है। इस विद्या द्वारा भूत, भविष्य और वर्तमान की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। जीवन को सुखी और समृद्धिशाली बनाने के उपाय भी ज्योतिषशास्त्र से मालूम किए जा सकते है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार कुंडली के 12 घरों में ग्रहों की स्थिति के अनुसार ही हमारा जीवन चलता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में कोई ग्रह अशुभ स्थिति में हो तो व्यक्ति का भाग्योदय नहीं हो पाता है। आज हम इन ग्रह दोषों से मुक्ति पाने के उपाय आपको बताएंगे।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार कुंडली दोषों के निवारण के लिए इन पेड़ों की जड़ो का करें इस्तेमाल
अशुभ फल देने वाले ग्रहों को अपने पक्ष में करने के लिए कई प्रकार के उपाय बताए गए है। ग्रहों से शुभ फल प्राप्त करने के लिए संबंधित ग्रह का रत्न पहनना भी एक उपाय है। असली रत्न काफी मूल्यवान होते है, जो कि आम लोगों की पहुंच से दूर होते है। इसी वजह से कई लोग रत्न पहनना तो चाहते है, लेकिन धन अभाव में इन्हें धारण नहीं कर पाते हैं। ज्योतिष के अनुसार रत्नों से प्राप्त होने वाला शुभ प्रभाव अलग-अलग ग्रहों से संबंधित पेड़ों की जड़ों को धारण करने से भी प्राप्त किया जा सकता है।
ग्रहों का पेड़ों से संबंध
सभी ग्रहों का अलग-अलग पेड़ों से सीधा संबंध होता है। अत: इन पेड़ों की जड़ों को धारण करने से अशुभ ग्रहों के प्रभाव कम हो जाते हैं। धन संबंधी परेशानियां दूर हो सकती हैं। यहां बताई जा रही जड़ें किसी भी पूजन सामग्री या ज्योतिष संबंधी सामग्रियों की दुकान से आसानी से प्राप्त की जा सकती है।
राशि अनुसार उपाय
जिन व्यक्तियों की कुंडली में सूर्य अशुभ प्रभाव दे रहा हो तो ज्योतिषशास्त्र में सूर्य के लिए माणिक रत्न बताया गया है। माणिक के विकल्प के रूप में बेलपत्र की जड़ लाल या गुलाबी धागे में रविवार को धारण कर लेने से सूर्य से शुभ फल प्राप्त किए जा सकते है।
चंद्र ग्रह से शुभ फल प्राप्त करने के लिए सोमवार को सफेद वस्त्र में खिरनी की जड़ सफेद धागे के साथ धारण करनी चाहिए। मंगल ग्रह की अशुभता को खत्म करने के लिए अनंत मूल या खेर की जड़ को लाल वस्त्र के साथ लाल धागे में बांधकर मंगलवार को धारण करना चाहिए।
