वैदिक ज्योतिष में शनि ग्रह को बहुत ही प्रभावशाली और मंद गति से चलने वाला ग्रह माना जाता है। शनिदेव एक राशि में सबसे लंबे समय यानी ढाई वर्षोंं तक रहते हैं फिर इसके बाद दूसरी राशि में गोचर करते हैं। शनि व्यक्ति को उनके कर्मों के आधार पर फल देने वाला ग्रह माना जाता है। जिन जातकों की कुंडली में शनि अशुभ स्थित में होते हैं शनि उनके जीवन पर लंबे समय तक प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। शनि जहां ढाई वर्षों में एक बार अपनी राशि बदलते हैं वहीं ये एक निश्चित अवधि के बाद नक्षत्र परिवर्तन भी करते हैं, जिसका प्रभाव भी लंबे समय तक रहता है। शनि अभी मीन राशि में गोचर कर रहे हैं, वहीं ये उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में भी हैं, लेकिन 17 मई 2026 को शनि रेवती नक्षत्र में गोचर रहेंगे। रेवती नक्षत्र के स्वामी बुधदेव होते हैं। शनि इस नक्षत्र में 9 अक्तूबर तक रहेंगे। आइए जानते हैं शनि के नक्षत्र परिवर्तन से कैसा प्रभाव पड़ेगा।
17 मई को शनि करेंगे रेवती नक्षत्र में परिवर्तन, इन राशियों के लिए शुभ संकेत और मिलेंगे कई अवसर
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: Vinod Shukla
Updated Mon, 04 May 2026 01:45 PM IST
सार
ज्योतिष में शनि की चाल और नक्षत्र परिवर्तन का विशेष महत्व होता है। 17 मई 2026 को शनि रेवती नक्षत्र में गोचर रहेंगे। रेवती नक्षत्र के स्वामी बुधदेव होते हैं। शनि इस नक्षत्र में 9 अक्तूबर तक रहेंगे।
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