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मोबाइल ऐप इंस्टॉल करते ही बैंक खाते हो रहे खाली, आप न कर दीजिएगा ये गलती, सचेत रहें
Fri, 20 Dec 2019 09:17 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 20 Dec 2019 09:17 AM IST
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कोई भी मोबाइल ऐप इंस्टॉल करते समय सावधानी बरतें। ठग नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं, आप भी बचकर रहना वरना बैंक खाता खाली हो जाएगा।
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साइबर ठगों ने अब खाते से पैसे निकाले का एक नया तरीका ढूंढ लिया है। वह सामने वाले से अधिकारी बनकर बात करते है और उसके फोन पर ही एक ऐप इंस्टॉल कराकर उससे खाता हैक कर लेते है। फिर खाते में जमा नगदी को अपने खाते में ट्रांसफर कर लेते हैं। इससे साइबर ठगों को यह फायदा होता है कि पीड़ित के पास ट्रांजेक्शन का ओटीपी नहीं पहुंचता और सीधा ही उसके खाते से पैसे ट्रांसफर हो जाते है। हरियाणा के पानीपत शहर में एक दिन में साइबर ठगों ने चार वारदातों को अंजाम दिया, लेकिन पुलिस इनको पकड़ने में अभी तक असमर्थ है। डीएसपी सतीश वत्स ने शहरवासियों से अपील की है कि वह जागरूक रहें। अगर किसी व्यक्ति का फोन आता है तो वह अपने खाते से संबंधित कोई भी डिटेल सामने वाले को न बताएं।
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एक दिन में चार घटनाएं
पुलिस को दी शिकायत में प्रमोद कुमार, प्रांत सचिव अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत हरियाणा ने बताया कि उन्हें किसान की कंपनी रजिस्टर्ड कराने के लिए बोर्ड ऑफ डायरेक्टरेट्स के बैंक की स्टेटमेंट चाहिए होती है। किसान ज्यादा व्यस्त था, जिसके कारण वह अपनी बैंक की स्टेटमेंट नहीं दे सकता था। पीड़ित ने उसकी बैंक डिटेल लेने के लिए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के टोल फ्री नंबर पर फोन किया। बैंक कर्मी ने उससे अथॉरिटी लेटर मांगा, ताकि उसके खाते की बैंक स्टेटमेंट मिल सके, लेकिन सामने वाले व्यक्ति ने स्टेटमेंट देने से पहले पीड़ित से वेरीफिकेशन के नाम पर उसका फोन नंबर मांगा। साथ ही उसके फोन में एक एनी डेस्क के नाम से ऐप इंस्टॉल कराई, जिससे उसने पीड़ित का बैंक खाता हैक कर लिया। आरोपी ने पीड़ित से उसके एटीएम कार्ड की फोटो मंगवाई और फिर तीन बार में 5900 रूपये ट्रांसफर कर लिए।
पुलिस को दी शिकायत में प्रमोद कुमार, प्रांत सचिव अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत हरियाणा ने बताया कि उन्हें किसान की कंपनी रजिस्टर्ड कराने के लिए बोर्ड ऑफ डायरेक्टरेट्स के बैंक की स्टेटमेंट चाहिए होती है। किसान ज्यादा व्यस्त था, जिसके कारण वह अपनी बैंक की स्टेटमेंट नहीं दे सकता था। पीड़ित ने उसकी बैंक डिटेल लेने के लिए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के टोल फ्री नंबर पर फोन किया। बैंक कर्मी ने उससे अथॉरिटी लेटर मांगा, ताकि उसके खाते की बैंक स्टेटमेंट मिल सके, लेकिन सामने वाले व्यक्ति ने स्टेटमेंट देने से पहले पीड़ित से वेरीफिकेशन के नाम पर उसका फोन नंबर मांगा। साथ ही उसके फोन में एक एनी डेस्क के नाम से ऐप इंस्टॉल कराई, जिससे उसने पीड़ित का बैंक खाता हैक कर लिया। आरोपी ने पीड़ित से उसके एटीएम कार्ड की फोटो मंगवाई और फिर तीन बार में 5900 रूपये ट्रांसफर कर लिए।
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करतार शाह नगर, मॉडल टाउन निवासी मोनिका बत्तरा पत्नी साहिल बत्तरा ने बताया कि उसका खाता आईसीआईसीआई बैंक गुरुग्राम शाखा में है। उसके खाते से 14 दिसंबर को 50 हजार 70 रूपये कट गए। उसके पास पहले दो बार में 10-10 हजार कटने के मैसेज आए, उसके बाद तीन बार 10023 रूपये कटने के मैसेज आए। पीड़िता ने बताया कि एटीएम उसी के पास है, लेकिन उसके खाते से पैसे कैसे कटे ये समझ नहीं आया। मॉडल टाउन निवासी अमित भास्कर पुत्र रमेश भास्कर ने बताया कि उसका खाता पंजाब नेशनल बैंक में है। उसके खाते से 14 दिसंबर की रात 11:32 पर दो बार 15 हजार रुपये कट गए। पीड़ित ने बताया कि उसके पास पहले 10 हजार व उसके कुछ देर पर 15 हजार रूपये कटने का मैसेज आया। न्यू क्रांति नगर, गोहाना रोड निवासी शिखा मित्तल पुत्री नरेश मित्तल ने बताया कि उसका खाता जीटी रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया में है। उसने अपने खाते से 14 दिसंबर को पचरंगा बाजार स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम कार्ड से पांच हजार रुपये निकलवाए थे। उसी दिन उसके पास फोन पर 8500 रुपये कटने का मैसेज आया। जब उसने यूनियन बैंक में जाकर चेक कराया तो अधिकारियों ने पीड़िता को फ्रॉड होने की बात कही।
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साइबर ठगों से बचने को यह सावधानियां बरतें
1. क्रेडिट कार्ड का नंबर न बताए।
2. डेबिट कार्ड का नंबर न बताए।
3. खाता नंबर न बताए।
4. ओटीपी नंबर नहीं बताएं।
5. मैसेज भेजकर लिंक पर क्लिक करने को कहा जाए तो नहीं करें
1. क्रेडिट कार्ड का नंबर न बताए।
2. डेबिट कार्ड का नंबर न बताए।
3. खाता नंबर न बताए।
4. ओटीपी नंबर नहीं बताएं।
5. मैसेज भेजकर लिंक पर क्लिक करने को कहा जाए तो नहीं करें