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देखिए वो पिस्टल, जिससे भगत सिंह ने सांडर्स को मारा था, 90 साल बाद सामने आई
Fri, 23 Mar 2018 05:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 23 Mar 2018 05:51 PM IST
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शहीद भगत सिंह की पिस्तौल
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शहीद-ए-आजम भगत सिंह ने जिस पिस्तौल से जॉन सांडर्स पर गोली चलाई थी, वह 90 साल बाद दुनिया के सामने आई, देखिए तस्वीरों में।
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शहीद भगत सिंह की पिस्तौल
भगत सिंह की यह पिस्तौल नंबर-168896 भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय हुसैनीवाला बार्डर पर बने बीएसएफ के म्यूजियम में रखी गई है। फिरोजपुर के तूड़ी बाजार स्थित क्रांतिकारियों के गुप्त ठिकाने में क्रांतिकारी जय गोपाल ने भगत सिंह के पास यह पिस्तौल देखी थी। जयपाल ने सांडर्स मर्डर केस की सुनवाई के दौरान इस पिस्तौल की शिनाख्त भी की थी।
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शहीद भगत सिंह की पिस्तौल
भगत सिंह की इसी पिस्तौल से चली गोली से अंग्रेज अधिकारियों की मौत हुई थी। गोली इसी पिस्तौल से चली थी, इसकी जांच लंदन के बंदूक विशेषज्ञ रोर्बट चर्चिल ने की थी। उसके बाद ही भगत सिंह को सजा हुई थी। पिस्तौल 8 अप्रैल 1929 को दिल्ली असेंबली हाल में बम फेंकने के दौरान भगत सिंह से ही बरामद हुई थी, जिसे अंग्रेजों ने कब्जे में ले लिया था।
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शहीद भगत सिंह की पिस्तौल
भगत सिंह की यह पिस्टल अमेरिका में बनी 0.32 बोर, बट नंबर 460-एम, बॉडी नंबर-168896 एक आटोमेटिक पिस्तौल है। इस पिस्तौल को बंदूकों के माहिर रोर्बट चर्चिल के पास लंदन में जांच के लिए भेजा गया था। चर्चिल ने 26 जून 1930 को लाहौर आकर जज जीसी हिलटन के समक्ष अपने बयान दिए थे कि सांडर्स कत्ल के समय बरामद हुई गोलियां व खोल इसी पिस्तौल से चले थे।
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शहीद भगत सिंह की पिस्तौल
बता दें कि साइमन कमीशन की खिलाफत करते हुए लाठीचार्ज में घायल होकर लाला लाजपत राय ने दम तोड़ दिया था। लाला जी की मौत का बदला लेने के लिए भगत सिंह और राजगुरू ने 17 दिसंबर 1928 को सांडर्स को मार डाला था। उस मामले के बाद से ही इस पिस्तौल को तलाशा जा रहा था। इसी तलाश के तहत पता चला कि पिस्टल देश में ही है, बस पहचान करानी होगी इसकी।
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