भारत में बढ़ते व्यावसायिक वाहनों के बाजार में नई तकनीक के साथ बड़ी ऑटो कंपनियां एक दौर ही बदलने की फिराक में लगी हैं। इसकी झलक ऑटो एक्सपो-2018 मोटर शो में दिखाई दे रही है। कंपनियां सिटी बसों की दौड़ में एक दूसरे को पछाडने के लिए जहां आरामदायक वहीं, प्रदूषण रहित सफर उपलब्ध कराने की होड़ में लगी हैं। हालांकि, इससे बसों की कीमतों में तो तगड़ा इजाफा हुआ है, अब देखना यह है कि बाजार में आने पर लोगों को कितनी भाएंगी।
इलेक्ट्रिक वाहनों से टाटा, अशोक लेलैंड, ईसूजू, जेबीएम के बीच बाजार कब्जाने की होड़
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जेबीएम ईको लाइफ: कंपनी ने 100 फीसदी इलेक्ट्रिक वाहन के वर्ग में 36 से 40 सीटों में यह सेगमेंट निकाला है। एक बार चार्ज होने पर यह 200 किलोमीटर चलती है। टॉप स्पीड-75 किमी/घंटे, चार्जिंग-पांच मिनट से एक घंटे में। कीमत- कस्टमाईजेशन पर निर्भर करीब दो से तीन करोड़ रुपये। इस वर्ष 2018 के मध्य में यह बाजार में आएगी।
अशोक लेलैंड-सर्किट एस: कंपनी ने अपनी पहली फुल इलेक्ट्रिक बस अनव्हील की है। 25 से 35 सीट में कंपनी ने स्मार्ट बैटरी इसमें उपयोग करेगी। यह लियॉन बैटरी से आकार में करीब एक चौथाई और वजन में भी कम होगी। सबसे खास बात यह है कि कंपनी ने स्वापेबल टेक्नोलॉजी का उपयोग कर रही है। इसमें चार्जिंग स्टेशन पर पहुंचते ही बैटरी को चार्ज बैटरी से बदल दिया जाएगा।
टाटा मैग्ना बस 1623- कंपनी ने 28 यात्रियों, एक चालक और एक परिचालक के लिए यह सिटी बस बनाई है। यह 12 मीटर लंबी बस प्रीमियम ग्राहकों के लिए बनाई गई है। बस में सेफ्टी फीचर्स और आरामदायक सीटें हैं जो विमान में मिली सुविधाओं का एहसास कराती हैं। 5.9 लीटर बीएस-4 कंप्लायंट, बस की पावर 228 बीएचपी और 850 एनएम टार्क है। बस में 2 प्लस 2 सीटें हैं और लग्जरी बाथरूम भी मौजूद हैं। कंपनी अगले चार माह में इसे लेकर आ रही है।
पिनेकल स्पेशियलिटी (फिनत्जा): लग्जरी बस का इंटीरियर अपार्टमेंट की तरह है। बस में दो सोफे लगे हैं जो बेड भी बन जाते हैं। यह बस पांच से आठ लोगों के लिए ही बनाई गई है। बस में एलईडी टीवी, फ्रिज, कॉफी वेंडिंग मशीन, एक बाथरूम और पेंट्री भी है। यह मनमुताबिक दो मीटर तक बढ़ाई भी जा सकती है। इसकी कीमत कंपनी ने 50 लाख रुपये रखी है। कंपनी इसे अप्रैल 2018 तक बाजार में ला सकती है।