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FAME II: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए मिली फेम-2 सब्सिडी आपको करनी पड़ सकती है वापस, जानें डिटेल्स
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 31 Jul 2023 03:02 PM IST
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Hero Dash electric scooter
- फोटो : For Reference Only
इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी के कथित दुरुपयोग को लेकर आलोचना का सामना कर रहे सात इलेक्ट्रिक दोपहिया निर्माताओं के एक समूह ने कथित तौर पर भारत सरकार से आग्रह किया है कि वह ग्राहकों से इलेक्ट्रिक स्कूटर और मोटरसाइकिल की खरीद पर ली गई अतिरिक्त छूट का भुगतान करने के लिए कहने की संभावना पर विचार करे। इसका मतलब है कि यदि आपने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन की खरीद के दौरान सब्सिडी का लाभ उठाया है, तो आपको इसे निर्माता को वापस करना पड़ सकता है।
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Okinawa Okhi 90
- फोटो : Okinawa Autotech
इन कंपनियों के हैं वाहन
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) को लिखे एक पत्र में सोसाइटी ऑफ मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (एसएमईवी) ने सुझाव दिया है कि जिन ग्राहकों ने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने के लिए सब्सिडी ली है, उन्हें इन्हें प्रभावित ओईएम को वापस करने के लिए कहा जा सकता है। यह बात तब सामने आई है जब भारत सरकार ने Hero Electric (हीरो इलेक्ट्रिक) और Okinawa Autotech (ओकिनावा ऑटोटेक) जैसे प्रमुख ओईएम सहित सात इलेक्ट्रिक दोपहिया निर्माताओं से 469 करोड़ रुपये की मांग की है। क्योंकि कथित तौर पर उन्हें FAME 2 योजना मानदंडों का अनुपालन नहीं करते हुए इंसेंटिव का दावा किया। जिन अन्य कंपनियों से सब्सिडी वापस करने को कहा गया है उनमें Ampere EV (एम्पीयर ईवी), Revolt Motors (रिवोल्ट मोटर्स), Benling India (बेनलिंग इंडिया), Amo Mobility (एमो मोबिलिटी) और Lohia Auto (लोहिया ऑटो) शामिल हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) को लिखे एक पत्र में सोसाइटी ऑफ मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (एसएमईवी) ने सुझाव दिया है कि जिन ग्राहकों ने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने के लिए सब्सिडी ली है, उन्हें इन्हें प्रभावित ओईएम को वापस करने के लिए कहा जा सकता है। यह बात तब सामने आई है जब भारत सरकार ने Hero Electric (हीरो इलेक्ट्रिक) और Okinawa Autotech (ओकिनावा ऑटोटेक) जैसे प्रमुख ओईएम सहित सात इलेक्ट्रिक दोपहिया निर्माताओं से 469 करोड़ रुपये की मांग की है। क्योंकि कथित तौर पर उन्हें FAME 2 योजना मानदंडों का अनुपालन नहीं करते हुए इंसेंटिव का दावा किया। जिन अन्य कंपनियों से सब्सिडी वापस करने को कहा गया है उनमें Ampere EV (एम्पीयर ईवी), Revolt Motors (रिवोल्ट मोटर्स), Benling India (बेनलिंग इंडिया), Amo Mobility (एमो मोबिलिटी) और Lohia Auto (लोहिया ऑटो) शामिल हैं।
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Revolt RV 400 and RV300
- फोटो : Social Media
एसएमईवी ने पत्र लिखा
एसएमईवी के प्रमुख संजय कौल ने कथित तौर पर पत्र लिखकर सुझाव दिया है कि यह राशि सब्सिडी का फायदा उठाने वाले ग्राहकों से वसूला जाए। उन्होंने कथित तौर पर लिखा, "यह उस सब्सिडी के बारे में है जिसे आपके विभाग ने पूर्वव्यापी आधार पर ओईएम से वापस लेने का दावा किया है। और यह उस 1,200 करोड़ रुपये के लिए भी है जिसके बारे में ओईएम का दावा है कि इसकी प्रतिपूर्ति नहीं की गई है।" उन्होंने कथित तौर पर सरकार को यह भी लिखा कि यदि किसी ग्राहक को सही कीमत से ज्यादा छूट मिली है, तो अतिरिक्त राशि वापस करना उसके लिए अनिवार्य है, भले ही सुधार पूर्वव्यापी हो।
एसएमईवी के प्रमुख संजय कौल ने कथित तौर पर पत्र लिखकर सुझाव दिया है कि यह राशि सब्सिडी का फायदा उठाने वाले ग्राहकों से वसूला जाए। उन्होंने कथित तौर पर लिखा, "यह उस सब्सिडी के बारे में है जिसे आपके विभाग ने पूर्वव्यापी आधार पर ओईएम से वापस लेने का दावा किया है। और यह उस 1,200 करोड़ रुपये के लिए भी है जिसके बारे में ओईएम का दावा है कि इसकी प्रतिपूर्ति नहीं की गई है।" उन्होंने कथित तौर पर सरकार को यह भी लिखा कि यदि किसी ग्राहक को सही कीमत से ज्यादा छूट मिली है, तो अतिरिक्त राशि वापस करना उसके लिए अनिवार्य है, भले ही सुधार पूर्वव्यापी हो।
Benling Aura
- फोटो : Benling
सरकार की जांच में अनियमित्ता का खुलासा
भारी उद्योग मंत्रालय की एक जांच के दौरान, यह पता चला कि यह सात इलेक्ट्रिक दोपहिया निर्माताओं ने सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों का उल्लंघन करके FAME 2 योजना के तहत वित्तीय प्रोत्साहन का लाभ उठाया है। योजना के नियमों में कहा गया है कि भारत में निर्मित कंपोनेंट्स का इस्तेमाल करके इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहन की अनुमति दी गई थी। लेकिन जांच से पता चला कि इन सात कंपनियों ने अपने उत्पादों में इंपोर्ट किए गए कंपोनेंट्स का इस्तेमाल किया और उनके लिए सब्सिडी का लाभ उठाया।
भारी उद्योग मंत्रालय की एक जांच के दौरान, यह पता चला कि यह सात इलेक्ट्रिक दोपहिया निर्माताओं ने सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों का उल्लंघन करके FAME 2 योजना के तहत वित्तीय प्रोत्साहन का लाभ उठाया है। योजना के नियमों में कहा गया है कि भारत में निर्मित कंपोनेंट्स का इस्तेमाल करके इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहन की अनुमति दी गई थी। लेकिन जांच से पता चला कि इन सात कंपनियों ने अपने उत्पादों में इंपोर्ट किए गए कंपोनेंट्स का इस्तेमाल किया और उनके लिए सब्सिडी का लाभ उठाया।
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AMO Jaunty Plus Electric Scooter
- फोटो : AMO Electric Bikes
क्यों हुई जांच
मंत्रालय ने एक गुमनाम ईमेल मिलने के बाद जांच शुरू की थी। इस ई-मेल में आरोप लगाया गया कि कई ईवी निर्माता चरणबद्ध विनिर्माण योजना (पीएमपी) नियमों का पालन किए बिना सब्सिडी का दावा कर रहे थे। जबकि पीएमपी का मकसद इन इलेक्ट्रिक वाहनों के घरेलू मैन्युफेक्चरिंग को बढ़ावा देना है। इसके बाद मंत्रालय ने पिछले वित्त वर्ष में सब्सिडी वितरण में देरी की।
मंत्रालय ने एक गुमनाम ईमेल मिलने के बाद जांच शुरू की थी। इस ई-मेल में आरोप लगाया गया कि कई ईवी निर्माता चरणबद्ध विनिर्माण योजना (पीएमपी) नियमों का पालन किए बिना सब्सिडी का दावा कर रहे थे। जबकि पीएमपी का मकसद इन इलेक्ट्रिक वाहनों के घरेलू मैन्युफेक्चरिंग को बढ़ावा देना है। इसके बाद मंत्रालय ने पिछले वित्त वर्ष में सब्सिडी वितरण में देरी की।
