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समलैंगिक लोगों को इस देश में मिलती है मौत की सजा, क्या कहता है समलैंगिकता कानून?
फीचर डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 10 Jul 2018 06:48 PM IST
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दुनिया भर में लाखों लोग उन देशों में रहे हैं, जहां समलैंगिकता को गैरकानूनी अपराध माना जाता है। पांच देशों और दो अन्य देशों के कुछ हिस्सों में समलैंगिकता ऐसा अपराध है जिसमें मौत की सजा तक का प्रावधान दिया गया है, जबकि 70 देश ऐसे हैं जहां समलैंगिक लोगों को जेल में डाल दिया जाता है।
समलैंगिक दोस्त की हत्या
मौत की सजा का प्रावधान
समलैंगिक विरोधी और समलैंगिक समर्थक देशों में किसी भी शख्स के समलैंगिक संबंध की कानूनी मान्यता है या नहीं, यह काफी हद तक इस बार पर निर्भर करता है कि वह कहां रह रहे हैं? दुनिया में कुछ ऐसे देश हैं जहां समलैंगिक संबंधों में मौत की सजा का प्रावधान है। जी हां, ईरान, मारुतानिया, सऊदी अरब, सूडान और यमन ऐसा देश हैं जहां इस सजा का प्रावधान दिया गया है। वहीं नाइजीरिया और सोमालिया के कुछ हिस्सों में भी इसी ऐसी ही सजा दी जाती है।
वहीं दुनिया के कुछ देशों में समलैंगिक लोगों को आम लोगों की तरह शादी करने का अधिकार है। लेकिन समलैंगिकता के समर्थक और विरोधी देशों का वर्गीकरण इतना आसान भी नहीं है। कुछ देशों में समलैंगिक संबंधों को लेकर बेहद जटिल कानूनी प्रावधान है। कई देशों में एक साथ इन संबंधों में सजा और संरक्षण दोनों का प्रावधान है जबकि कई देशों के अलग अलग हिस्सों में अलग अलग प्रावधान मौजूद है।
समलैंगिक विरोधी और समलैंगिक समर्थक देशों में किसी भी शख्स के समलैंगिक संबंध की कानूनी मान्यता है या नहीं, यह काफी हद तक इस बार पर निर्भर करता है कि वह कहां रह रहे हैं? दुनिया में कुछ ऐसे देश हैं जहां समलैंगिक संबंधों में मौत की सजा का प्रावधान है। जी हां, ईरान, मारुतानिया, सऊदी अरब, सूडान और यमन ऐसा देश हैं जहां इस सजा का प्रावधान दिया गया है। वहीं नाइजीरिया और सोमालिया के कुछ हिस्सों में भी इसी ऐसी ही सजा दी जाती है।
वहीं दुनिया के कुछ देशों में समलैंगिक लोगों को आम लोगों की तरह शादी करने का अधिकार है। लेकिन समलैंगिकता के समर्थक और विरोधी देशों का वर्गीकरण इतना आसान भी नहीं है। कुछ देशों में समलैंगिक संबंधों को लेकर बेहद जटिल कानूनी प्रावधान है। कई देशों में एक साथ इन संबंधों में सजा और संरक्षण दोनों का प्रावधान है जबकि कई देशों के अलग अलग हिस्सों में अलग अलग प्रावधान मौजूद है।
होमोसेक्सुअल
समलैंगिकता कानून
बीते 200 साल के दौरान दुनिया भर के देशो में समलैंगिकता को अपराध के दायरे से बाहर किया गया है। 1789 की फ्रांसीसी क्रांति के बाद समलैंगिकों की स्थिति में सुधार आया है। हालांकि कुछ देश विपरीत दिशा में बढ़ रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दुनिया के 72 देशों में समलैंगिक संबंध अब भी अपराध माने जाते हैं। इतना ही नहीं अब भी कई देश ऐसे हैं जहां इस अपराध के लिए सीधे मौत की सजा है। इनमें ईरान, सूडान, यमन, सऊदी अरब और सोमालिया जैसे देशों में इसके लिए मौत की सजा है।
बीते 200 साल के दौरान दुनिया भर के देशो में समलैंगिकता को अपराध के दायरे से बाहर किया गया है। 1789 की फ्रांसीसी क्रांति के बाद समलैंगिकों की स्थिति में सुधार आया है। हालांकि कुछ देश विपरीत दिशा में बढ़ रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दुनिया के 72 देशों में समलैंगिक संबंध अब भी अपराध माने जाते हैं। इतना ही नहीं अब भी कई देश ऐसे हैं जहां इस अपराध के लिए सीधे मौत की सजा है। इनमें ईरान, सूडान, यमन, सऊदी अरब और सोमालिया जैसे देशों में इसके लिए मौत की सजा है।
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hanged bodies
इन देशों में सिविल कोड के तहत मौत की सजा...
ईरान
ईरान में 1970 तक समलैंगिकता को मान्यता मिली हुई थी, लेकिन 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद देश में सिविल कोड लागू कर दिया गया। इसके तहत समलैंगिकता अपराध की श्रेणी में आने लगा। इसके लिए मौत की सजा का भी प्रावधान है। सिविल कोड के आर्टिकल नंबर 108 से 140 तक में समलैंगिकों को दी जाने वाली सजा का जिक्र है। इसके तहत 18 साल से कम उम्र के युवाओं को मौत की सजा नहीं दी जी सकती।
ईरान
ईरान में 1970 तक समलैंगिकता को मान्यता मिली हुई थी, लेकिन 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद देश में सिविल कोड लागू कर दिया गया। इसके तहत समलैंगिकता अपराध की श्रेणी में आने लगा। इसके लिए मौत की सजा का भी प्रावधान है। सिविल कोड के आर्टिकल नंबर 108 से 140 तक में समलैंगिकों को दी जाने वाली सजा का जिक्र है। इसके तहत 18 साल से कम उम्र के युवाओं को मौत की सजा नहीं दी जी सकती।
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punishment
सऊदी अरब
यहां भी समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी में रखा गया है। सऊदी में शरीया कानून के तहत समलैंगिकों और ट्रांसजेंडर्स को मौत की सजा दी जाती है। हाल में यहां पाकिस्तान के 2 ट्रांसजेंडर नागरिकों को बांध कर डंडों से पीट-पीट कर मारा गया, जिससे दोनों की मौत हो गई।
यहां भी समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी में रखा गया है। सऊदी में शरीया कानून के तहत समलैंगिकों और ट्रांसजेंडर्स को मौत की सजा दी जाती है। हाल में यहां पाकिस्तान के 2 ट्रांसजेंडर नागरिकों को बांध कर डंडों से पीट-पीट कर मारा गया, जिससे दोनों की मौत हो गई।