2 बार पूरे 5 साल तक विधायक रहे शख्स अब आलीशान कोठी से फूटपाथ पर पहुंच चुके हैं। उनसे मिलने पहुंचे अंबेडकर के पोते। दरअसल प्रकाश अंबेडकर ने पूर्व विधायक शिंगारा सिंह की सरकारी कोठी खाली कराये जाने की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि सरकार द्वारा अपनाया तरीका बिलकुल गलत था। उन्होंने सरकार से मांग करते कहा कि दो बार विधायक रहे शिंगारा राम सहूंगड़ा के सत्कार को बहाल रखते हुए सरकार को उनकी रिहाइश का प्रबंध करना चाहिए।
फुटपाथ पर पहुंचे पूर्व विधायक से मिले अंबेडकर के पोते, देखिए तस्वीरें
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उन्होंने एसडीएम कार्यालय गढ़शंकर में एक माह से भूख हड़ताल पर बैठे पूर्व विधायक शिंगारा राम सहूंगड़ा के समर्थकों से ये बात कही। संविधान निर्माता डा. बीआर अंबेडकर के पोते तथा राज्यसभा सदस्य प्रकाश अंबेडकर ने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार एंटी डेमोक्रेटिक है जो अपने फैसले जनता पर बिना वजह थोप रही है। आज के समय में सरकार के पास किसी की भी बात सुनने का समय नहीं है।
यह है मामला
ये पूर्व विधायक हैं शिंगारा राम साहूंग्रा। 1992 में पंजाब के होशियारपुर की गढ़शंकर विधानसभा सीट पर BSP के टिकट पर विधायक बने थे। इसी साल इन्होंने गढ़शंकर में इरिगेशन विभाग की एक कोठी पर कब्जा कर अपना ठिकाना बना लिया था। 1997 में हुए अगले विधानसभा चुनाव में भी शिंगारा राम बसपा की टिकट पर गढ़शंकर विधानसभा सीट से जीत गए थे। वह अब बसपा छोड़ चुके है, बीते कई वर्षों से कांग्रेस के लिए काम कर रहे थे। कोठी पर कब्जा छोड़ने के लिए इन्हें काफी नोटिस मिले।
पूर्व विधायक शिंगारा सिंह ने किसी नोटिस की परवाह नहीं की तो हाल ही में प्रशासन ने उनका सामान बाहर फेंक कर कोठी खाली करवा ली। एसडीएम अमरजीत सिंह के नेतृत्व में इरिगेशन विभाग के इंजीनियर विजय कुमार, डीएसपी रणजीत सिंह ने भारी पुलिस फ़ोर्स ने सामान उठा कर बाहर फेंक दिया। साहूंग्रा ने बताया कि पूर्व विधायक होने के नाते 20 हजार रुपए मासिक पेंशन मिलती है। उसी में से मैं अपने लिए किराए के घर की तलाश कर रहा हूं, लेकिन जब तक घर नहीं मिल जाता तब तक मैं खुले आसमान के नीचे ही रहूंगा। विधायक की पत्नी भी सड़क पर ही रोटी बना रही हैं और अब यहीं उनका किचन है।