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अस्पताल के चक्कर और बढ़ते मेडिकल बिल! कहीं ये ग्रह तो नहीं कर रहे परेशान?

Thu, 02 Jul 2026 10:38 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: श्वेता सिंह Updated Thu, 02 Jul 2026 10:38 AM IST
सार

क्या बढ़ते मेडिकल खर्चों के पीछे शनि, राहु और केतु जैसे ग्रह जिम्मेदार हो सकते हैं? जानें ज्योतिष क्या कहता है, कौन से ग्रह बढ़ाते हैं दवाइयों और डॉक्टरों का खर्च और क्या हैं इसके उपाय।

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The Astrological Connection Between Rising Medical Bills and Planetary Movements
Astrology and Health - फोटो : adobe stock

आज के समय में लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय बढ़ता हुआ स्वास्थ्य खर्च है। दवाइयों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, डॉक्टरों की फीस में इजाफा हो रहा है और अस्पतालों के बिल आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रहे हैं। ऐसे में यह सवाल अक्सर उठता है कि क्या यह सिर्फ महंगाई का असर है या इसके पीछे कोई ज्योतिषीय कारण भी हो सकता है? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, व्यक्ति के जीवन में ग्रहों की स्थिति केवल उसके स्वभाव और भाग्य को ही नहीं, बल्कि उसके स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति को भी प्रभावित कर सकती है। विशेष रूप से कुछ ग्रहों को स्वास्थ्य और अचानक खर्चों से जोड़कर देखा जाता है। जब ये ग्रह अशुभ स्थिति में होते हैं, तो व्यक्ति को न केवल बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है, बल्कि इलाज पर होने वाला खर्च भी तेजी से बढ़ सकता है।

The Astrological Connection Between Rising Medical Bills and Planetary Movements
ज्योतिष में स्वास्थ्य खर्च बढ़ाने वाले प्रमुख ग्रह - फोटो : adobe stock

ज्योतिष में स्वास्थ्य खर्च बढ़ाने वाले प्रमुख ग्रह

शनि ग्रह का प्रभाव
शनि को ज्योतिष में न्याय और कर्म का ग्रह माना जाता है, लेकिन यह दीर्घकालिक बीमारियों और धीमी रिकवरी का भी कारक माना जाता है। जब शनि अशुभ स्थिति में होता है, तो व्यक्ति को लंबे समय तक चलने वाली स्वास्थ्य समस्याएं परेशान कर सकती हैं। ऐसे में बार-बार डॉक्टरों के पास जाना, लगातार दवाइयों का सेवन और जांचों का खर्च बढ़ जाता है।

राहु ग्रह का प्रभाव
राहु को भ्रम, अचानक घटनाओं और रहस्यमय बीमारियों का ग्रह माना जाता है। इसके प्रभाव से ऐसी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं जिनका तुरंत पता लगाना मुश्किल होता है। सही इलाज में देरी होने के कारण खर्च तेजी से बढ़ सकता है और मानसिक तनाव भी बढ़ता है।
केतु ग्रह का प्रभाव
केतु को आध्यात्मिकता और अलगाव का ग्रह माना जाता है, लेकिन यह मानसिक तनाव और अज्ञात रोगों से भी जुड़ा होता है। इसके अशुभ प्रभाव में व्यक्ति को बार-बार जांच करवानी पड़ सकती है और मानसिक अस्थिरता के कारण स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ सकता है।

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शनि शांति के लिए शनिवार के दिन जरूरतमंदों को काले तिल, उड़द दाल या काले कपड़े दान करें। - फोटो : adobe stock

ज्योतिषीय उपाय और सावधानियां 

  • नियमित रूप से सुबह-शाम प्रार्थना करें और अपने इष्ट देव का ध्यान करें। 
  • प्रतिदिन कुछ समय ध्यान और प्राणायाम के लिए निकालें। 
  • शनि शांति के लिए शनिवार के दिन जरूरतमंदों को काले तिल, उड़द दाल या काले कपड़े दान करें। 
  • राहु-केतु शांति के लिए मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।  
  • मानसिक तनाव से बचने के लिए सकारात्मक सोच और शांत जीवनशैली अपनाएं। 
  • नियमित दिनचर्या बनाए रखें और देर रात तक जागने से बचें। 
  • संतुलित और सात्विक भोजन का सेवन करें। 
  • समय पर डॉक्टर से जांच और इलाज करवाने में लापरवाही न करें। 
  • गुस्सा और नकारात्मक विचारों को नियंत्रित करें। 
  • गुरुवार के दिन पीले वस्त्र पहनना और दान करना शुभ माना जाता है। 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

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