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Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी पर बन रहा है महासंयोग! रवि-शिव-सिद्ध सहित 4 योग

ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: Shweta Singh Updated Tue, 23 Jun 2026 07:53 AM IST
सार

Nirjala Ekadashi 2026: 25 जून को मनाई जाएगी निर्जला एकादशी। जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, रवि, शिव, सिद्ध समेत 4 शुभ योगों का संयोग, व्रत का महत्व और भगवान विष्णु की कृपा पाने के उपाय।

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Nirjala Ekadashi 2026 Rare Confluence of Ravi Shiva Siddha and 4 Auspicious Yogas Know the Best Puja Time
निर्जला एकादशी - फोटो : अमर उजाला

Nirjala Ekadashi 2026: सनातन धर्म में निर्जला एकादशी का विशेष महत्व माना गया है। यह एकादशी भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने और सभी एकादशियों के समान पुण्य फल देने वाली मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत, पूजा-पाठ, दान और भगवान विष्णु के नाम का स्मरण करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। वर्ष 2026 में निर्जला एकादशी 25 जून को मनाई जाएगी। इस बार यह पर्व और भी खास रहने वाला है, क्योंकि इस दिन कई शुभ योगों का महासंयोग बन रहा है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह संयोग पूजा-अर्चना, मंत्र जाप, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत फलदायी माना जा रहा है।

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तिथि और व्रत का समय - फोटो : freepik

तिथि और व्रत का समय
वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 24 जून 2026 को रात्रि 8:09 बजे शुरू होगी और 25 जून 2026 को रात्रि 9:14 बजे समाप्त होगी। हिंदू धर्म में किसी भी व्रत और पर्व का निर्धारण उदया तिथि के आधार पर किया जाता है। चूंकि एकादशी तिथि 25 जून की सुबह सूर्योदय के समय विद्यमान रहेगी, इसलिए निर्जला एकादशी का व्रत गुरुवार, 25 जून 2026 को रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत, जप और दान-पुण्य का विशेष महत्व रहेगा।

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निर्जला एकादशी पर बन रहे हैं 4 शुभ संयोग - फोटो : freepik

निर्जला एकादशी पर बन रहे हैं 4 शुभ संयोग
निर्जला एकादशी 2026 इस बार ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास मानी जा रही है। इस दिन रवि योग, शिव योग, सिद्ध योग और गुरुवार का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इन चारों शुभ योगों का एक साथ पड़ना पूजा-पाठ, मंत्र जाप, भगवान विष्णु की आराधना, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। मान्यता है कि इन शुभ योगों में किए गए आध्यात्मिक कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है।

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Nirjala Ekadashi 2026 Rare Confluence of Ravi Shiva Siddha and 4 Auspicious Yogas Know the Best Puja Time
भद्रा का रहेगा प्रभाव, लेकिन नहीं होगी बाधा - फोटो : Adobe Stock

भद्रा का रहेगा प्रभाव, लेकिन नहीं होगी बाधा
निर्जला एकादशी के दिन भद्रा का प्रभाव सुबह 7 बजकर 8 मिनट तक रहेगा। हालांकि ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस दौरान भद्रा का निवास पाताल लोक में होगा। इसलिए इसका प्रभाव व्रत, पूजा-पाठ, दान या धार्मिक कार्यों पर नहीं पड़ेगा। श्रद्धालु बिना किसी चिंता के भगवान विष्णु की उपासना और अन्य धार्मिक कार्य संपन्न कर सकेंगे।

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भद्रा का रहेगा प्रभाव, लेकिन नहीं होगी बाधा - फोटो : Adobe Stock

पूजा और साधना के लिए शुभ मुहूर्त
निर्जला एकादशी के दिन पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक साधना के लिए कई शुभ समय उपलब्ध रहेंगे। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:05 बजे से 4:45 बजे तक रहेगा। यह समय ध्यान, जप, तप और भगवान के स्मरण के लिए सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:56 बजे से दोपहर 12:52 बजे तक रहेगा, जो पूजा, संकल्प और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। पूरे दिन रवि योग की उपस्थिति इस तिथि की आध्यात्मिक महत्ता को और बढ़ा देगी।

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