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World Environment Day 2021: यूं ही देश की ग्रीन कैपिटल नहीं कहलाता चंडीगढ़, इस एक कदम से बढ़ रही हरियाली
Sat, 05 Jun 2021 11:01 AM IST
निवेदिता वर्मा
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 05 Jun 2021 11:01 AM IST
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विश्व पर्यावरण दिवस 2021: चंडीगढ़ का ग्रीन एरिया।
- फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ में आबादी के साथ लगातार हरित क्षेत्र बढ़ रहा है। 2001 में हरित क्षेत्र 26 प्रतिशत था, जो आज आबादी के हिसाब से बढ़कर 46 प्रतिशत हो गया है। चंडीगढ़ देश का एकमात्र ऐसा शहर है जहां आबादी के हिसाब से हरित क्षेत्र बढ़ा है, इसलिए चंडीगढ़ को देश की ग्रीन कैपिटल भी कहते हैं। शहर के मुख्य वन संरक्षक देवेंद्र दलाई ने बताया कि सामान्य तौर पर किसी भी शहर की आबादी जैसे-जैसे बढ़ती है वहां विकास कार्य शुरू हो जाते हैं। लोगों को आवास व मूलभूत सुविधाओं के लिए काम शुरू हो जाता है। इसमें शहर का हरित क्षेत्र कम होता जाता है, लेकिन चंडीगढ़ इसके विपरीत है। यहां आबादी के साथ हरित क्षेत्र भी लगातार बढ़ा है। इसका श्रेय यहां के लोगों को जाता है, जो छोटे से छोटे घर में भी हरियाली रखने का प्रयास करते हैं। यही कारण है कि हरित क्षेत्र के मामले में भुवनेश्वर, देहरादून, भोपाल की तुलना में चंडीगढ़ हमेशा अव्वल रहा है।
विश्व पर्यावरण दिवस 2021: चंडीगढ़
- फोटो : अमर उजाला
वन विभाग हर साल ग्रीन एक्शन प्लान के तहत हर साल डेढ़ से दो लाख पौधे लगाता है। इसमें निगम व प्रशासन के बागवानी विभाग भी सहयोग करते हैं। इन पौधों को रोपने का मुख्य उद्देश्य है कि विकास कार्य के लिए कोई पेड़ कटे तो उसके एवज में नया हरित क्षेत्र तैयार रहे।
विश्व पर्यावरण दिवस 2021: चंडीगढ़
- फोटो : अमर उजाला
पिछले साल जब पूरे देश में लॉकडाउन लगा था तो चंडीगढ़ का एक्यूआई 20 तक पहुंच गया था। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है कि किसी शहर का एक्यूआई इतना कम हुआ है। चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने वर्ष 2018, 2019 व 2020 के मार्च, अप्रैल व मई माह के एक्यूआई की तुलना की। इसमें देखा गया कि लॉकडाउन के कारण अप्रैल 2020 में एक्यूआई सबसे बेहतर रहा।
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चंडीगढ़ का डंपिंग ग्राउंड
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि चंडीगढ़ की खूबसूरती और हरियाली पर डंपिंग ग्राउंड व कचरा निस्तारण प्लांट एक दाग की तरह हैं। डंपिंग ग्राउंड से उठती दुर्गंध, धूल और आग लगने के बाद धुआं से प्रदूषण की मात्रा बढ़ती रहती है। प्लास्टिक के लगे ढेर भी बताते हैं कि पर्यावरण की रक्षा में कहीं न कहीं चूक है।
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विश्व पर्यावरण दिवस 2021: चंडीगढ़
- फोटो : फाइल फोटो
चंडीगढ़ को अपनी हरियाली के लिए जाना जाता है। यहां हेरिटेज पेड़ों के संरक्षण पर तो ध्यान दिया ही जाता है, साथ ही हर सेक्टर, कॉलोनी व घरों के आगे पार्क बनाने की भी पद्धति है।