15 या 16 साल की उम्र में छात्र अक्सर अपना हाईस्कूल पूरा कर लेते हैं। लेकिन क्या आपने कभी ऐसा सुना है कि कोई शख्स 96 साल की उम्र में अपना हाईस्कूल डिप्लोमा प्राप्त किया हो? जी हां, ऐसा अमेरिका में हुआ है। द्वितीय विश्वयुद्ध में शामिल रेमंड शॉफर नामक अमेरिका के एक सेनानी को इस सप्ताह एक समारोह के दौरान पूरे सम्मान के साथ हाईस्कूल डिप्लोमा सौंपा गया।
2 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
दरअसल, रेमंड ने अपने परिवार का समर्थन करते हुए द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान अपने देश की सेवा के लिए अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दिया और सेना में शामिल हो गए थे। सेना में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद शॉफर को करीब 80 साल के बाद वाटरफोर्ड यूनियन हाईस्कूल की ओर से मानद डिप्लोमा प्रदान किया गया। रेमंड शॉफर ने 1940 के दशक में अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी।
3 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
पारिवारिक हालातों और युद्ध के माहौल के बीच रेमंड ने अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान रेमंड शॉफर ने सेना के तौर पर कई साल गुजारे। इसके बाद जब शॉफर सेना से रिटायर होकर वापस आए, तो उन्होंने दशकों तक कई तरह के उपकरणों का निर्माण कर अपना परिवार चलाया। रेमंड शॉफर को इस बात का हमेशा पछतावा था कि वो अपना हाईस्कूल डिप्लोमा नहीं ले सकें। ऐसे में उनके दोस्त और परिवार के लोगों ने शॉफर के अधिकारियों से बात की और उन्हें हाईस्कूल डिप्लोमा देने की मांग की।
4 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
देश की सेवा में अपना जीवन बिताने वाले इस सेनानी को हाईस्कूल डिप्लोमा देने से स्कूल भी मना नहीं कर पाया। स्कूल प्रबंधन ने उन्हें मानद डिप्लोमा देने के लिए अपनी सहमति व्यक्त किया। स्कूल के ओर से सहमति मिलने के बाद सभी दोस्तों ने मिलकर एक समारोह का आयोजन किया। इस समारोह में शॉफर के पुराने स्कूल के शिक्षक और छात्रों समेत उनके परिवार के सदस्य भी मौजूद थे।
5 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
समारोह में स्कूल की ओर से रेमंड शॉफर को सम्मानजनक तरीके से एक मानद डिप्लोमा और मेडल प्रदान किया गया। शॉफर ने जैसे ही समारोह में शिरकत की उन्हें मार्चिंग बैंड द्वारा बधाई दी गई और संगीत की प्रस्तुति दी गई। स्कूल के प्रिंसिपल डैन फोस्टर ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि रेमंड ने न केवल अपने देश की सेवा की, बल्कि उन्होंने दुनिया की सेवा भी की। उन्हें उनका हाईस्कूल डिप्लोमा देते हुए हम सभी को गर्व महसूस हो रहा है।