एक जनवरी 2020 से भारत में कई बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। इन बदलावों का आपकी जिंदगी पर सीधा असर पड़ेगा। इन नए नियमों से जहां एक ओर आपको राहत मिलेगी, वहीं अगर आपने कुछ बातों का ध्यान नहीं रखा तो आपको आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। इनमें रसोई गैस सिलिंडर के दाम, आधार-पैन कार्ड लिंकिंग, एसबीआई डेबिट कार्ड, सबका विश्वास सरकारी योजना, आदि शामिल है। आइए जानते हैं इन महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में।
जरूरी खबर: नए साल से हो रहे हैं ये पांच बदलाव, पहले ही हो जाएं तैयार वरना होगा नुकसान
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नहीं किया ये काम, तो बेकार हो जाएगा आपका पैन कार्ड
अगर आपने 31 दिसंबर तक अपने पैन कार्ड को आधार से लिंक नहीं किया, तो आपको बड़ा नुकसान हो सकता है। आयकर विभाग के आदेश के अनुसार, एक जनवरी के बाद से जो भी पैन कार्ड आधार से लिंक नहीं होंगे, वो रद्दी हो जाएंगे। ऐसे पैन कार्ड, जो आधार से लिंक नहीं होंगे, उनका इस्तेमाल किसी प्रकार की लेन-देन के लिए नहीं हो पाएगा। वे अमान्य हो जाएंगे। हालांकि सरकार ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि एक बार जो पैन कार्ड निष्क्रिय कर दिया जाएगा, वो समय सीमा के बाद भी रि-एक्टिवेट किया जा सकेगा या नहीं।
उच्च न्यायालय ने भी बताया अनिवार्य
31 मार्च को जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, वित्त मंत्रालय ने साफ कहा था कि अगर किसी के पास पैन और आधार कार्ड दोनों है, तो उन्हें जोड़ना अनिवार्य है। इस वर्ष की शुरुआत में उच्च न्यायालय ने भी पैन-आधार लिंक को अनिवार्य बनाते हुए आयकर अधिनियम की धारा 139 एए को बरकरार रखा था।
रसोई गैस सिलिंडर के बदलेंगे दाम
एक जनवरी से रसोई गैस सिलिंडर की कीमत में बदलाव हो जाएगा। इससे पहले लगातार चार महीने तक रसोई गैस के दाम में इजाफा हुआ था इसलिए हो सकता है कि जनवरी में फिर आम आदमी को झटका लगे। गैस वितरण कंपनियां प्रत्येक महीने की एक तारीख को कीमतों की समीक्षा करती हैं। इसके बाद ही इनमें बदलाव किया जाता है।
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दिसंबर में इतना बढ़ा था दाम
दिसंबर में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले गैर-सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलिंडर के दाम 13.50 रुपये बढ़ गया था, जिसके बाद इसका दाम 695 रुपये प्रति सिलिंडर हो गया था। इसी तरह से कोलकाता में 19.50 रुपये, चेन्नई में 18 रुपये और मुंबई में 14 रुपये की वृद्धि हुई।
बंद हो सकता है आपका डेबिट कार्ड
31 दिसंबर के बाद देश में कई एटीएम कम डेबिट कार्ड बंद हो जाएंगे। ऐसे में ग्राहकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इस संदर्भ में देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अपने खाताधारकों के लिए अलर्ट भी जारी किया था। ऐसे में कार्ड को बदलवाने के लिए ग्राहक तुरंत बैंक में संपर्क करें क्योंकि एक जनवरी 2020 से उनके कार्ड से लेन-देन पूरी तरह से बंद हो जाएगा।
यह कार्ड होंगे बंद
एसबीआई ने कहा है कि वो फिलहाल चल रहे अपने मैगनेटिक स्ट्राइप डेबिट कार्ड का प्रयोग बंद करने जा रहा है। एक जनवरी 2020 से केवल ईएमवी चिप और पिन वाले कार्ड ही प्रयोग किए जा सकेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक के आदेश से ऐसा करना जरूरी है। आदेश के अनुसार, भारत में चल रहे सभी बैंको को मैगनेटिक स्ट्राइप वाले डेबिट का प्रयोग इस साल के अंत तक पूरी तरह से बंद कर देना है।
इसलिए उठाया जा रहा है कदम
फ्रॉड से बचने के लिए बैंकों को आरबीआई से ऐसा करने का निर्देश पहले ही मिल चुका है। ज्यादातर नए ग्राहकों को ईएमवी चिप वाला डेबिट कार्ड ही दिया जा रहा है। जिन ग्राहकों के पास मैगनेटिक स्ट्राइप वाला डेबिट कार्ड है, उससे ग्राहक 31 दिसंबर के बाद पैसा नहीं निकाल पाएंगे।
इस तरह से बदल सकते हैं कार्ड
एसबीआई ने अपने ग्राहकों से कहा है कि पुराना कार्ड बदलने पर किसी तरह का कोई चार्ज नहीं लगेगा। ग्राहक इंटरनेट बैंकिंग, योनो एप या फिर अपनी शाखा पर जाकर कार्ड को बदलवा सकते हैं। अगर ग्राहक से किसी तरह का कोई चार्ज लगता है तो वो उसका रिफंड पाने के लिए भी आवेदन कर सकेगा।
नए साल पर बंद हो जाएगी ये सरकारी योजना
वैसे को भारत में कई सरकारी योजनाएं मौजूद हैं, जिनका फायदा कई लोग उठा रहे हैं। लेकिन इन सब में से एक सरकारी योजना अगले साल से यानी एक जनवरी 2020 से बंद होने जा रही है। हम बात कर रहे हैं 'सबका विश्वास स्कीम' की। अगर आप भी सरकारी योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो इसी माह रजिस्ट्रेशन करा लें।
आम बजट में हुई थी शुरुआत
वित्त वर्ष 2019-20 के आम बजट में सबका विश्वास स्कीम की शुरुआत की गई थी। वित्त मंत्रालय ने अप्रत्यक्ष करों के लंबित विवादों निपटारा करने के लिए यह बनाई है, जिसमें करदाताओं को बकाया राजस्व भुगतान के लिए आसान मौके दिए जा रहे हैं। इसलिए अगर आप भी सर्विस टैक्स या एक्साइज ड्यूटी संबंधित विवाद से जुड़े हैं, तो यह योजना आपके लिए लाभदायक साबित हो सकती है।
करदाता की नहीं होगी पहचान
योजना का सबसे खास पहलू यह है कि इसमें संपत्ति या बकाए राजस्व की घोषणा करने वाले करदाता की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। करदाता की ओर से की जाने वाली सभी कार्यवाही, देय राशि का भुगतान और विभाग के साथ संपर्क आदि पूरी तरह ऑनलाइन होंगे जिससे उत्पीड़न या शिकायत की आशंका नहीं रहेगी। योजना के तहत आवेदन काफी सरल है और इसे http://www.cbic-gst.gov.in पर लॉगिंन कर भरा जा सकता है। इस घोषणा पर विभाग के उच्च स्तर के अधिकारी विचार करते हैं, जिसमें सहायक आयुक्त या उसके ऊपर के अधिकारी शामिल होते हैं।
चार महीने में मामले का निपटारा
योजना के तहत खुलासा करने वाले करदाता के मामले का अधिकतम चार महीने में निपटारा हो जाएगा और उसे विमुक्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा। योजना का लाभ उठाने वाले व्यापारी और उद्योग जगत को महज 30 फीसदी भुगतान से ही दंड, ब्याज और मुकदमेबाजी से छुटकारा मिल सकता है। सबसे ज्यादा लाभ उन छोटे कारोबारियों को मिलेगा जिनकी कम राशि मुकदमेबाजी में फंसी है, क्योंकि उनका अदालती खर्च ही 30 फीसदी कर से ज्यादा होगा। विभाग ज्यादा से ज्यादा लोगों तक योजना की जानकारी पहुंचा रहा है। साथ ही किसी शंका के समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 1800-1200-232 पर कॉल कर सकते हैं।