भारत का इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बाजार वित्त वर्ष 2026 के अंत में शानदार प्रदर्शन के साथ बंद हुआ। मार्च महीने में इलेक्ट्रिक कार और दोपहिया वाहनों की बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जिसे उद्योग विशेषज्ञों ने मजबूत मांग और नए लॉन्च का परिणाम बताया है।
EV: उद्योग ने कहा- मार्च में ईवी की रिकॉर्ड बिक्री मांग में तेजी के कारण हुई, न कि ईंधन की चिंताओं के चलते
भारत का इलेक्ट्रिक वाहन बाजार FY26 में शानदार स्थिति में रहा; मार्च में इलेक्ट्रिक कारों और दोपहिया वाहनों की बिक्री ने मासिक बिक्री के सभी पिछले रिकॉर्ड तोड़ दिए। इसकी मुख्य वजह लगातार बनी रही मांग और बाजार में लॉन्च हुए नए उत्पाद थे।
क्या यह बढ़त ईंधन संकट की वजह से है?
उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि ईवी बिक्री में बढ़ोतरी का मुख्य कारण ईंधन संकट नहीं, बल्कि बेहतर प्रोडक्ट उपलब्धता, कीमत और वैल्यू है।
मार्च का उछाल साल के अंत में बढ़ी हुई मांग का परिणाम है, न कि किसी तात्कालिक ईंधन चिंता का।
पूरे साल EV बाजार का प्रदर्शन कैसा रहा?
वित्त वर्ष 2026 में इलेक्ट्रिक कारों की कुल बिक्री 1,87,549 यूनिट्स रही, जबकि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री 13,92,787 यूनिट्स तक पहुंच गई।
साल के अंतिम तिमाही (जनवरी-मार्च) में सबसे ज्यादा बिक्री हुई, जहां कारों की बिक्री 53,731 यूनिट्स और दोपहिया की 4,25,462 यूनिट्स रही।
क्या मार्च का योगदान सबसे ज्यादा रहा?
मार्च महीने ने कुल वार्षिक बिक्री में बड़ा योगदान दिया।
इलेक्ट्रिक कारों की सालाना बिक्री में करीब 11.5 प्रतिशत और दोपहिया वाहनों में लगभग 13.7 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले मार्च की रही।
क्या नए मॉडल्स ने बिक्री को बढ़ाया?
विशेषज्ञों के अनुसार, नए मॉडल्स की लॉन्चिंग ने बाजार को बड़ा बढ़ावा दिया।
मारुति सुजुकी की e Vitara, Mahindra & Mahindra की XEV 9S और टाटा मोटर्स की Punch.ev जैसे नए मॉडल्स ने ग्राहकों को आकर्षित किया।
इनकी वजह से ईवी बाजार में विकल्प बढ़े हैं और ग्राहकों की दिलचस्पी भी बढ़ी है।
क्या सरकारी नीतियों का भी असर दिख रहा है?
सरकार की नीतियां भी ईवी अपनाने में मदद कर रही हैं।
भारी उद्योग मंत्रालय ने PM E-DRIVE Scheme (पीएम ई-ड्राइव स्कीम) के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए सब्सिडी की अवधि 31 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी है।इससे बाजार को और समर्थन मिलने की उम्मीद है।
क्या आगे भी EV बाजार में तेजी बनी रहेगी?
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती जागरूकता, नए उत्पादों और सरकारी समर्थन के चलते ईवी बाजार की ग्रोथ आगे भी जारी रह सकती है।
हालांकि ईंधन कीमतों और वैश्विक परिस्थितियों का असर धीरे-धीरे दिख सकता है। लेकिन फिलहाल बाजार की तेजी मजबूत मांग पर आधारित है।