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Pics: जलियांवाला बाग नरसंहार...इसी कुंए में फेंके गए थे सैकड़ों शव, देखिए

Sun, 22 Apr 2018 03:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब) Updated Sun, 22 Apr 2018 03:57 PM IST
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jallianwala bagh massacre amritsar, 13 april 1919 rare pictures
इसी कुंए में फेंके गए थे सैकड़ों शव - फोटो : File Photo
जलियांवाला बाग नरसंहार 13 अप्रैल 1919 को हुआ था। इस नरसंहार की याद में देखिए कुछ खास तस्वीरें।
jallianwala bagh massacre amritsar, 13 april 1919 rare pictures
Jallianwala Bagh, Amritsar
जलियांवाला बाग नरसंहार में आज के ही दिन क्रूर अंग्रेज सिपाहियों ने निहत्थे लोगों पर गोलियों बरसा कर 1000 से ज्यादा लोगों की हत्या कर दी थी। मरने वाले इन बेकसूर लोगों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।
jallianwala bagh massacre amritsar, 13 april 1919 rare pictures
Jallianwala Bagh, Amritsar
बैसाखी के दिन 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग़ में रोलेट एक्ट, अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों व दो नेताओं सत्यपाल और सैफुद्दीन किचलू की गिरफ्तारी के विरोध में एक सभा रखी गई, जिसमें कुछ नेता भाषण देने वाले थे। शहर में कर्फ्यू लगा हुआ था, फिर भी इसमें सैंकड़ों लोग ऐसे भी थे, जो बैसाखी के मौके पर परिवार के साथ मेला देखने और शहर घूमने आए थे और सभा की खबर सुन कर वहां जा पहुंचे थे।
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jallianwala bagh massacre amritsar, 13 april 1919 rare pictures
Jallianwala Bagh, Amritsar
करीब 5,000 लोग जलियांवाला बाग में इकट्ठे थे। ब्रिटिश सरकार के कई अधिकारियों को यह 1857 के गदर की पुनरावृत्ति जैसी परिस्थिति लग रही थी जिसे न होने देने के लिए और कुचलने के लिए वो कुछ भी करने के लिए तैयार थे। जब नेता बाग में पड़ी रोड़ियों के ढेर पर खड़े हो कर भाषण दे रहे थे, तभी ब्रिगेडियर जनरल रेजीनॉल्ड डायर 90 ब्रिटिश सैनिकों को लेकर वहां पहुँच गया।
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jallianwala bagh massacre amritsar, 13 april 1919 rare pictures
Jallianwala Bagh, Amritsar
ब्रिटिश सैनिकों के हाथों में भरी हुई राइफलें थीं। सैनिकों ने बाग को घेर कर बिना कोई चेतावनी दिए निहत्थे लोगों पर गोलियाँ चलानी शुरु कर दीं। 10 मिनट में कुल 1650 राउंड गोलियां चलाई गईं। जलियांवाला बाग उस समय मकानों के पीछे पड़ा एक खाली मैदान था। वहां तक जाने या बाहर निकलने के लिए केवल एक संकरा रास्ता था और चारों ओर मकान थे। भागने का कोई रास्ता नहीं था।
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