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ये है दुनिया की सबसे महंगी चाय की पत्ती, 1 किलो ग्राम की कीमत है 9 करोड़ रुपए
Wed, 02 Jun 2021 07:07 PM IST
संकल्प सिंह
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संकल्प सिंह
Updated Wed, 02 Jun 2021 07:07 PM IST
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डा-होंग पाओ चाय की पत्ती
- फोटो : Social media
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हम सभी लोगों को चाय पसंद है। दुनिया भर में कई तरह के फ्लेवर्स की चाय मिलती हैं, जिन्हें पीने के बाद स्वाद का मजा ही कुछ और होता है, लेकिन क्या कभी आपने दुनिया की सबसे महंगी चाय की पत्तियों के बारे में सुना है? आज हम आपको दुनिया की सबसे महंगी चाय की पत्तियों के बारे में बताएंगे, जिसकी कीमत जानकर आपके भी होश उड़ जाएंगे।
डा-होंग पाओ चाय की पत्ती
- फोटो : Social media
हम बात कर रहें हैं चीन में मिलने वाली डा-होंग पाओ टी की। इस चाय पत्ती का नाम दुनिया में मिलने वाली सबसे महंगी चाय की पत्तियों में शुमार है। इसकी कीमत 9 करोड़ रुपए प्रति किलोग्राम है। डा-होंग पाओ की खेती चीन के फुजियान के वूईसन इलाके में की जाती है। इस चाय पत्ती के कई सारे लाभकारी गुण हैं, जिसे शायद ही आप जानते होंगे। स्वास्थ्य के लिए ये चायपत्ती काफी लाभदायक होती है। यही एक बड़ी वजह है, जिसके चलते इसको जीवनदायिनी भी कहा जाता है।
डा-होंग पाओ चाय की पत्ती
- फोटो : Social media
कई प्रकार की गंभीर बीमारियां इसके सेवन से ठीक होती हैं। खेती के दौरान डा-होंग पाओ की पत्तियों की पैदावार काफी कम मात्रा में होती हैं और इसकी पत्तियां दुनिया में काफी दुर्लभ भी हैं। यही एक बड़ा कारण है, जिसके चलते इस चायपत्ती की कीमत 9 करोड़ रुपए प्रति किलोग्राम है। इस चाय पत्ती की खेती विशेष तरह से की जाती है, जिसमें मेहनत और ध्यान दोनों लगता है।
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डा-होंग पाओ चाय
- फोटो : Social media
डा-होंग पाओ टी की पत्तियों के इतिहास पर गौर करें, तो इसकी खेती की शुरुआत चीन के मींग शासन के समय में शुरू हुई थी। चीनी लोगों का कहना है कि उस दौरान मींग शासन की महारानी अचानक बीमार हो गई थी। उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई थी और महारानी के बचने की संभावना काफी कम थी। उन पर किसी भी दवा का असर नहीं हो रहा था।
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डा-होंग पाओ चाय
- फोटो : Social media
इसके बाद उन्हें डा-होंग पाओ चाय पीने के लिए कहा गया। उन्होंने इसे पीया और पीने के कुछ ही दिनों के बाद वह ठीक हो गईं। महारानी के ठीक होने के बाद राजा काफी खुश हुए और उन्होंने आदेश दिया कि इस खास तरह की चाय की पत्तियों की खेती की जाए। राजा के लंबे चोंगे के नाम पर ही इस चायपत्ती का नाम डा-होंग पाओ पड़ा। मान्यता है मींग शासन से ही इस चाय पत्ती की खेती होती आ रही है। आज कई लोग इस चाय पत्ती के 10 से 15 ग्राम खरीदने के लिए लाखों रुपए चुकाते हैं।