भारत में गाड़ियों की बिक्री के मामले में एसयूवी मार्केट तेजी से पकड़ बना रहा है। भारत में यह तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट है। सबकॉम्पैक्ट और मिड-साइज एसयूवी सेगमेंट तेजी से भारतीय बाजार में अपनी पकड़ बना रहे हैं। बात मिड-साइज एसयूवी सेगमेंट की करें, तो दक्षिण कोरियाई कंपनी की (Kia Seltos Best Selling SUV in India) Kia Seltos देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली एसयूवी बन गई है, जिसने अपनी सहयोगी कंपनी की Hyundai Creta को पीछे छोड़ दिया है। Kia Seltos की सितंबर में 9583 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। किआ की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। इसकी पॉपुलैरिटी का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि सितंबर में दुनियाभर में इसकी कुल 24,131 यूनिट्स की बिक्री हुई, जिसमें 40 फीसदी अकेले भारत में बिकी हैं। वहीं किआ सेल्टोस की लॉन्चिंग के बाद से अभी तक दो लाख से ज्यादा एसयूवी की बिक्री कर चुकी है। आखिर क्या वजह है कि Kia Seltos लोगों को इतनी ज्यादा पसंद आ रही है, आइए जानने की कोशिश करते हैं...
Kia Seltos: आखिर क्यों बनी ये बेस्ट सेलिंग SUV, इन छह खासियतों पर लोग हो रहे हैं फिदा
लुक्स
किआ के शोरूम में आने वाले ज्यादातर लोग किआ सेल्टोस के लुक्स पर दीवाने हो जाते हैं। सेल्टोस न केवल फ्रेश लुक देती है बल्कि फ्यूचरिस्टिक भी लगती है। रात में इसकी DRLs लाइट हर किसी का ध्यान खींच लेती हैं। लोगों लोगों का कहना है कि सेल्टोस का फ्रंट लुक किसी बड़ी एसयूवी का अहसास देता है। सेल्टोस SP2i कॉन्सेप्ट पर बेस्ड है। इसमें फ्रंट में स्लीक हेडलैंप्स और स्लीक DRLs मिलती हैं। सेल्टोस की टाइगर नोज ग्रिल जबरदस्त है। वहीं इसमें 16 से लेर 17 इंच तक के डुअल टोन अलॉय व्हील्स, फ्लैट बोनेट, प्लास्टिक बॉडी क्लैडिंग और रूफ रेल्स मिलती हैं। वहीं इसमें 190 एमएम का ग्राउंड क्लीयरेंस, शार्क फिन एंटीना, वाशर के साथ रिअर वाइपर्स, एलईडी टेललैंप्स, फॉक्स स्किड प्लेट मिलती हैं। वहीं इसके GT लाइन वैरिएंट में एक्सटीरियर में रेड एसेंट मिलता है, जो इसे और स्पोर्टी बनाता है। हाल ही में किआ ने X-Line वैरिएंट लॉन्च किया है, जो मैट ग्रे फिनिश के साथ आता है।
फीचर लोडेड एसयूवी
सेल्टोस में हर वर्ग की जरूरत के हिसाब से फीचर दिए गए हैं। इसके बेस वैरिएंट के फीचर भी लोगों को पसंद आते हैं। बाकी वैरिएंटवाइज फीचर बढ़ते चले जाते हैं। इसमें इलेक्ट्रिक सनरूफ, इंटीग्रेटेड एयर प्यूरीफायर, हेड्सअप डिस्प्ले, कनेक्टेड एंबियंट लाइट, बोस स्पीकर सिस्टम, ब्लाइंड स्पॉट वार्निंग, फ्रंट पार्किंग सेंसर, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, वायरलेस चार्जर, रीक्लाइनर रिअर सीट्स, मल्टीफंक्शन स्टीयरिंग व्हील, मल्टी इनफॉरमेशन डिस्प्ले, पुश बटन स्टार्ट/स्टॉप, ट्रैक्शन मोड्स, डिस्प्ले मोड्स, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, और कनेक्टिंग UVO कार टेक्नोलॉजी फीचर मिलता है।
क्रेटा से सस्ती
किआ सेल्टोस की शुरुआती पेट्रोल वैरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत 9.95 लाख रुपये है, जबकि क्रेटा की शुरुआती कीमत 10.16 लाख रुपये है। वहीं ड़ीजल ऑटोमैटिक की बात करें, तो क्रेटा के डीजल 6-स्पीड ऑटोमैटिक टॉर्क कनवर्टर की एक्स-शोरूम कीमत 16.56 लाख रुपये है, जबकि सेल्टोस के डीजल 6-स्पीड ऑटोमैटिक टॉर्क कनवर्टर की एक्स-शोरूम कीमत 14.15 लाख रुपये है।
कम वेटिंग पीरियड
देश की कार कंपनियों इन दिनों सेमीकंडक्टर यानी चिप शॉर्टेज से जूझ रही हैं। जिसका असर गाड़ियों की बिक्री पर भी पड़ा है। चिप की कमी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अगर कंपनी गाड़ियों का प्रोडक्शन बढ़ाती भी हैं, तो भी इस समस्या से पार नहीं पा सकतीं। Hyundai Creta पर इस समय वेटिंग पीरियड 9 महीने के ऊपर है और ग्राहकों के लिए इतना लंबा इंतजार संभव नहीं है, वह भी खासतौर पर जब उनका पहला वाहन या उनके पास कोई वाहन न हो। हमारे देश में सेकंडरी कार रखने वालों की संख्या बेहद कम है। जबकि सेल्टोस का वेटिंग पीरियड पांच महीने तक है, जो वैरिएंट के हिसाब से ऊपर नीचे हो सकता है। कई जगहों पर तो वेटिंग पीरियड न के बराबर है। ग्राहकों के सेल्टोस की तरफ रुख करने की यह भी एक बड़ी वजह है।