2020 में लॉन्च हुई गाड़ियों में कई नए फीचर देखने को मिले थे। इनमें से कई फीचर ऐसे थे कि जो सरकार ने 2019 में ही लागू कर दिए थे, और कंपनियों ने धीरे-धीरे देना शुरू किया। हाल में सरकार ने कहा है कि ऑटो कंपनियां कारों में दोनों फ्रंट सीटों के लिए एयरबैग्स देना अनिवार्य करे। इससे पहले कंपनियां बेस मॉडल में केवल एक ड्राइव साइड एयरबैग्स देती है। वहीं सरकार ने एक्सीडेंट के दौरान कार के दरवाजों के ऑटोलॉक होने की स्थिति से मैनुअल तरीके से खोलने का प्रावधान रखा है। आइए जानते हैं 2021 में कारों में कौन-कौन से बदलाव देखने को मिलेंगे।
सरकार अनिवार्य करने वाली है कारों में ये सेफ्टी फीचर्स, इनमें से कुछ मिल सकते हैं 2021 में
ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग
हाल ही में एमजी मोटर ने देश की पहली ऑटोनोमस लेवल-1 कार लॉन्च की है। इसमें एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) के साथ एडॉप्टिव क्रूज कंट्रोल (ACC), लेन डिपार्चर वार्निंग (LDW), ब्लाइंड स्पॉट डिटेक्शन (BSD), ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग (AEB) और फॉरवर्ड कोलिजन वार्निंग (FCW) के साथ ऑटोमेटिक पार्किंग असिस्ट जैसे कई फीचर दिए गए हैं। लेकिन ADAS फीचर रोड सेफ्टी में बेहद कारगर है। अगर सड़क पर चलने वाली सभी गाड़ियों में ऑटोमैटिक इमरजेंसी का फीचर हो, तो सड़क हादसों की संख्या घट कर न्यूनतम हो जाएगी। कंपनियों के ये फीचर सभी वैरियंट्स में स्टैंडर्ड देना चाहिए।
सेंसर के साथ रिअर कैमरा
2019 में लागू भारत NCAP क्रेश टेस्ट प्रोग्राम के तहत फिलहाल कारों में रिअर सेंसर देना अनिर्वाय है। कारों के बेस वैरियंट में यह स्टैंडर्ड मिलता है, लेकिन कंपनियां 2021 में बेस वैरियंट्स में भी सेंसर के साथ कैमरा देना शुरू सकती हैं। इससे कम स्पेस में भी आसानी से पार्किंग हो जाती है।
टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम
जब से ट्यूबलेस टायर आए हैं तो कारों में पंक्चर होने का पता ही नहीं चलता है। वहीं लाइफ बिजी होने से टायर में एयर प्रेशर भी चेक करवाना भूल जाते हैं। लेकिन टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम बेहद अहम टूल है। फिलहाल कार कंपनियां केवल टॉप वैरियंट्स में ही ये फीचर दे रही हैं। लेकिन इसकी व्यापकता को देखते हुए सभी कारों में स्टैंडर्ड ये फीचर मिलना चाहिए।
ऑटो डोर लॉक/अनलॉक
मौजूदा समय में आ रही कारों में स्पीड सेंसिंग ऑटो लॉक सिस्टम मिलता है। लेकिन कार स्टार्ट करने के बाद कारों में ऑटो डोर लॉक-अनलॉक का फीचर होना चहिए। वहीं कोई भी दुर्घटना, आग लगने या पावर ब्रेकिंग पर ऑटो अनलॉक का फीचर होना चाहिए। सरकार भी डोर जामिंग की समस्या से निजात पाने के लिए ड्राफ्ट तैयार कर रही है। संभव है कि अगले साल से नई कारों में यह फीचर देखने को मिले।