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Delhi EV Policy: दिल्ली सरकार ने बनाई 10 सदस्यों की कमेटी, नई ईवी नीति का मसौदा करेगी तैयार
Sat, 17 May 2025 06:53 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 17 May 2025 06:53 PM IST
सार
दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) नीति का मसौदा तैयार करने के लिए 10 सदस्यों की एक विशेषज्ञ समिति गठित की है। इस कमेटी में सरकारी अधिकारी, तकनीकी जानकार और ट्रांसपोर्ट से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हैं।
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Electric Car Charging
- फोटो : Freepik
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दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) नीति का मसौदा तैयार करने के लिए 10 सदस्यों की एक विशेषज्ञ समिति गठित की है। इस कमेटी में सरकारी अधिकारी, तकनीकी जानकार और ट्रांसपोर्ट से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हैं। इसका मकसद है नई ईवी पॉलिसी को ज्यादा व्यावहारिक, आधुनिक और दिल्ली की जरूरतों के अनुसार बनाना।
Electric Car
- फोटो : Freepik
फ्लाईओवर के नीचे बनेंगे चार्जिंग स्टेशन
डॉक्युमेंट के अनुसार, समिति को यह भी जांच करनी होगी कि फ्लाईओवर के नीचे ईवी चार्जिंग स्टेशन कैसे स्थापित किए जा सकते हैं और हर साल कितने प्राइवेट और सेमी-पब्लिक चार्जिंग प्वाइंट्स बनाए जा सकते हैं, इसके लिए टारगेट तय किए जाएंगे।
भविष्य की जरूरतों का होगा प्लान
जैसे-जैसे दिल्ली में ईवी गाड़ियों की संख्या बढ़ेगी, उसके लिए जमीन की जरूरत भी बढ़ेगी। समिति को इस बात की योजना बनानी होगी कि आने वाले सालों में ईवी इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए जमीन कैसे आवंटित की जाए और इसका उल्लेख नीति में साफ तौर पर किया जाए।
यह भी पढ़ें - 2025 Suzuki Avenis: नया 2025 सुजुकी एवेनिस स्कूटर भारत में लॉन्च, अब OBD-2B मानकों के अनुसार तैयार, जानें कीमत और फीचर्स
डॉक्युमेंट के अनुसार, समिति को यह भी जांच करनी होगी कि फ्लाईओवर के नीचे ईवी चार्जिंग स्टेशन कैसे स्थापित किए जा सकते हैं और हर साल कितने प्राइवेट और सेमी-पब्लिक चार्जिंग प्वाइंट्स बनाए जा सकते हैं, इसके लिए टारगेट तय किए जाएंगे।
भविष्य की जरूरतों का होगा प्लान
जैसे-जैसे दिल्ली में ईवी गाड़ियों की संख्या बढ़ेगी, उसके लिए जमीन की जरूरत भी बढ़ेगी। समिति को इस बात की योजना बनानी होगी कि आने वाले सालों में ईवी इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए जमीन कैसे आवंटित की जाए और इसका उल्लेख नीति में साफ तौर पर किया जाए।
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Electric Car
- फोटो : Freepik
कौन-कौन हैं इस कमेटी में?
इस समिति में कई बड़े नाम और विशेषज्ञ शामिल हैं -
यह भी पढ़ें - Electric Car: भारत ने नेपाल को दी 15 टाटा कर्व इलेक्ट्रिक कारें, जानें इसके पीछे क्या है वजह
इस समिति में कई बड़े नाम और विशेषज्ञ शामिल हैं -
- के. रामचंद्र राव (IIT दिल्ली, ट्रांसपोर्टेशन रिसर्च और इंजरी प्रिवेंशन सेंटर के हेड)
- सुधेन्दु ज्योति सिन्हा (नीति आयोग के सलाहकार)
- दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (DTC) के मैनेजिंग डायरेक्टर
- ट्रांसपोर्ट विभाग के वरिष्ठ अधिकारी
- पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के प्रतिनिधि
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- फोटो : Freepik
महिलाओं को मिलेगी सब्सिडी पर खास प्राथमिकता
कमेटी को मौजूदा ईवी नीति में सब्सिडी मिलने में हो रही देरी की भी जांच करनी है। इसके साथ ही यह भी तय करना होगा कि महिलाओं को कितनी संख्या में सब्सिडी मिली और आगे उन्हें कितनी सब्सिडी दी जानी चाहिए।
यह भी पढ़ें - Stellantis-Renault: स्टेलेंटिस के चेयरमैन ने रेनो के साथ विलय की बातचीत से किया इनकार
ईवी नीति की अब तक की स्थिति
ईवी नीति सबसे पहले अगस्त 2020 में पिछली आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा लॉन्च की गई थी। इसका मकसद था दिल्ली में प्रदूषण कम करना और 2024 तक 25 प्रतिशत वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलना। यह नीति अगस्त 2023 में खत्म हो गई थी, लेकिन सरकार ने इसे कई बार आगे बढ़ाया है। 16 अप्रैल को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इसे तीन महीने के लिए और बढ़ाया गया।
यह भी पढ़ें - Trump Tariffs: ट्रंप की टैरिफ नीति का असर, अप्रैल में अमेरिका की मैन्युफैक्चरिंग में आई गिरावट
कमेटी को मौजूदा ईवी नीति में सब्सिडी मिलने में हो रही देरी की भी जांच करनी है। इसके साथ ही यह भी तय करना होगा कि महिलाओं को कितनी संख्या में सब्सिडी मिली और आगे उन्हें कितनी सब्सिडी दी जानी चाहिए।
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ईवी नीति की अब तक की स्थिति
ईवी नीति सबसे पहले अगस्त 2020 में पिछली आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा लॉन्च की गई थी। इसका मकसद था दिल्ली में प्रदूषण कम करना और 2024 तक 25 प्रतिशत वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलना। यह नीति अगस्त 2023 में खत्म हो गई थी, लेकिन सरकार ने इसे कई बार आगे बढ़ाया है। 16 अप्रैल को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इसे तीन महीने के लिए और बढ़ाया गया।
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भीड़भाड़ वाले इलाकों में लास्ट-माइल कनेक्टिविटी पर भी काम
समिति को यह भी देखना होगा कि भीड़भाड़ वाले और अनधिकृत इलाकों में जनता की सुविधा के लिए मिनी कैब्स और ई-रिक्शा कैसे चलाए जा सकते हैं। कमेटी उन रूट्स की पहचान करेगी जहां परमिट दिए जा सकते हैं, कितने ई-ऑटो रिक्शा और मैक्सी कैब्स चल सकती हैं और वहां चार्जिंग स्टेशन कहां बनाए जाएं।
हर 15 दिन में देनी होगी रिपोर्ट
कमेटी को हर 15 दिन में ट्रांसपोर्ट मंत्री पंकज सिंह को अपनी प्रगति रिपोर्ट सौंपनी होगी, जिससे काम की निगरानी सही ढंग से होती रहे और समय पर जरूरी बदलाव किए जा सकें।
यह भी पढ़ें - MegaCharger: भारतीय शहरों और हाईवे पर पहले 10 मेगाचार्जर स्टेशन की हुई शुरुआत, जानें कहां होगी सहूलियत
समिति को यह भी देखना होगा कि भीड़भाड़ वाले और अनधिकृत इलाकों में जनता की सुविधा के लिए मिनी कैब्स और ई-रिक्शा कैसे चलाए जा सकते हैं। कमेटी उन रूट्स की पहचान करेगी जहां परमिट दिए जा सकते हैं, कितने ई-ऑटो रिक्शा और मैक्सी कैब्स चल सकती हैं और वहां चार्जिंग स्टेशन कहां बनाए जाएं।
हर 15 दिन में देनी होगी रिपोर्ट
कमेटी को हर 15 दिन में ट्रांसपोर्ट मंत्री पंकज सिंह को अपनी प्रगति रिपोर्ट सौंपनी होगी, जिससे काम की निगरानी सही ढंग से होती रहे और समय पर जरूरी बदलाव किए जा सकें।
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