वैसे तो बाजार में निवेश के कई विकल्प मौजूद हैं। फिक्स्ड डिपॉडिट (FD), पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ), शेयर बाजार और सोने से लेकर सरकारी योजनाओं तक, भारतीय हर जगह निवेश करते हैं। लेकिन हाल ही में ऑनलाइन वित्तीय सेवा प्रदाता स्क्रिपबॉक्स के सर्वे से पता चला था कि 58 फीसदी महिलाएं अपना पैसा एफडी, पीपीएफ या बचत खाते में रखती हैं। यानी महिलाओं के लिए पीपीएफ और एफडी अन्य सभी निवेश के विकल्पों से ज्यादा भरोसेमंद हैं। इसके अलावा, सर्वे में शामिल छह फीसदी महिलाएं सोना खरीदने को अच्छा मानती हैं, जबकि 15 फीसदी म्यूचुअल फंड में निवेश करने को बेहतर मानती हैं। यह सर्वे फेसबुक यूजर्स के बीच इस साल अक्तूबर के पहले दो सप्ताह में किया गया। इसमें 400 महिलाओं ने हिस्सा लिया। इसमें 54 फीसदी 80 और 90 के दशक में जन्म लेने वाली महिलाएं हैं।
क्यों 58 फीसदी महिलाएं करती हैं एफडी और पीपीएफ में निवेश? ये हैं कारण
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अलग-अलग अवधि के लिए ब्याज दर भी अलग
लोग ज्यादातर एफडी छह महीने, एक साल या दो साल के हिसाब से कराते हैं। लेकिन बैंकों में आप एक दिन की एफडी भी करवा सकते हैं। ध्यान रहे कि अलग-अलग अवधि के लिए ब्याज दर अलग-अलग होता है। इसलिए किसी भी बैंक में एफडी खुलवाने से पहले आपको उसकी अवधि और ब्याज दर को देख लेना चाहिए।
मैच्योरिटी पीरियड से पहले तुड़वा सकते हैं एफडी
बैंक एफडी की मैच्योरिटी पीरियड से पहले उसे तुड़वाने या पैसे निकालने की भी सुविधा देते हैं। जरूरत पर धारक अपनी एफडी तुड़वा सकते हैं। हालांकि इसके लिए बैंक प्री-मैच्योरिटी चार्ज भी वसूलते हैं।
लोन की भी मिलती है सुविधा
बैंक द्वारा आपको एफडी के ऊपर लोन की भी सुविधा मिलती है। इससे आपको जरूरत के समय पैसे भी मिल जाएंगे। भारतीय स्टेट बैंक ( SBI ) एफडी पर एफडी अमाउंट के 90 फीसदी तक का लोन उपलब्ध कराता है। लोन की राशि 25,000 रुपये से पांच करोड़ रुपये तक है।
वरिष्ठ नागरिकों को ज्यादा लाभ
सभी बैंक एफडी में वरिष्ठ नागरिकों को खास सुविधा देते हैं। वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दर सामान्य से ज्यादा होती है। अधिकतर बैंक वरिष्ठ नागरिकों को 0.50 फीसदी अधिक ब्याज देते हैं।
पीपीएफ के फायदे
पोस्ट ऑफिस के पब्लिक प्रोविडेंट फंड खाते से आम लोगों को काफी फायदा होता है। इस खाते में आपको एक वित्त वर्ष में कम से कम 500 रुपये जमा करने होंगे। ध्यान रहे कि इसके तहत आप एक साल में 1.5 लाख रुपये से ज्यादा जमा नहीं करा सकते है। आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि अगर आपने अपने और अपने बच्चों के नाम पर पीपीएफ खाता खुलवा रखा है, तो सारे खाते मिलाकर अधिकतम निवेश की रकम 1.5 लाख रुपये होनी चाहिए। लिमिट से ज्यादा निवेश करने पर अतिरिक्त रकम पर ब्याज नहीं मिलेगा और ना ही इस पर सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट मिलेगी।
मिलेगा मोटा ब्याज
इसका प्रावधान पीपीएफ एक्ट, 1968 में किया गया है। इसका मैच्योरिटी पीरियड 15 साल है। पीपीएफ खाते में एक साल में आप अधिकतम 12 बार पैसे डाल सकते हैं। हालांकि अगर आप चाहें, तो बार-बार पैसे डालने की जगह एकमुश्त रकम भी निवेश कर सकते हैं। इसके तहत आपको सालाना आठ फीसदी के हिसाब से ब्याज मिलेगा।
लोन की भी मिलती है सुविधा
इसके साथ ही खाता खुलने के तीसरे वित्त वर्ष से आपको लोन की सुविधा भी मिलेगी।
ऐसे खोलें पीपीएफ खाता
अगर आप पीपीएफ खाता खोलना चाहते हैं, तो सरकार द्वारा कई पोस्ट ऑफिस और बैंकों में ये सुविधा उपलब्ध है। कुछ बैंक ग्राहकों को ऑनलाइन भी पीपीएफ खाता खोलने की सुविधा देते हैं। अगर आपने जनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) खाता या एंप्लॉयी प्रोविडेंट फंड (ईपीएफ) खाता खुलवा रखा है, तो भी आप पीपीएफ खाता खुलवा सकते हैं। नॉमिनी बनाने के लिए आपको खाता खोलते समय फॉर्म- ई भरना होगा।
100 रुपये में खुलवा सकते हैं खाता
इसकी सबसे खास बात यह है कि आप महज 100 रुपये में पब्लिक प्रोविडेंट फंड खाता खुलवा सकते हैं।
पांच तारीख तक निवेश करना लाभदायक
पीपीएफ खाते में एक से पांच तारीख तक पैसे डालना आपके लिए लाभदायक साबित हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसके ब्याज का आकलन हर महीने की पांच तारीख तक खाते के मिनिमम बैलेंस पर किया जाता है। इसलिए अगर आप पांच तारीख तक पैसे डाल देते हैं तो आपका मिनिमम बैलेंस बढ़ जाता है।