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FTA: भारत ने लग्जरी गाड़ियों पर घटाई आयात शुल्क, लेकिन सभी गाड़ियों पर नहीं मिलेगी राहत, जानें डिटेल्स
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 28 May 2025 05:42 PM IST
सार
भारत सरकार ने विदेशी गाड़ियों के आयात पर लगने वाले भारी-भरकम टैक्स यानी ड्यूटी को 100 प्रतिशत से घटाकर सिर्फ 10 प्रतिशत कर दिया है, लेकिन ये राहत हर तरह की गाड़ियों के लिए नहीं है।
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Luxury Cars
- फोटो : Adobe Stock
भारत सरकार ने विदेशी गाड़ियों के आयात पर लगने वाले भारी-भरकम टैक्स यानी ड्यूटी को 100 प्रतिशत से घटाकर सिर्फ 10 प्रतिशत कर दिया है, लेकिन ये राहत हर तरह की गाड़ियों के लिए नहीं है। ये फैसला मुख्य रूप से प्रीमियम सेगमेंट की गाड़ियों पर लागू होगा, यानी महंगी और लग्जरी गाड़ियों को ही इसका फायदा मिलेगा। ये भी साफ किया गया है कि इस छूट के साथ कुछ तय सीमा यानी कोटा सिस्टम भी लागू किया गया है।
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- फोटो : Land Rover
भारत अब दुनिया का चौथा सबसे बड़ा वाहन निर्माता देश
बीते कुछ सालों में भारत ने ऑटोमोबाइल निर्माण के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। अब भारत चीन, अमेरिका और जापान के बाद दुनिया का चौथा सबसे बड़ा वाहन निर्माता बन गया है, जहां हर साल करीब 60 लाख गाड़ियां बनती हैं।
छूट सभी गाड़ियों पर नहीं, इंजन और कीमत पर होगी निर्भर
सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि यूनाइटेड किंगडम के साथ हुए समझौते में जो छूट दी गई है, वह बहुत बारीक है। इसका मतलब है कि गाड़ियों के इंजन की क्षमता और उनकी कीमत के हिसाब से ही ड्यूटी में राहत मिलेगी। यानी सस्ती और कम इंजन पावर वाली गाड़ियों को शायद ये फायदा नहीं मिलेगा। सरकार का कहना है कि ऑटो सेक्टर में बहुत सारे तकनीकी और व्यावसायिक पहलू होते हैं, इसलिए छूट भी उसी हिसाब से दी गई है।
यह भी पढ़ें - Road Accidents: इस भारतीय राज्य में 2025 में अब तक हुईं 13,000 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं, जिनमें लगभग 7,700 मौतें दर्ज
बीते कुछ सालों में भारत ने ऑटोमोबाइल निर्माण के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। अब भारत चीन, अमेरिका और जापान के बाद दुनिया का चौथा सबसे बड़ा वाहन निर्माता बन गया है, जहां हर साल करीब 60 लाख गाड़ियां बनती हैं।
छूट सभी गाड़ियों पर नहीं, इंजन और कीमत पर होगी निर्भर
सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि यूनाइटेड किंगडम के साथ हुए समझौते में जो छूट दी गई है, वह बहुत बारीक है। इसका मतलब है कि गाड़ियों के इंजन की क्षमता और उनकी कीमत के हिसाब से ही ड्यूटी में राहत मिलेगी। यानी सस्ती और कम इंजन पावर वाली गाड़ियों को शायद ये फायदा नहीं मिलेगा। सरकार का कहना है कि ऑटो सेक्टर में बहुत सारे तकनीकी और व्यावसायिक पहलू होते हैं, इसलिए छूट भी उसी हिसाब से दी गई है।
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2025 Aston Martin Vanquish
- फोटो : Aston Martin
भारत-UK समझौते से व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार
6 मई को भारत और ब्रिटेन ने अपने FTA समझौते की बातचीत पूरी होने की घोषणा की थी। इस समझौते से भारतीय कंपनियों को अपने 99 प्रतिशत सामान यूके में भेजने पर टैक्स नहीं देना होगा। वहीं ब्रिटिश कंपनियां व्हिस्की, कारें और दूसरे सामान भारत में आसानी से बेच पाएंगी। इससे दोनों देशों के व्यापार में तेजी आने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें - Car Features: भारतीय कार खरीदारों को चाहिए ये 5 जरूरी फीचर्स, ADAS और 6 एयरबैग नहीं हैं लिस्ट में टॉप पर
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Rolls-Royce Ghost Series II
- फोटो : Rolls-Royce
भारत का यूके को एक्सपोर्ट, अब होगा ज्यादातर टैक्स फ्री
2024 में भारत ने यूके को करीब 13.5 अरब डॉलर का सामान एक्सपोर्ट किया था। इसमें से लगभग 6 अरब डॉलर यानी 44 प्रतिशत सामान - जैसे कपड़े, जूते, कालीन, गाड़ियां, मछली और फलों (जैसे अंगूर और आम), अब बिना किसी टैक्स के यूके भेजे जा सकेंगे।
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Jaguar I-Pace
- फोटो : Jaguar
यूके को भी मिलेगा बड़ा फायदा
थिंक टैंक जीटीआरआई ने कहा, "यूके को एफटीए से काफी लाभ होगा। यूके की लगभग 93 प्रतिशत चीजें जब भारत में आती थीं, तो उन पर मध्यम से लेकर भारी टैक्स लगता था। लेकिन इस नए समझौते के तहत भारत धीरे-धीरे यूके के 90 प्रतिशत उत्पादों पर टैक्स कम करेगा। शुरुआत में 64 प्रतिशत चीजें पहले ही दिन टैक्स-फ्री हो जाएंगी।
जैसे सैल्मन मछली, भेड़ का मांस, हवाई जहाज के पार्ट्स, मशीनें और इलेक्ट्रॉनिक्स। अगले 10 वर्षों में भारत बाकी 26 प्रतिशत सामान जैसे चॉकलेट, सॉफ्ट ड्रिंक, कॉस्मेटिक्स और ऑटो पार्ट्स पर टैक्स धीरे-धीरे घटाएगा। हालांकि एक खास बात ये भी है कि चांदी पर भारत कोई टैक्स नहीं घटाएगा। जबकि ये यूके से भारत में आने वाला सबसे बड़ा प्रोडक्ट है।"
यह भी पढ़ें - Rain Driving Tips: भारी बारिश के कारण शहरी रास्तों में जलभराव, लबालब पानी भरी सड़कों पर कैसे करें ड्राइविंग, जानें जरूरी टिप्स
थिंक टैंक जीटीआरआई ने कहा, "यूके को एफटीए से काफी लाभ होगा। यूके की लगभग 93 प्रतिशत चीजें जब भारत में आती थीं, तो उन पर मध्यम से लेकर भारी टैक्स लगता था। लेकिन इस नए समझौते के तहत भारत धीरे-धीरे यूके के 90 प्रतिशत उत्पादों पर टैक्स कम करेगा। शुरुआत में 64 प्रतिशत चीजें पहले ही दिन टैक्स-फ्री हो जाएंगी।
जैसे सैल्मन मछली, भेड़ का मांस, हवाई जहाज के पार्ट्स, मशीनें और इलेक्ट्रॉनिक्स। अगले 10 वर्षों में भारत बाकी 26 प्रतिशत सामान जैसे चॉकलेट, सॉफ्ट ड्रिंक, कॉस्मेटिक्स और ऑटो पार्ट्स पर टैक्स धीरे-धीरे घटाएगा। हालांकि एक खास बात ये भी है कि चांदी पर भारत कोई टैक्स नहीं घटाएगा। जबकि ये यूके से भारत में आने वाला सबसे बड़ा प्रोडक्ट है।"
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