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JUICE Mission: क्या है एलियन खोजने वाला जूस मिशन? बृहस्पति के चंद्रमाओं पर खोजेगा जीवन

Thu, 13 Apr 2023 08:34 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Published by: धर्मेंद्र सिंह Updated Thu, 13 Apr 2023 08:34 PM IST
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esa juice mission launch postponed jupiter moons - फोटो : iStock

JUICE Mission: क्या ब्रह्मांड में धरती के बाहर भी जीवन है? सालों से वैज्ञानिक इस सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है। वैज्ञानिक लगातार दूसरे ग्रहों पर जीवन की तलाश में लगे हैं। बृहस्पति के तीन चंद्रमाओं पर जीवन की खोज के लिए यूरोपियन अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) बृहस्पतिवार को ज्यूपिटर आईसी मून्स एक्सप्लोरर (जूस) मिशन लॉन्च करने वाली थी, लेकिन इसे आखिरी मिनट पर टाल दिया गया। 



ईएसए, एरियन स्पेस और एयरबस मिलकर फ्रेंच गुएना के कोरोऊ स्पेसपोर्ट से एरियन-5 रॉकेट से इसे अंतरिक्ष में भेजना था। इस प्रोजेक्ट की लागत 14,270 करोड़ रुपये है। यह अंतरिक्ष यान बृहस्पति ग्रह के चंद्रमाओं पर जीवन की तलाश के लिए आठ साल की लंबी यात्रा करेगा। इस अंतरिक्ष यान का नाम जूस (Jupiter Icy Moons Explorer-Juice) है।  इस मिशन को खराब मौसम की वजह से टाल दिया गया। आइए जानते हैं कि आखिर यह मिशन क्या है? 

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esa juice mission launch postponed jupiter moons - फोटो : iStock

यूरोप के सबसे बड़े मिशन में से जूस मिशन एक है। यह अंतरिक्ष यान बृहस्पति और इसके तीन बड़े चंद्रमाओं कैलिस्टो, गेनीमेड और यूरोपा के पास से जाएगा। जब यह रहस्यमयी दुनिया के पास पहुंचेगा, तो बृहस्पति की भी जांच करेगा। इसके साथ ही बृहस्पति के चंद्रमाओं पर जीवन की संभावना की भी जांच करेगा।
 

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esa juice mission launch postponed jupiter moons - फोटो : iStock

आठ साल की करेगा यात्रा

लाॅन्च होने के बाद इस अंतरिक्ष यान के अपने गंतव्य तक पहुंचने में साढ़े आठ साल का समय लगेगा। जूस अंतरिक्ष यान 6.6 अरब किमी की यात्रा करके साल 2031 में बृहस्पति ग्रह की कक्षा में पहुंचेगा। इसका मतलब यह है कि आठ साल तक 5963 किलोग्राम वजनी ऑर्बिटर अंतरिक्ष में घूमता रहेगा। सबसे हैरानी वाली बात यह है कि इस अंतरिक्ष यान से पहले अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का यूरोपा क्लिपर अंतरिक्ष यान पहुंच जाएगा। 

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esa juice mission launch postponed jupiter moons - फोटो : iStock

नासा यूरोपा क्लिपर अप्रैल 2030 में बृहस्पति ग्रह की कक्षा में पहुंचेगा। नासा का अतंरिक्ष यान छोटे रास्ते से होकर जाएगा। यूरोपा क्लिपर धरती और मंगल ग्रह के चक्कर लगायेगा और बृहस्पति की कक्षा में पहुंचेगा, तो वहीं धरती और शुक्र ग्रह के चक्कर लगाकर जूस बृहस्पति की कक्षा में प्रवेश करेगा। 

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esa juice mission launch postponed jupiter moons - फोटो : iStock

यह अंतरिक्ष यान सबसे पहले बृहस्पति ग्रह के बर्फीले चंद्रमाओं गैनीमेडे, यूरोपा और कैलिस्टो की जांच पड़ताल करेगा। इन पर जमे बर्फीले समुद्र की जांचकर उनमें जीवन की खोज करेगा। जूस अंतरिक्ष यान बर्फीले समुद्र के अंदर बाहर जांच करेगा और जीवन का पता लगाएगा। हो सकता है कि बृहस्पति ग्रह के किसी चंद्रमा पर एलियन हों। 

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