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साल 2027 में कब और किस राशि में शनि करेंगे गोचर, जानिए किसे फायदा और किसको करेंगे परेशान
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: Vinod Shukla
Updated Sat, 25 Apr 2026 02:29 PM IST
सार
शनि एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते है, फिर इसके बाद राशि परिवर्तन करते हैं। साल 2027 में शनि राशि परिवर्तन करेंगे जिससे तीन राशियों पर साढ़ेसाती का प्रभाव कैसा रहेगा। आइए जानते हैं।
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shani gochar 2027
- फोटो : अमर उजाला
ज्योतिष में शनि का विशेष स्थान माना गया है। शनि के प्रभाव से व्यक्ति अपने जीवन में जहां ऊंचे मुकाम हासिल करता है वहीं शनि की अशुभ द्दष्टि से व्यक्ति के जीवन में कई तरह की परेशानियों को बढ़ा भी देता है। सभी ग्रहों में शनि सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। ये करीब ढाई वर्षों में राशि बदलते हैं यानी एक एक राशि में काफी लंबे समय तक रहते हैं जिसके कारण इनका शुभ-अशुभ प्रभाव काफी लंबे समय तक रहता है। आइए जानते हैं शनि का चाल साल 2027 में कैसे रहेगी। सभी राशियों के साथ-साथ देश-दुनिया पर इसका कैसा प्रभाव होगा और किन राशियों के लिए अच्छे दिन शुरू होंगे और किनको तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
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- फोटो : adobe stock
साल 2027 में शनि का राशि परिवर्तन
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 03 जून 2027 को शनि ढाई वर्षों बाद मीन राशि से निकलकर मेष राश में गोचर करेंगे, जहां ये अगले ढाई वर्षो तक इसी राशि में रहेंगे। वर्ष 2027 में शनि मेष राशि में गोचर करने से कुछ राशि वालों के लिए शुभ तो कुछ के लिए कष्टकारी साबित हो सकते हैं।
साल 2027 में साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव
साल 2027 में शनि के मेष राशि में गोचर करने से साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव नई राशियों शुरू होगा तो वहीं कुछ को इससे छुटकारा मिल सकता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 03 जून 2027 को शनि ढाई वर्षों बाद मीन राशि से निकलकर मेष राश में गोचर करेंगे, जहां ये अगले ढाई वर्षो तक इसी राशि में रहेंगे। वर्ष 2027 में शनि मेष राशि में गोचर करने से कुछ राशि वालों के लिए शुभ तो कुछ के लिए कष्टकारी साबित हो सकते हैं।
साल 2027 में साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव
साल 2027 में शनि के मेष राशि में गोचर करने से साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव नई राशियों शुरू होगा तो वहीं कुछ को इससे छुटकारा मिल सकता है।
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वृषभ राशि
- फोटो : amar ujala
वृषभ राशि पर साढ़ेसाती
शनि के वर्ष 2027 में राशि परिवर्तन करने से वृषभ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू होगा। इस दौरान आपकी जिम्मेदारियों में वृद्धि और आपको संयम रखना होगा।
शनि के वर्ष 2027 में राशि परिवर्तन करने से वृषभ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू होगा। इस दौरान आपकी जिम्मेदारियों में वृद्धि और आपको संयम रखना होगा।
मेष राशि
- फोटो : amar ujala
मेष राशि पर साढ़ेसाती
शनि के वर्ष 2027 में गोचर करने से मेष राशि वालों पर इस समय चल रही साढ़ेसाती का पहला चरण खत्म हो जाएगा और दूसरे चरण की शुरुआत होगी। इस चरण में आपको कई तरह के परेशानियों से जूझना होगा। साथ ही आपको नए तरह के अनुभवों का लाभ आपको मिलेगा।
शनि के वर्ष 2027 में गोचर करने से मेष राशि वालों पर इस समय चल रही साढ़ेसाती का पहला चरण खत्म हो जाएगा और दूसरे चरण की शुरुआत होगी। इस चरण में आपको कई तरह के परेशानियों से जूझना होगा। साथ ही आपको नए तरह के अनुभवों का लाभ आपको मिलेगा।
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मीन राशि
- फोटो : amar ujala
मीन राशि पर साढ़ेसाती
वर्ष 2027 में शनि के मेष राशि में गोचर करने से मीन राशि वालों के लिए अंतिम चरण शुरू होगा। जिसमें आपके जीवन में कई तरह के महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
शनि गोचर का प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र में शनि को न्याय और कर्मफलदाता माना गया है। शनिदेव व्यक्तियों को उनके कर्मों के आधार पर ही फल देते हैं। यानि अच्छे कर्म करने पर अच्छा फल और बुरे कर्म करने पर बुरा फल प्रदान करते हैं। शनि के गोचर का प्रभाव सभी राशियों के जातकों पर जरूर पड़ता है। ऐसे सभी को धैर्य और संयम के साथ लेने की आवश्यकता है। साल 2027 में शनि के गोचर करने से कुंभ राशि वालों पर से साढ़ेसाती खत्म होगी। मीन, मेष और वृषभ राशि वालों पर साढ़ेसाती के अलग-अलग चरण शुरू होंगे।
वर्ष 2027 में शनि के मेष राशि में गोचर करने से मीन राशि वालों के लिए अंतिम चरण शुरू होगा। जिसमें आपके जीवन में कई तरह के महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
शनि गोचर का प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र में शनि को न्याय और कर्मफलदाता माना गया है। शनिदेव व्यक्तियों को उनके कर्मों के आधार पर ही फल देते हैं। यानि अच्छे कर्म करने पर अच्छा फल और बुरे कर्म करने पर बुरा फल प्रदान करते हैं। शनि के गोचर का प्रभाव सभी राशियों के जातकों पर जरूर पड़ता है। ऐसे सभी को धैर्य और संयम के साथ लेने की आवश्यकता है। साल 2027 में शनि के गोचर करने से कुंभ राशि वालों पर से साढ़ेसाती खत्म होगी। मीन, मेष और वृषभ राशि वालों पर साढ़ेसाती के अलग-अलग चरण शुरू होंगे।
