हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना गया है। प्रत्येक माह शुक्ल और कृष्ण पक्ष में एक-एक एकादशी आती है, यानी वर्षभर में कुल 24 एकादशी मनाई जाती हैं। इनमें आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं और यहीं से चातुर्मास का शुभारंभ होता है। चातुर्मास के दौरान विवाह, गृह प्रवेश, सगाई, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्यों को स्थगित रखा जाता है। हालांकि, इस अवधि में भगवान की भक्ति, जप, तप, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व बताया गया है। वर्ष 2026 में चातुर्मास का समापन देवउठनी एकादशी (20 नवंबर 2026) के दिन होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी माता भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय हैं। इसलिए देवशयनी एकादशी पर तुलसी की विधिपूर्वक पूजा और कुछ विशेष उपाय करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में।
Devshayani Ekadashi: तुलसी के इन उपायों से दूर होगी आर्थिक तंगी, बरसेगी विष्णु कृपा
Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन तुलसी से जुड़े कुछ विशेष उपाय करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।
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देवशयनी एकादशी पर करें तुलसी के ये उपाय
• तुलसी के पास दीपक जलाएं
देवशयनी एकादशी के दिन तुलसी के समीप 11, 21 या 51 दीपक प्रज्वलित करें और श्रद्धापूर्वक तुलसी चालीसा का पाठ करें। ऐसी मान्यता है कि इससे करियर और व्यापार में आ रही बाधाएं दूर होती हैं तथा सफलता के नए मार्ग खुलते हैं।
• तुलसी माता का श्रृंगार करें
इस शुभ अवसर पर तुलसी माता को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें। मान्यता है कि इससे दांपत्य जीवन में प्रेम, सौहार्द और खुशहाली बनी रहती है। पति-पत्नी के बीच चल रहे मतभेद दूर होते हैं और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
• तुलसी पर कलावा अर्पित करें
देवशयनी एकादशी के दिन तुलसी के पौधे पर श्रद्धापूर्वक कलावा बांधें या अर्पित करें। ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सुख-समृद्धि तथा पारिवारिक शांति बनी रहती है।
• तुलसी की परिक्रमा और मंत्र जाप करें
तुलसी पूजन के बाद 11 या 21 बार परिक्रमा करें और 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें। धार्मिक मान्यता है कि इससे जीवन की विघ्न-बाधाएं दूर होती हैं और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- देवशयनी एकादशी के दिन तुलसी के पौधे में जल अर्पित न करें।
- इस दिन तुलसी के पत्ते तोड़ने से भी बचें।
- यदि पूजा या भोग के लिए तुलसी दल की आवश्यकता हो, तो उसे एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें।
- तुलसी पूजन श्रद्धा, स्वच्छता और विधि-विधान के साथ करें, तभी इसका शुभ फल प्राप्त होता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।