हरियाणा के रोहतक में एक दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम दिया गया। यहां के जाट कॉलेज में शुक्रवार रात कुश्ती कोच ने दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम दिया। कोच ने अंधाधुंध फायरिंग कर तीन कोच और एक महिला पहलवान समेत पांच लोगों की गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया। जबकि गोली लगने से तीन साल का बच्चा और एक अन्य कोच गंभीर रूप से घायल हो गए।
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शव ले जाते पुलिसकर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
सूचना मिलने पर एसपी राहुल शर्मा और कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। वारदात के पीछे अखाड़े को लेकर पुरानी रंजिश बताई जा रही है। पुलिस प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी कोच सुखवेंद्र का चाल चलन सही नहीं था। जिसके चलते उसके पिता मेहर सिंह ने उसे बेदखल किया था। पत्नी ने भी साथ छोड़ दिया था।
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बिलखती पहलवान पूजा की बहन।
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इतना ही नहीं, आरोपी पहले मेहर सिंह अखाड़े में कोच था। जहां से उसे उसके चाल चलन को देखते हुए निकाल दिया था। इसके बाद वह जाट कॉलेज अखाड़े में कोचिंग देने लगा। यहां भी उसका चाल चलन ठीक नहीं था। जिसके बाद उसे यहां से भी हटाने की बात कह दी थी। जिसके बाद सिरफिरे ने इस पूरी वारदात को प्लानिंग के हिसाब से अंजाम दिया।
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अस्पताल में जुटे लोग।
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मूलरूप से सोनीपत जिले के सरगथल गांव निवासी 35 वर्षीय मनोज कुमार जाट कॉलेज के अखाड़े में हेड कोच के पद पर था। जबकि मनोज की पत्नी साक्षी रेलवे में नौकरी करती थी। मनोज अपनी पत्नी और तीन साल के बच्चे सरताज के साथ देव कॉलोनी में रहता था।
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घायलों को अस्पताल ले जाते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
रोजाना की तरह शाम के समय पत्नी और बच्चे के साथ जाट कॉलेज के ट्रैक पर घूमने के लिए गया था। दूसरा कोच सोनीपत के बरौदा निवासी सुखवेंद्र मोर अखाड़े के ऊपर वाली मंजिल पर रहता था। उसने मनोज और उसके परिवार को अपने कमरे में बुलाया। इसी दौरान ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।