Big Explosion In Sky: साल 2014 में पापुआ न्यू गिनी के आसमान में रहस्यमयी धमाका हुआ था। कोई वस्तु तेज रफ्तार से आने के बाद आसमान में ही फट गई। इसके बाद वैज्ञानिकों ने जांच किया कि आखिर यह क्या चीज थी? अमेरिका की सरकार ने इसकी जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया। अब गोपनीय डेटा को सार्वजनिक किया गया है जिसके बाद अब 8 साल पहले जनवरी में आसमान में हुए विस्फोट के बारे में खुलासा हुआ है। गोपनीय दस्तावेजों से सामने आई जानकारी हैरान करने वाली है।
Space News: आठ साल पहले आसमान में हुआ था रहस्यमयी विस्फोट, US के गोपनीय डेटा से हुआ चौंकाने वाला खुलासा
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इस स्टडी के मुताबिक, उल्कापिंड की गति और ऑर्बिट की ट्रैजेक्टरी से पता चलता है कि यह 99 प्रतिशत अन्य तारों के समूह से आया है जिसका हमारे सौर मंडल से कोई संबंध नहीं है। आकाशगंगा के दूसरे किनारे पर मौजूद तारों के अन्य समूह से इस उल्कापिंड के आने की संभावना जताई गई है।
इस उल्कापिंड की स्टडी को कभी भी पीयर रिव्यू नहीं किया गया। इसके अलावा एक और हैरानी की बात यह है कि यह स्टडी किसी साइंटिफिक जर्नल में प्रकाशित भी नहीं की गई है। वैज्ञानिकों के इस नतीजे को यूएस स्पेस कमांड (USSC) के वैज्ञानिकों ने अब आधिकारिक तौर पर सही माना है। यूएस स्पेस कमांड ने 1 मेमो निकाला और 6 अप्रैल 2022 को सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर शेयर किया।
USSC के डिप्टी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल जॉन ई शॉ ने ट्वीट कर बताया कि साल 2019 में जो फायरबॉल का विश्लेषण किया गया था वो बिल्कुल सही था। उन्होंने बताया है कि पापुआ न्यू गिनी के आसमान में जो धमाका हुआ था वो दूसरे तारों के समूह से उल्कापिंड आया था। यह धरती के वायुमंडल में आने के बाद विस्फोट के साथ समाप्त हो गया।
साल 2014 में पापुआ न्यू गिनी के आसमान में फटने वाला उल्कापिंड कब आया इसकी किसी के पास जानकारी नहीं थी। इसकी खोज हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के एस्ट्रोफिजिसिस्ट अमीर सिराज और उनकी टीम ने की थी। अमीर सिराज ने बताया है कि साल 2014 में दक्षिणी प्रशांत महासागर के ऊपर उल्कापिंड में विस्फोट हुआ था।