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Viral: पॉकेट मनी के लिए कर रहा था मजदूरी, जमीन के नीचे छिपा था सदियों पुराना राज, खुदाई में हुआ खुलासा
Mon, 17 Aug 2026 12:30 PM IST
दीक्षा पाठक
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Published by: दीक्षा पाठक
Updated Mon, 17 Aug 2026 12:30 PM IST
सार
Viral: बेल्जियम में गर्मी की छुट्टियों के दौरान पॉकेट मनी कमाने के लिए मजदूरी कर रहे 18 साल के छात्र को खुदाई के दौरान करीब 90 करोड़ रुपये का सोना मिला। सिक्कों, सोने के टुकड़ों और छड़ों से भरा यह खजाना एक पुरानी शराब फैक्ट्री की जमीन के नीचे ईंटों से बंद तहखाने में छिपा था। अब इसके असली मालिक को लेकर जांच शुरू हो गई है।
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मिट्टी में दबा मिला खजाना
- फोटो : AI
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विस्तार
गर्मी की छुट्टियों में कुछ बच्चे घूमने-फिरने या मौज-मस्ती में समय बिताते हैं तो कुछ अपनी पॉकेट मनी के लिए काम करने निकल पड़ते हैं। बेल्जियम के 18 साल के कोबे के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। हालांकि, उसे शायद ही अंदाजा रहा होगा कि छुट्टियों में की जा रही मजदूरी उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा अनुभव बन जाएगी। सीवेज सिस्टम के लिए जमीन खोदते समय उसके फावड़े के नीचे जो चीज आई उसने सभी को हैरान कर दिया। तो आइए जानते हैं कि इस बच्चे को जमीन के नीचे क्या मिला।
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मिट्टी में दबा मिला खजाना
बेल्जियम के सिंट-गिलिस-डेंडर्मोंडे शहर में एक पुरानी शराब बनाने वाली फैक्ट्री की जमीन पर दोबारा विकास का काम चल रहा था। गर्मियों की छुट्टियों में कोबे भी वहां काम कर रहा था। इसी दौरान वह सीवेज सिस्टम के लिए गड्ढा खोद रहा था। मिट्टी हटाते समय उसे जमीन के भीतर कुछ ऐसा दिखाई दिया जो नॉर्मल नहीं लग रहा था।
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ईंटों से भरा एक पुराना तहखाना आया सामने
शुरुआत में कोबे और उसके साथियों ने इसे महज एक यूरो के सिक्के समझा। लेकिन खुदाई आगे बढ़ी तो मामला पूरी तरह बदल गया। मिट्टी और मलबा हटाने पर ईंटों से बंद एक पुराना तहखाना सामने आया। इसकी दीवार के भीतर सोने का बड़ा भंडार छिपा हुआ था। इसमें सोने के सिक्कों के साथ सोने के टुकड़े और कई सोने की छड़ें भी मिलीं। विशेषज्ञों के मुताबिक बरामद पूरे खजाने की कीमत करीब 90 लाख यूरो यानी लगभग 90 करोड़ रुपये है।
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जांच में यह चीज आई सामने
जांच में पता चला कि यह जगह 19वीं शताब्दी के आखिर में फैक्ट्री के मालिक थियोफिलस वैन एशे के लिए बनाई गई थी। अधिकारियों का मानना है कि सोने को किसी नॉर्मल सी तिजोरी में रखने के बजाय ईंटों की दीवार के पीछे जानबूझकर छिपाया और सील किया गया था। खजाना मिलने के बाद कोबे और उसके साथियों ने इसे अपने पास रखने के बजाय पुलिस और निर्माण कार्य की निगरानी कर रही संस्था को इसकी जानकारी दी। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने सोना ब्रुसेल्स की एक सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया है।
कौन है इस खजाने का असली मालिक?
अब जांच इस बात की हो रही है कि आखिर इतना सोना वहां किसने और क्यों छिपाया था। अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि कहीं इसका संबंध किसी पुरानी चोरी, आपराधिक गतिविधि या किसी ऐसे वारिस से तो नहीं है, जिसका दावा अब तक सामने नहीं आया। फिलहाल, करोड़ों के इस खजाने का असली मालिक कौन है, यही सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है।