देश में कोरोना वायरस महामारी का कहर पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे के दौरान 40 हजार 906 नए संक्रमित मिले, जबकि 23 हजार 623 मरीज ठीक हुए और 188 की मौत हो गई। ऐसे में सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि महामारी को फैलने से रोकने के लिए बनाए गए नियमों का सख्ती से पालन हो। स्वास्थ्य मंत्रालय भी समय-समय पर निर्देश जारी करता रहता है। इस बीच घरेलू उड़ानों पर यात्रियों की संख्या भी बढ़ गई है। इसके मद्देनजर नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कहा है कि जो यात्री कोविड-19 नियमों का पालन नहीं करेंगे या विमान के अंदर उचित तरीके से मास्क नहीं पहनेंगे, उन्हें विमान से उतार दिया जाएगा।
Coronavirus India Lifetime Ban on Travel: कोरोना का कहर: हवाई यात्रियों के लिए नियमों का उल्लंघन करना पड़ेगा महंगा, जान लें वरना लगेगा प्रतिबंध
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यह सुनिश्चित करने के लिए कि विमान के अंदर कोरोना संबंधी नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, डीजीसीए ने एयरलाइंस को अचानक जांच करने का निर्देश भी दिया है। इसमें देखा जाएगा कि कंपनियां और यात्री कोरोना के नियमों का कितना पालन कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार अगर एयरलाइंस विमान के अंदर नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं करा पाती हैं, तो उन पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। साथ ही, यदि कोई व्यक्ति बार-बार चेतावनी के बावजूद नहीं मानता है तो उसके साथ 'अनियंत्रित यात्री' जैसा व्यवहार किया जाएगा।
घरेलू उड़ानों पर यात्रियों की संख्या बढ़ने के मद्देनजर सार्वजनिक क्षेत्र की एयरलाइन एयर इंडिया ने अपने पायलटों की छुट्टियां भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। कोरोना वायरस महामारी की वजह से पिछले साल 25 मार्च से दो माह के लिए घरेलू उड़ान सेवाएं बंद थीं। 25 मई 2020 को उड़ान सेवाएं फिर शुरू हुईं। अब चूंकि कई राज्यों में फिर से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, एयरलाइन कंपनियों ने भी सख्ती कर दी है।
दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश
दिल्ली हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि उड़ान के दौरान मास्क नहीं पहनने वाले यात्रियों को 'नो फ्लाई लिस्ट' में डाला जाए। इस मामले में प्रत्यक्षदर्शी न्यायमूर्ति ने सभी घरेलू एयरलाइनों और डीजीसीए को नियमों का सख्ती से पालन करने व नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जो यात्री नियमों का पालन करने के लिए तैयार नहीं है उसे तुंरत विमान में जाने से रोका जाए, इतना ही नहीं उसके कुछ अवधि के लिए विमान यात्रा के प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है।
दिल्ली हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद 13 मार्च को DGCA ने गाइडलाइंस जारी कीं। अपनी ताजा गाइडलाइन में डीजीसीए ने एयरलाइंस को कोरोना नियमों का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया है। इसमें कहा गया है कि यदि कोई यात्री मास्क नहीं पहने या शारीरिक दूरी के नियम का पालन नहीं करे तो उसे कम से कम तीन माह से लेकर दो साल तक या इससे अधिक समय तक के लिए 'नो फ्लाई लिस्ट' सूची में डाल दिया जाए। यानी उसकी हवाई यात्रा पर रोक लगा दी जाए।
आइए जानते हैं कि नागर विमानन महानिदेशालय द्वारा बनाए गए नियमों के बारे में-
- यदि उड़ान रवाना होने से पहले कोई यात्री कहे कि वह कोरोन गाइडलाइन का पालन नहीं करेगा तो उसे विमान से उतार दिया जाए।
- यदि कोई यात्री बार-बार चेतावनी के बाद भी मास्क नहीं पहने या कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन नहीं करे तो उसे 'अनियंत्रित यात्री' माना जाए और संबंधित एयर लाइन उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करे।
- अनियंत्रित यात्रियों को सबक सिखाने के लिए नागरिक विमानन सेवाओं के अलग-अलग नियम हैं। यदि कोई यात्री अभद्र भाषा का इस्तेमाल करे तो उसे तीन माह के लिए उड़ान से प्रतिबंधित किया जा सकता है।
- यदि कोई यात्री क्रू मेंबर पर हमला करता है तो उसे छह माह के लिए हवाई यात्रा से प्रतिबंधित किया जा सकता है। जान को खतरा पैदा करता है तो उसे दो साल या अधिक के हवाई सफर से प्रतिबंधित किया जा सकता है।
- इसके अतिरिक्त आरोग्य सेतु मोबाइन एक डाउनलोड करना जरूरी है।
- एयरपोर्ट में प्रवेश से पहले सभी का तापमान भी जांचा जाएगा।
- बोर्डिंग पास के बिना यात्रियों को प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी।
- मास्क को हर समय सही तरीके से पहनना होगा।
- कई राज्यों में आपको आरसीपीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट भी देनी होगी।
- उतरने के लिए जब आपकी लाइन की घोषणा हो तभी आप सीट से उठ सकते हैं।