Shani Kamjor Hone Ke Lakshan: ज्योतिष शास्त्र में सभी ग्रहों में शनि ग्रह का विशेष स्थान माना गया है। शनि का नाम सुनते ही अधिकतर लोगों के मन में भय पैदा हो जाता है। खासतौर पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का जिक्र होते ही लोग चिंता में पड़ जाते हैं। हालांकि शास्त्रों में शनिदेव को न्याय और कर्म का देवता कहा गया है। वे व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार ही शुभ या अशुभ फल प्रदान करते हैं। यह धारणा पूरी तरह गलत है कि शनि हमेशा बुरे परिणाम ही देते हैं। जिन जातकों की कुंडली में शनि मजबूत और शुभ स्थिति में होते हैं, उन्हें जीवन में ऊंचा पद, सम्मान और स्थायित्व मिलता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि कुंडली में शनि कब कमजोर होते हैं और इसके लक्षण क्या होते हैं। साथ ही जानेंगे कि इसके प्रभावों से बचने के लिए कौन से उपाय किए जा सकते हैं...
Shani Dosha Symptoms: कैसे पहचानें कुंडली में शनि है कमजोर? जानें इसके संकेत और निवारण के उपाय
Shani Dosha Symptoms: शास्त्रों में शनिदेव को न्याय और कर्म का देवता कहा गया है। वे व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार ही शुभ या अशुभ फल प्रदान करते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि कुंडली में शनि कब कमजोर होते हैं और इसके लक्षण क्या होते हैं। साथ ही जानेंगे कि इसके प्रभावों से बचने के लिए कौन से उपाय किए जा सकते हैं...
कुंडली में शनि कब होते हैं कमजोर?
शनि के कमजोर होने के लक्षण
जब किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि अशुभ भाव में या कमजोर स्थिति में विराजमान होते हैं, तब जीवन में कई तरह की परेशानियां आने लगती हैं। शनि के कमजोर होने पर व्यक्ति गलत संगत में पड़ सकता है और उसकी निर्णय क्षमता भी प्रभावित होती है।
1. कामों में रुकावट और धन की परेशानी
2. स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं
- समय से पहले बाल झड़ना
- आंखों की रोशनी कमजोर होना
- कान या हड्डियों से संबंधित परेशानी
3. आलस्य और मानसिक तनाव
- अत्यधिक आलस्य और काम में मन न लगना
- जोड़ों में दर्द, थकान
- तनाव, चिंता और अवसाद जैसी मानसिक समस्याएं
4. रिश्तों में तनाव
- वैवाहिक जीवन में अनबन
- प्रेम संबंधों में दूरी
- दोस्तों और सहयोगियों से धोखा या मनमुटाव
5. सफलता में बाधा
- बने हुए कामों का बिगड़ जाना
- मेहनत के बाद भी परिणाम न मिलना
- धन-संपत्ति का धीरे-धीरे कम होना
- शास्त्रों में शनि को मजबूत करने के कुछ सरल उपाय बताए गए हैं
- शनि देव मेहनती, ईमानदार और न्यायप्रिय लोगों पर जल्दी प्रसन्न होते हैं
- शनिवार के दिन काले तिल और सरसों के तेल का दान करें
- हर शनिवार पीपल के पेड़ की पूजा करें और उसके नीचे दीपक जलाएं
- गरीबों, बुजुर्गों और जरूरतमंदों की सहायता करें
- झूठ, छल और गलत कार्यों से दूरी बनाएं
- परिश्रम और अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाएं
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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