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EV: भारत के प्रीमियम इलेक्ट्रिक कार बाजार में दिलचस्प मोड़, विनफास्ट ने बिक्री में टेस्ला को पछाड़ा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 14 Nov 2025 08:18 PM IST
सार
भारत के प्रीमियम इलेक्ट्रिक कार बाजार में एक दिलचस्प मोड़ आया है। वियतनाम की ऑटोमेकर VinFast (विनफास्ट) ने भारतीय बाजार में दिग्गज अमेरिकी ईवी निर्माता Tesla (टेस्ला) को पीछे छोड़ दिया।
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Vinfast Electric Car
- फोटो : Vinfast
भारत के प्रीमियम इलेक्ट्रिक कार बाजार में एक दिलचस्प मोड़ आया है। वियतनाम की ऑटोमेकर VinFast (विनफास्ट) ने भारतीय बाजार में दिग्गज अमेरिकी ईवी निर्माता Tesla (टेस्ला) को पीछे छोड़ दिया। विनफास्ट ने अक्तूबर 2025 में 131 ईवी बेची, जबकि टेस्ला केवल 40 यूनिट्स बेच पाई।
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VinFast Showroom in Surat
- फोटो : VinFast
भारत में विनफास्ट की तेज शुरुआत
विनफास्ट ने 2025 में भारत में कदम रखा और कुछ ही महीनों में दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, सूरत, बंगलूरू, हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में 24 डीलरशिप खोल दीं। और साल के आखिर तक इसे 35 आउटलेट्स तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
इसके VF6 और VF7 इलेक्ट्रिक एसयूवी मॉडल की कीमत 17 लाख रुपये से 26 लाख रुपये के बीच है। जो भारतीय मिड-प्रीमियम ईवी खरीदारों के लिए आकर्षक बनती है।
अक्तूबर 2025 में 131 गाड़ियां बेचकर विनफास्ट अब भारत में बिक्री के हिसाब से आठवां सबसे बड़ा ईवी ब्रांड बन गया है।
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विनफास्ट ने 2025 में भारत में कदम रखा और कुछ ही महीनों में दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, सूरत, बंगलूरू, हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में 24 डीलरशिप खोल दीं। और साल के आखिर तक इसे 35 आउटलेट्स तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
इसके VF6 और VF7 इलेक्ट्रिक एसयूवी मॉडल की कीमत 17 लाख रुपये से 26 लाख रुपये के बीच है। जो भारतीय मिड-प्रीमियम ईवी खरीदारों के लिए आकर्षक बनती है।
अक्तूबर 2025 में 131 गाड़ियां बेचकर विनफास्ट अब भारत में बिक्री के हिसाब से आठवां सबसे बड़ा ईवी ब्रांड बन गया है।
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Tesla Model Y Delivery
- फोटो : ANI
टेस्ला की धीमी लेकिन रणनीतिक शुरुआत
टेस्ला ने मध्य-2025 में भारत में शुरुआत की और Model Y को 59.89 लाख रुपये की कीमत पर लॉन्च किया। लेकिन यह एक CBU (पूरी तरह इम्पोर्टेड) कार है, जिस पर 60-100 प्रतिशत तक इम्पोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) लगती है। इससे इसकी कीमत काफी बढ़ जाती है।
अक्तूबर में सिर्फ 40 यूनिट्स डिलीवर हुईं, जो सितंबर की 60 यूनिट्स से भी कम है। भारत में इसकी मौजूदगी अभी केवल कुछ एक्सपीरियंस सेंटर्स तक सीमित है। अभी तक कोई लोकल फैक्ट्री या असेंबली प्लांट नहीं खोला गया है। जिसकी वजह से कीमतें कम होने की गुंजाइश नहीं दिखती।
यह भी पढ़ें - Auto Sales: अक्तूबर 2025 में भारतीय ऑटो सेक्टर ने बनाया नया रिकॉर्ड, लेकिन आधे साल की रफ्तार रही धीमी
यह भी पढ़ें - EV: इलेक्ट्रिक वाहन और प्रदूषण, क्या है इसका सच और इससे जुड़ी गलतफहमी, जानें पूरी डिटेल्स
टेस्ला ने मध्य-2025 में भारत में शुरुआत की और Model Y को 59.89 लाख रुपये की कीमत पर लॉन्च किया। लेकिन यह एक CBU (पूरी तरह इम्पोर्टेड) कार है, जिस पर 60-100 प्रतिशत तक इम्पोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) लगती है। इससे इसकी कीमत काफी बढ़ जाती है।
अक्तूबर में सिर्फ 40 यूनिट्स डिलीवर हुईं, जो सितंबर की 60 यूनिट्स से भी कम है। भारत में इसकी मौजूदगी अभी केवल कुछ एक्सपीरियंस सेंटर्स तक सीमित है। अभी तक कोई लोकल फैक्ट्री या असेंबली प्लांट नहीं खोला गया है। जिसकी वजह से कीमतें कम होने की गुंजाइश नहीं दिखती।
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Tata Nexon EV
- फोटो : Tata Motors
भारत का EV बाजार: तेजी से बढ़ता हुआ मौका
भारत में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 2019 में जहां 500 यूनिट्स प्रति माह थी, वहीं 2025 में यह बढ़कर 18,000 यूनिट्स प्रति माह हो गई है।
यह भी पढ़ें - Road Tax: गाड़ी खरीदते समय सबसे बड़ी उलझन- कौन सा टैक्स भरें? लाइफटाइम या पांच साल वाला, कौन-सा विकल्प बेहतर?
यह भी पढ़ें - Automobile Industry: 'भारत की ऑटो राजधानी', कैसे यह शहर बन गया देश के ऑटोमोबाइल उद्योग का केंद्र
भारत में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 2019 में जहां 500 यूनिट्स प्रति माह थी, वहीं 2025 में यह बढ़कर 18,000 यूनिट्स प्रति माह हो गई है।
- टाटा मोटर्स का 70 प्रतिशत मार्केट शेयर है
- एमजी और महिंद्रा अगले स्थानों पर हैं
- विनफास्ट टॉप-10 में शामिल
- टेस्ला अभी टॉप-10 से बाहर है क्योंकि इसके मॉडल काफी महंगे हैं
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Mahindra XEV 9e
- फोटो : Mahindra
बड़ी तस्वीर: भारत में ईवी की नई रेस
भारत जैसे संवेदनशील मूल्य बाजार में सफल होने के लिए कंपनियों को स्थानीय उत्पादन और किफायती कीमत की रणनीति अपनानी होती है। विनफास्ट का टेस्ला से तीन गुना ज्यादा बिक्री करना दिखाता है कि भारत में खरीदार व्यावहारिक और वैल्यू-आधारित ईवी को प्राथमिकता दे रहे हैं।
अगर यही रफ्तार रही, तो विनफास्ट 2026 तक 1,000 से ज्यादा ईवी बेच सकती है। जबकि टेस्ला की ग्रोथ पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगी कि वह भारत में स्थानीय उत्पादन कब शुरू करती है।
भारत में हर साल लगभग 2 लाख नई इलेक्ट्रिक कारें सड़कों पर आने वाली हैं, और यह साफ है कि प्रीमियम ईवी सेगमेंट की रेस अब सच में शुरू हो चुकी है। और इस बार टेस्ला अकेली दावेदार नहीं है।
यह भी पढ़ें - Indian Racing League: इंडियन रेसिंग लीग का शेड्यूल बदला, गोवा और नवी मुंबई की स्ट्रीट रेस अब 2026 में
यह भी पढ़ें - New FASTag Rule 2025: 15 नवंबर से फास्टैग के नए नियम, इन गलतियों से बचें, नहीं तो देना पड़ेगा दोगुना टोल
भारत जैसे संवेदनशील मूल्य बाजार में सफल होने के लिए कंपनियों को स्थानीय उत्पादन और किफायती कीमत की रणनीति अपनानी होती है। विनफास्ट का टेस्ला से तीन गुना ज्यादा बिक्री करना दिखाता है कि भारत में खरीदार व्यावहारिक और वैल्यू-आधारित ईवी को प्राथमिकता दे रहे हैं।
अगर यही रफ्तार रही, तो विनफास्ट 2026 तक 1,000 से ज्यादा ईवी बेच सकती है। जबकि टेस्ला की ग्रोथ पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगी कि वह भारत में स्थानीय उत्पादन कब शुरू करती है।
भारत में हर साल लगभग 2 लाख नई इलेक्ट्रिक कारें सड़कों पर आने वाली हैं, और यह साफ है कि प्रीमियम ईवी सेगमेंट की रेस अब सच में शुरू हो चुकी है। और इस बार टेस्ला अकेली दावेदार नहीं है।
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