{"_id":"5d07e5f08ebc3e3f2631c0e7","slug":"chandigarh-bhagwan-jagannath-temple-snana-yatra-ritual","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"भगवान हुए बीमार, अब 15 दिनों तक नहीं होंगे जगन्नाथ जी के दर्शन, एकांत में करेंगे वास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भगवान हुए बीमार, अब 15 दिनों तक नहीं होंगे जगन्नाथ जी के दर्शन, एकांत में करेंगे वास
नीरज कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 18 Jun 2019 02:40 AM IST
विज्ञापन
1 of 5
भगवान जगन्नाथ
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर कराए गए महास्नान के बाद भगवान जगन्नाथ बीमार पड़ गए हैं। भगवान जगन्नाथ अब 15 दिनों तक आराम करेंगे। भगवान का जड़ी बूटियों, औषधियों से उपचार कराया जाएगा। इस दौरान भक्त उनके दर्शन नहीं कर सकेंगे। मंदिर परिसर में न तो आरती होगी, न घंटे घड़ियाल बजाए जाएंगे। यहां तक कि ऊंची आवाज में बोलना भी मना है।
2 of 5
भगवान जगन्नाथ
- फोटो : अमर उजाला
सेक्टर 31 स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में ज्येष्ठ पूर्णिमा को भक्तों ने भगवान को 108 घड़े के जल से स्नान कराया। उत्कल सांस्कृतिक संघ के महासचिव अरुण मलिक ने बताया कि अब मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए हैं। मंदिर के पुजारियों के अलावा भक्तों ने भी भगवान को स्नान कराया। सोमवार सुबह मंदिर में भगवान की पूजा अर्चना के बाद भगवान के विग्रह को बाहर निकालकर महास्नान कराया गया। इस दौरान इस्कॉन और श्री चैतन्य गौड़ीय मठ के संन्यासी और भक्त संकीर्तन करते रहे। भंडारे का आयोजन भी किया गया।
3 of 5
- फोटो : अमर उजाला
अरुण मलिक ने बताया कि अब भगवान को अन्न का प्रसाद नहीं चढ़ाया जाएगा। फलों में केले का प्रसाद भी वर्जित है। भगवान का उपचार जड़ी बूटियों, सोंठ, लौंग, इलाइची, काली मिर्च, पीपली से होगा। उन्होंने कहा कि मंदिर के पुजारी लक्ष्मी धर दास उनका इलाज करेंगे। मंदिर के गर्भ गृह में केवल पुजारी ही जाएंगे। अन्य कोई भी भक्त मंदिर में प्रवेश नहीं करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
- फोटो : अमर उजाला
भीषण गर्मी के बाद भी ट्राइसिटी के अलावा बद्दी और डेराबस्सी से भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। दो जुलाई को नेत्र उत्सव और तीन जुलाई को उभा यात्रा के बाद चार जुलाई को रथयात्रा निकाली जाएगी। देव स्नान पूर्णिमा के अवसर पर उत्कल सांस्कृतिक संघ के प्रधान और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च (एनआईटीटीटीआर) के डायरेक्टर प्रोफेसर एसएस पटनायक, संघ के वाइस चेयरमैन एसके भुइयां सहित बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित हुए।
विज्ञापन
5 of 5
- फोटो : अमर उजाला
परंपरानुसार भगवान की बीमारी की जांच के लिए प्रतिदिन वैद्य (पुजारी) भगवान जगन्नाथ की देखभाल करते हैं। भगवान को प्रतिदिन शीतल लेप भी लगाया जाता है। भगवान जगन्नाथ को रात में सोने से पूर्व मीठा दूध भी निवेदित किया जाता है। भगवान के ठीक होने पर उस दिन जगन्नाथ यात्रा निकलती है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।