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FASTag: जल्द ही 'सैटेलाइट' से कटेगा टोल टैक्स, बिना फास्टैग नहीं होंगे गाड़ी से संबंधित ये जरूरी काम

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 02 Mar 2021 01:04 PM IST
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Soon toll tax will deducted via GPS satellite, without fastag government will not issue fitness certificate to the vehicles
FastTag toll - फोटो : PTI (File Photo)

लगभग सभी गाड़ियों पर फास्टैग लगने बाद टोल प्लाजा पर 93 फीसदी पेमेंट इलेक्ट्रिॉनिक तरीके से हो रही है। जिसका फायदा यह हुआ है कि 28 फरवरी को टोल क्लेक्शन 108 करोड़ रुपये रहा। वहीं कुछ टोल प्लाजा अभी भी जाम की स्थिति से जूझ रहे हैं। इसकी वजह है फास्टैग स्कैनर का ठीक से काम नहीं कर पाना। सड़क परिवहन मंत्रालय ने इस समस्या से निजात पाने के लिए एक रियल टाइम ऑनलाइन ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम का एप लॉन्च किया है, जहां से आपको टोल नाकों पर हर मिनट का अपडेट मिलता रहेगा। यानी कि घर से निकलने से पहले आप जान सकेंगे कि टोल प्लाजा पर वेटिंग पीरियड कितना चल रहा है। 

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टोल प्लाजा - फोटो : अमर उजाला

वेटिंग टाइम ढाई मिनट तक रह गया

वहीं सरकार का कहना है कि FASTags से अब वेटिंग पीरियड तेजी से घट रहा है, पहले वेटिंग पीरियड 464 सेकेंड था, अब घटकर 150 सेकेंड यानी ढाई मिनट रह गया है। जयपुर प्लाजा पर जहां पहले 30 मिनट लगते थे, अब घट कर केवल पांच मिनट लगते हैं। वहीं 80 फीसदी टोल प्लाजा पर वेटिंग पीरियड जीरो पहुंच गया है। सरकार का दावा है कि इससे तकरीबन 20 हजार करोड़ रुपये के ईंधन की बचत होगी, साथ ही पांच लाख टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है।
 

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टोल प्लाजा - फोटो : iStock

सैटेलाइट से कटेगा टोल

सरकार भविष्य में टोल प्लाजा भी खत्म करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए सरकार हाईटेक सिस्टम की मदद लेगी। सरकार का दावा है कि दो साल के भीतर कई हाइवे पर सैटेलाइट के जरिए टोल टैक्स वसूलने की शुरुआत हो जाएगी। इस तकनीक के लागू होने के बाद न टोल प्लाजा की आवश्यकता पड़ेगी, वहीं जाम से भी छुटकारा मिलेगा। सरकार का कहना है कि जीपीएस-सैटेलाइट के जरिए वाहन स्वामी के खाते से टोल टैक्स कट जाएगा। वहीं इसका दूसरा फायदा यह भी होगा कि जितनी दूसरी आपने तय की है एंट्री और एग्जिट पाइंट से पता चल जाएगा और टोल की राशि उसी के मुताबिक स्वतः खाते से कट जाएगी।    

 

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fastag - फोटो : अमर उजाला

पुराने वाहनों के लिए फास्टैग जरूरी

सरकार तैयारी कर रही है देश में जितनी भी पुरानी गाड़ियां हैं, उनके दस्तावेजों का नवीनीकरण बिना फास्टैग के न हो। सरकार इस योजना को आगामी एक अप्रैल से लागू करने की तैयारी कर रही है। निजी-व्यावसायिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, बीमा, फिटनेस, परमिट जैसे दस्तावेजों की सूची में जल्द ही फास्टैग को शामिल करने की तैयारी की जा रही है। बिना फास्टैग फिटनेस प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाएगा। साथ ही थर्ड पार्टी बीमा भी नहीं कराया जा सकेगा। इसके लिए सरकार फॉर्म 51 में बदलाव करने की तैयारी कर रही है, जिसकी अधिसूचना इसी महीने मार्च में जारी हो सकती है।

 

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fastag - फोटो : Amar Ujala (File Photo)

फ्री फास्टैग की सुविधा खत्म

सरकार ने फ्री फास्टैग की सुविधा खत्म कर दी है। यानी पहले फास्टैग खरीदने के लिए पहले केवल दो सौ रुपये सिक्योरिटी देनी पड़ती थी, लेकिन अब नए नियमों के मुताबिक अब सौ रुपये देने पड़ेंगे। यानी कि अब दो सौ रुपये सिक्योरिटी, दो सौ रुपये बैलेंस और सौ रुपये फास्टैग की कीमत भी चुकानी होगी, कुल मिला कर पांच सौ रुपये देने होंगे।

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