देशभर में अभी तक कोरोनावायरस से संक्रमण के 34 मामले सामने आ चुके हैं। दुनियाभर में अभी तक एक लाख से ज्यादा लोग इस वायरस से प्रभावित हैं और 3300 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। वहीं भारत की बात करें तो स्थिति इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि यहां साफ-सफाई को लेकर जागरूकता कम है। संक्रमण का खतरा हर जगह बना हुआ है। ऐसे में अगर आप ओला-ऊबर जैसी टैक्सी सर्विस का इस्तेमाल करते हैं तो हम आपको बता रहे हैं कि इस दौरान क्या-क्या सावधानी रखें।
कोरोनावायरसः अगर OLA UBER में करते हैं सफर, तो बरतें ये सावधानियां
संपर्क से फैलता है वायरस
देशभर में हजारों कामकाजी लोग रोजाना टैक्सी के तौर पर ओला-ऊबर का इस्तेमाल करते हैं। वहीं कोरोनावायरस शारीरिक संपर्क (हाथ मिलाने, गले मिलने जैसे क्रियाकलाप) बिना मुंह ढके छींकने, खांसने, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में रहने पर यह वायरस फैलता है।
टैक्सी में इन पार्ट्स से होता हैं संपर्क
दरअसल, टैक्सी लेने से पहले आप इसके फिजिकल कॉन्टैक्ट में आते हैं। इस दौरान आप बाहर और अंदर के डोर हैंडल्स, पावर विंडो बटन, विंडो बंद करने और खोलने के लीवर और सीट के सीधे संपर्क में आते हैं। इसके अलावा एसी नॉब, वेंट्स और बटन भी छूते हैं। सफर में ना जाने कितनी बार आप इन्हें एडजस्ट करते हैं। ऐसा करने वाले आप अकेले नहीं होते हैं, दिनभर में कई लोग इन्हें छूते हैं। ऐसे में अगर किसी संक्रमित व्यक्ति ने इन्हें छुआ होगा, तो यह आपके लिए खतरनाक हो सकता है।
#coronavirusinindia @Olacabs @UberINSupport please sensitise your drivers to keep cars clean and to use masks or hankies! Most cabs are dirty and coughing drivers don’t cover their mouths either!— Smriti Jain (@Smriti_j22) March 5, 2020
ड्राइवर कर सकता है इंकार
ओला-ऊबर टैक्सी ट्राइवरों को चाहिए कि वे मास्क और रूमाल का इस्तेमाल करें, क्योंकि संक्रमित व्यक्ति से संक्रमण उन्हें भी फैल सकता है। यह बीमारी खांसी और छींकने से भी फैलती है। हालांकि ऊबर ने निर्देश जारी कर कहा है कि अगर ड्राइवर को किसी व्यक्ति के कोरोना से संक्रमित होने का अंदेशा है तो वह उसे बिठाने से इंकार कर सकता है। कंपनी ने ड्राइवर को छूट दे दी है कि वह शक के आधार पर ट्रिप को कैंसिल कर सकता है।
ड्राइवर अपने साथ रखें ये सामान
हालांकि ऑनलाइन कैब सर्विस उपलब्ध कराने वाली कंपनी ऊबर ने कोरोनावायरस से लड़ने को लेकर अपनी प्रतिबद्धिता दिखाई है। लेकिन कंपनी को अपने ड्राइवरों को निर्देश देना चाहिए कि वे अपनी गाड़ी में सैनिटाइजर की बोतल जरूर रखें। साथ ही अगर ड्राइवर डिस्पोजल हैंड ग्लव्स के साथ सर्जिकल मास्क रखते हैं, तो यह निश्चित तौर पर ग्राहकों की बेहतरी के लिए सराहनीय कदम होगा। वहीं, सवारियों को भी चाहिए कि वे अपने साथ डिस्पोजेबल हैंड ग्लव्स और न्यूजपेपर्स रखें, ताकि आमतौर पर छुए जाने वाले पार्ट्स के संपर्क में आने से बचे रहें। वहीं पुराने न्यूजपेपर्स को वे सीट पर बिछा सकते हैं। साथ ही राइड के बाद हाथों को सैनिटाइज जरूर करें। ऐसे सैनिटाइजर इस्तेमाल किए जाएं जिनमें अल्कोहल का पीएच लेवल 50 से ज्यादा हो।