Alaska: दुनिया में अक्सर कई हैरान करने वाली घटनाएं सामने आती रहती हैं। इन घटनाओं को लेकर वैज्ञानिक भी अध्ययन करते हैं। इन अध्ययन में कई चौंकाने वाले खुलासे होते हैं। अब इस बीच एक नए अध्ययन में पता चला है कि अलास्का की नदियों और धाराओं का रंग बदल रहा है। नदियों का पानी साफ, सफेद और नीले रंग से नारंगी रंग में बदल रहा है। इसकी मुख्य वजह पृथ्वी का पर्माफ्रॉस्ट का पिघलना है। इससे धरती की सतह से विषाक्त धातुएं बाहर आ रही हैं।
Alaska: अलास्का में क्यों बदल रहा है नदियों का रंग? वजह जानकर वैज्ञानिक भी हैरान
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इतने साल में हुए बदलाव
जर्नल कम्युनिकेशंस: अर्थ एंड एनवायरनमेंट में यह अध्ययन प्रकाशित किया गया है। इस अध्ययन के मुताबिक, बीते पांच से 10 सालों से इस क्षेत्र की नदियों और धाराओं का रंग बदल रहा है। नदियों का पानी धुंधला और नारंगी हो चुका है।
शोधकर्ताओं को अध्ययन में पता चला कि पानी का रंग लोहा, जस्ता, तांबा, निकल और सीसा जैसी धातुओं की वजह से गंदा हो रहा है। इनमें कुछ नदी और धारा पारिस्थितिकी तंत्र के लिए विषाक्त हैं, क्योंकि पर्माफ्रॉस्ट पिघल रहा है। इससे जलमार्ग हजारों सालों से जमीन में दबे खनिजों के संपर्क में आ रहे हैं।
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दूर के इलाकों में क्यों बदल रहा है नदियों का रंग?
इस अध्ययन के सह लेखक और यूसी डेविस में पर्यावरण विष विज्ञान के प्रोफेसर ब्रेट पोलिन का कहना है कि कैलिफोर्निया के कुछ इलाकों और अप्पालाचिया के कुछ हिस्सों में यह देखा जाता है, जहां हमारा खनन इतिहास है। उन्होंने आगे बताया कि यह एक क्लासिक प्रक्रिया है, जो महाद्वीपीय अमेरिका में नदियों में होती है। यह 1850 के दशक में कुछ खनन के बाद से 100 से अधिक सालों से प्रभावित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लेकिन जब हम सबसे दूर के जंगल में होते हैं और खदान स्रोत से बहुत दूर होते हैं, तो यह देखना बेहद हैरान करने वाला होता है।
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इस अध्ययन में बताया गया है कि आर्कटिक मिट्टी में प्राकृतिक रूप से कार्बनिक कार्बन, पोषक तत्व और धातुएं, जैसे पारा, उनके पर्माफ्रॉस्ट की मौजूदगी हैं। उच्च तापमान की वजह से यह खनिज और उनके आसपास के जल स्रोत पर्माफ्रॉस्ट के पिघलने के कारण आपस में मिलते हैं। अध्ययनों से जानकारी मिली है कि आर्कटिक दुनिया के बाकी इलाकों की तुलना में चार गुना तेजी से गर्म हो रहा है।