Ramadan Me Kya Kare Kya Na Kare: देश में बुधवार को रमजान का चांद दिखा। जिसके चलते रमजान का पवित्र महीना आज से शुरू हो गया है। इससे पहले 17 फरवरी को सऊदी अरब में चांद दिखाई दिख चुका है, जिसके बाद वहां 18 फरवरी से रमजान के रोजे शुरू हो गए। आमतौर पर भारत में इसके एक अगले दिन से ही रोजा शुरू किया जाता है।
Ramadan: देश में दिखा रमजान का चांद, आज से पहला रोजा, जानें इस पाक महीने में क्या करें और क्या न करें
Ramadan: माह-ए-रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना होता है और इसे सबसे पवित्र समयों में गिना जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस महीनें के किन नियमों का पालन करना चाहिए।
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रमजान का महत्व
रमजान को रहमत, बरकत और मगफिरत का महीना कहा जाता है। इस दौरान मुसलमान रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करते हैं और अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं। रोजा व्यक्ति को धैर्य, अनुशासन और आत्मनियंत्रण सिखाता है। दिनभर भूखा-प्यासा रहने से इंसान को जरूरतमंदों की परेशानियों का एहसास होता है, जिससे उसके भीतर संवेदनशीलता बढ़ती है।
इस महीने में जकात और सदका देना भी बेहद अहम माना जाता है। अपनी आमदनी का एक हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों को देना समाज में बराबरी और भाईचारे की भावना को बढ़ाता है। रमजान की आखिरी दस रातें खास मानी जाती हैं, जिनमें शब-ए-कद्र की रात को हजार महीनों से बेहतर बताया गया है।
रमजान में क्या करें?
- पांच वक्त की नमाज का विशेष ध्यान रखें और समय पर अदा करने की कोशिश करें।
- रोजाना थोड़ा-बहुत कुरआन पढ़ें या उसकी तिलावत सुनें। यह महीना कुरआन से जुड़ने का सबसे बेहतरीन समय है।
- सेहरी जरूर करें, क्योंकि इसे बरकत का समय माना गया है। इफ्तार खजूर और पानी से खोलना सुन्नत माना जाता है।
- जकात और सदका देकर जरूरतमंदों की मदद करें।
- अपने व्यवहार पर नियंत्रण रखें। गुस्से, बहस और कटु शब्दों से दूर रहें।
- सेहत का ख्याल रखें और इफ्तार में संतुलित भोजन करें।
रमजान में क्या न करें?
- झूठ, चुगली और किसी को ठेस पहुंचाने से बचें।
- छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा न करें।
- इफ्तार में फिजूलखर्ची या भोजन की बर्बादी न करें।
- नमाज में लापरवाही न बरतें।
- समय को व्यर्थ गतिविधियों या गलत आदतों में न गंवाएं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।