1 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट से पहले हर आम आदमी से लेकर छोटे-बड़े कारोबारियों को बहुत सारी उम्मीदें हैं। वैसे तो यह सरकार का आखिरी बजट है, लेकिन जानकारों के मुताबिक यह अंतरिम या फिर वोट ऑन अकाउंट न होकर के एक तरह से पूर्ण बजट होगा।
बजट 2019: जनता की इन 7 उम्मीदों को वित्त मंत्री कर दें पूरा, तो होगा बड़ा फायदा
आयकर के स्लैब्स में बढ़ावा
आयकर बजट का मुख्य बिंदु होगा। उम्मीद है कि इन्कम टैक्स स्लैब और रेट को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं हो सकती हैं। वित्त मंत्री फिक्सड डिपॉजिट, इंश्योरेंस प्रीमियम और 1.5 लाख से 2 लाख के म्युचुअल फंड में टैक्स ब्रेक को बढ़ा सकते हैं। सरकार लोगों को बढ़ावा दे रही है कि वे घर में कैश का स्टॉक करने के बजाए उसे बैंकिंग सिस्टम में लेकर आएं।
कॉरपोरेट टैक्स में बदलाव
सरकार कॉरपोरेट टैक्स रेट में 1.25-1.5 फीसदी की कटौती करके उसे 28.75-28.5 फीसदी के बीच में करने की घोषणा कर सकती है। 2015 के बजट में सरकार ने पहली बार इसके बारे में घोषणा की थी। सरकार ने अपने इस कदम से टैक्स नियमों में बदलाव का संकेत दे दिया था।
देश के प्रमुख उद्योग मंडल फिक्की ने सरकार से आगामी बजट में छोटी-बड़ी हर प्रकार की कंपनियों पर कॉरपोरेट कर की दर घटा कर 25 प्रतिशत रखे जाने की सिफारिश की है। भारतीय वाणिज्य उद्योग महासंघ (फिक्की) का कहना है कि इससे कारोबार का विस्तार होगा और कर संग्रह भी बढ़ेगा।
घर खरीदारों को रियायत
घर खरीदने वालों को वित्त मंत्री इस बार रियायत देने की घोषणा कर सकते हैं। केंद्र सरकार 2020 तक सबको अपना घर देने के वादे पर भी काम कर रही है। इसके लिए अफोर्डेबल हाउसिंग को भी बढ़ावा मिल सकता है।
रेलवे में बढ़ सकती है निजी क्षेत्र की भागीदारी
भारतीय रेलवे में अब निजी क्षेत्र को भी हिस्सेदारी मिल सकती है। अभी तक केंद्र सरकार के जिम्मे रेलवे ट्रेनों का परिचालन निजी क्षेत्र को सौंपा जा सकता है। हालांकि अभी इस बात की चर्चा रेलवे बोर्ड के अधिकारियों ने की है, लेकिन इसका फैसला कब तक होगा इस बारे में फिलहाल किसी तरह की जानकारी नहीं मिल पाई है।
रेलवे यात्री व मालगाड़ियों के परिचालन की जिम्मेदारी निजी क्षेत्र को सौंप सकता है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा है कि रेलवे यात्री ट्रेनों एवं मालगाड़ियों के परिचालन में निजी ऑपरेटरों को अनुमति देने पर विचार कर रहा है।