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FASTag: महाराष्ट्र ने राज्य राजमार्गों पर सभी वाहनों के लिए फास्टैग किया अनिवार्य, जानें डिटेल्स
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 07 Jan 2025 05:42 PM IST
सार
देशभर में नेशनल हाईवे (राष्ट्रीय राजमार्गों) के बाद, महाराष्ट्र स्टेट हाईवे (राज्य राजमार्गों) का इस्तेमाल करने वाले सभी वाहनों के लिए फास्टैग के जरिए टोल भुगतान अनिवार्य करेगा।
देशभर में नेशनल हाईवे (राष्ट्रीय राजमार्गों) के बाद, महाराष्ट्र स्टेट हाईवे (राज्य राजमार्गों) का इस्तेमाल करने वाले सभी वाहनों के लिए फास्टैग के जरिए टोल भुगतान अनिवार्य करेगा। महाराष्ट्र कैबिनेट ने मंगलवार, 7 जनवरी अपने निर्णय का एलान किया कि सभी वाहनों के लिए फास्टैग का अनिवार्य उपयोग 1 अप्रैल से लागू किया जाएगा। परिवहन विभाग द्वारा स्टेट हाईवे पर टोल प्रणाली में बदलाव का प्रस्ताव दिए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया।
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अक्तूबर 2024 का फैसला होगा रद्द!
राज्य राजमार्गों पर निजी कारों सहित सभी वाहनों के लिए फास्टैग अनिवार्य करने के निर्णय का यह भी मतलब है कि मुंबई में पांच प्रवेश बिंदुओं पर कारों और एसयूवी के लिए टोल शुल्क माफ करने का राज्य सरकार का पिछला निर्णय भी इस साल 1 अप्रैल को समाप्त हो जाएगा। पिछले साल अक्तूबर में, सरकार ने दहिसर, एलबीएस रोड-मुलुंड, ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे-मुलुंड, ऐरोली क्रीक ब्रिज और वाशी प्रवेश बिंदुओं पर निजी वाहनों को टोल का भुगतान करने से छूट देने का फैसला किया था।
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महाराष्ट्र में नए FASTag नियम: जानने योग्य मुख्य बातें
वर्तमान में, महाराष्ट्र में 22 राज्य राजमार्ग हैं जिन्हें लोक निर्माण विभाग और राज्य सड़क विकास निगम द्वारा विकसित किया गया है। इन 22 राजमार्गों पर सभी टोल प्लाजा राज्य सरकार द्वारा शासित हैं। महाराष्ट्र के परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "2021 से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा शासित राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए फास्टैग नीति लागू है। अब यह निजी खिलाड़ियों द्वारा संचालित राज्य राजमार्गों और उन पर टोल प्लाजा पर अनिवार्य होगा।"
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राज्य राजमार्गों पर फास्टैग टोल संग्रह प्रणाली को अनिवार्य बनाने का मकसद सरकार को टोल प्लाजा पर ट्रैफिक जाम को कम करने के साथ-साथ भुगतान प्रक्रिया को कैशलेस और पारदर्शी बनाने में मदद करना है। परिवहन विभाग के अधिकारी ने कहा कि फास्टैग से संबंधित सभी नियम राज्य राजमार्गों पर भी लागू रहेंगे। अधिकारी ने कहा, "फास्टैग नहीं लगाने वाले मोटर चालकों को नकद जैसे अन्य माध्यमों से भुगतान करने पर दोगुना टोल देना होगा।"
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क्या है फास्टैग
फास्टैग आरएफआईडी-आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली है। जिसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा 15 फरवरी, 2021 से पूरे भारत में शुरू किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा पर लगाए गए कैमरे टोल शुल्क काटने के लिए वाहन की विंडशील्ड पर लगे आरएफआईडी टैग को स्कैन करते हैं। फास्टैग खाते वाहन मालिक के बैंक खाते या फास्टैग वॉलेट से जुड़े होते हैं, जहां से राशि डिजिटल रूप से कट जाती है।
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