एक वक्त था जब देश में केवल मैनुअल ट्रांसमिशन वाली कारों की सबसे ज्यादा बिक्री होती थी, लेकिन अब लोग ऑटोमैटिक ट्रांसमिशऩ कारें भी पसंद करने लगे हैं। वहीं अब ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन में भी ज्यादा ऑप्शन मिलने लगे हैं। ऑटो कंपनियों ने भी नए एक्सपेरिमेंट करते हुए मैनुअल और ऑटोमैटिक के बीच के हाइब्रिड ट्रांसमिशन लॉन्च कर दिए हैं। हाल ही में किआ और ह्यूंदै ने कुछ ऐसे ही हाइब्रिड ट्रांसमिशन लॉन्च किए हैं। अगर आप नई कार खरीदने की सोच रहे हैं, पहले तय कर लें कि आपको कौन सा ट्रासंमिशन खरीदना है...
खरीदने जा रहे हैं ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली कार, तो क्या है आपकी पसंद, मिलते हैं ये पांच विकल्प
इटेंलिजेंट मैनुअल ट्रांसमिशन (iMT)
ये भारतीय बाजार में बिल्कुल लेटेस्ट एंट्री करने वाला ट्रांसमिशन हैं। iMT की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसकी कीमत मैनुअल से ज्यादा और ऑटोमैटिक से कम है। ये मैनुअल ट्रांसमिशन का हाइब्रिड वर्जन है, जो लोगों को काफी पसंद आ रहा है। जो लोग मैनुअल ट्रांसमिशन में कंफर्टेबल हैं और ऑटोमैटिक का एक्सपीरियंस करना चाहते हैं, तो वे इसे पसंद कर सकते हैं। इसमें क्लच नहीं मिलती है। लेकिन फंक्शन बिल्कुल मैनुअल ट्रांसमिशन की तरह हैं। लेटेस्ट लॉन्च ह्यूंदै आई20, ह्यूंदै वेन्यू और किआ सोनेट में यह ट्रांसमिशन मिलता है।
क्यों खरीदें: जिन लोगों को ज्यादा माइलेज के साथ सहूलियत और कम मेंटेनेंस चाहिए, वे इसे खरीद सकते हैं।
ऑटोमैटेड मैनुअल ट्रांसमिशन (AMT)
ऑटोमैटिक में यह सबसे कॉमन और सबसे भरोसेमंद ट्रांसमिशन है। मारुति स्विफ्ट, इग्निस, ह्यूंदै सैंट्रो, महिंद्रा TUV300 जैसी कई कारों में यही ट्रांसमिशन मिलता है। वहीं इसकी कीमत भी बहुत ज्यादा नहीं है। यह मैनुअल ट्रांसमिशन का मॉडिफाइड वर्जन है। वहीं इसके ज्यादातर कलपुर्जे मैनुअल ट्रांसमिशन वाले ही होते हैं। ऑटोमैटिक मोड में इसमें सर्वो मोटर लगी होती है। हालांकि यह बहुत ज्यादा स्मूद नहीं होते हैं। डीजल कारों में भी एएमटी का विकल्प मिलता है।
क्यों खरीदें: ये फ्यूल एफिशिएंट हैं और मेंटेनेंस बेहद कम है।
कंटीन्यूस वैरियेबल ट्रांसमिशन (सीवीटी)
एएमटी ट्रांसमिशन के मुकाबले ये काफी स्मूद है। पहले के मुकाबले सीवीटी अब ज्यादा एडवांस हो गए हैं। सीवीटी की पॉपुलैरिटी का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि मौजूदा कई ऑटोमैटिक स्कूटर्स जैसे होंडा एक्टिवा में सीवीटी का विकल्प मिलता है। होंडा समेत कई कार कंपनियां सीवीटी का विकल्प दे रही हैं। बस सीवीटी में एक ही समस्या है कि एक्सलरेटेर पैडल दबाने पर यह रबरबैंड की तरह खिंचती है वहीं होंडा सिटी में स्टेप्ड सीवीटी का पीचर मिलता है, जिससे कार को पैड शिफ्टर से कंट्रोल किया जा सकता है। वहीं सीवीटी ह्यूंदै, किआ के अलावा अपकमिंग निसान मैग्नाइट में भी मिलेगा।
क्यों खरीदें: जो लोग ड्राइविंग में स्मूदनेस चाहते हैं, वे इसे खरीद सकते हैं।
डुअल क्लच ट्रांसमिशन (डीसीटी)
डीसीटी यानी डुअल क्लच ट्रांसमिशन की बात करें, तो ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन में यह सबसे लेटेस्ट एंट्री है। इसमें दो अलग क्लच का ऑप्शन मिलता है, जिससे गियर आसानी से शिफ्ट होते हैं। दो क्लच इसलिए इस्तेमाल की जाती हैं, कि अगर एक क्लच व्यस्त हो तो दूसरी को इस्तेमाल किया जा सकता है। जैसे ही वाहन रफ्तार पकड़ता है तो पहली क्लच काम करना बंद कर देती हैं और दूसरी क्लच फंक्शन करती है। इन दिनों दो प्रकार की डीसीटी वेट और ड्राई। हाई परफॉर्मेंस कारों में इसे लगाया जाता है, क्योंकि ये महंगी होती है। इस समय ह्यूंदै वेन्यू, किआ सोनेट, किआ सेल्टोस, ह्यूंदै क्रेटा के अलावा फॉक्सवैगन पोलो जीटी TSI में इसे प्रयोग किया जाता है।
क्यों खरीदें: जो लोग ऑटोमैटिक कारों में परफॉरमेंस चाहते हैं वे इसे प्राथमिकता दे सकते हैं।