चंडीगढ़ पीजीआई की मोर्चरी (शवगृह) में शुक्रवार को एक शख्स पीपीई किट बेचता पकड़ा गया। उसकी करतूत का वीडियो वायरल हुआ तो पीजीआई ने अपना पल्ला झाड़ लिया। कहा-यह पीजीआई का कर्मचारी नहीं है। प्रबंधन का कहना है कि ऐसी कोई शिकायत भी उसे नहीं मिली है। शिकायत आने पर जांच की जाएगी। पिंजौर निवासी हरजीत सिंह शुक्रवार को अपने परिजन रामनारायण का शव लेने पीजीआई की मोर्चरी में पहुंचे। उन्हें वहां पीपीई किट की जरूरत महसूस हुई। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात गार्ड मनोहर से पूछा तो उसने एक शख्स के पास भेज दिया। उक्त शख्स ने पीपीई किट के बदले में एक हजार रुपये मांगे। इससे नाराज होकर हरजीत सिंह के साथी ने वीडियो बनाना शुरू किया तो पीपीई किट बेचने वाला शख्स साफ मुकरने लगा। वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी भी मामले को रफादफा करने की कोशिश करने लगे। उन्होंने बाद में मुफ्ट पीपीई किट देने तक को कहा। मोर्चरी के बाहर मौजूद अन्य लोगों ने भी इस पर नाराजगी जताई।
वीडियो वायरल: पीजीआई के शवगृह में पीपीई किट के बदले मांगे 1000 रुपये, कैमरे में कैद हुआ शख्स तो कही ये बात
वीडियो बनाया तो मुकर गए आरोपी
तीन मिनट आठ सेकेंड के वीडियो में सुरक्षाकर्मी और पीपीई किट बेचने का आरोपी साफ मुकरते नजर आ रहे हैं। गार्ड कहता दिख रहा है कि उसने तो शख्स से पीपीई किट के बारे में पता करने को कहा था।
इस दौरान मौके पर मोर्चरी का सुपरवाइजर भी पहुंचा और उक्त व्यक्ति को पुलिस के हवाले करने की बात कहने लगा। हालांकि लोगों के रोकने पर बीच-बचाव हुआ।
मुफ्त दी जाती है पीपीई किट
पीजीआई प्रशासन ने इस मामले पर अनभिज्ञता जताई है। कहा है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति उनका कर्मचारी नहीं है न ही इस संबंध में कोई शिकायत मिली है। पीजीआई में मरीजों के परिजनों को पीपीई किट निशुल्क दी जाती है। इसके लिए किसी भी तरह का भुगतान नहीं लिया जाता।
कोरोना काल में पीजीआई ने निभाई अहम भूमिका
बता दें कि कोरोना काल में चंडीगढ़ पीजीआई ने अहम भूमिका निभाई है। यहां के नेहरू विस्तार खंड में हजारों कोविड मरीजों का इलाज हुआ। वहीं पीजीआई ने कई प्रदेशों के डॉक्टरों को कोरोना काल में प्रशिक्षण भी दिया था। अब ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज में एक बार फिर पीजीआई अहम योगदान दे रहा है। पीजीआई में मौजूदा समय में ब्लैक फंगस के सबसे ज्यादा 116 मरीज भर्ती हैं, जिसमें पंजाब के सबसे ज्यादा 62 मरीज हैं। उसके बाद हरियाणा के 25, उत्तर प्रदेश के 11, चंडीगढ़ के 7, उत्तराखंड के तीन, हिमाचल प्रदेश के तीन और राजस्थान के 4 मरीज शामिल हैं।
