प्रसिद्ध गायक सिद्धू मूसेवाला को करीब दो दर्जन गोलियां लगीं। यह खुलासा सोमवार को डॉक्टरों की पांच सदस्यीय टीम के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, बाएं फेफड़े और लिवर पर गोलियों की बौछार ही सिद्धू मूसेवाला की मौत का कारण बनी। डॉक्टरों की टीम ने मूसेवाला की शरीर में गोलियां ढूंढने के लिए पोस्टमार्टम से पहले शव का एक्स-रे कराया, ताकि शरीर में गोलियों की स्थिति का पता चल सके।
Moose Wala Post Mortem: शरीर में मिली 24 गोलियां, फेफड़ा और लिवर हुआ छलनी, डॉक्टरों ने बताई- किस वजह से गई गायक की जान
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पोस्टमार्टम के दौरान मूसेवाला के शरीर में 24 गोलियां बरामद हुई हैं, जिन्होंने मूसेवाला के जीवन का अंत कर दिया। इस बीच, सिद्धू मूसेवाला का अंतिम संस्कार मंगलवार सुबह 10 बजे गांव मूसा में किया जाएगा। सिद्धू मू्सेवाला के बहनोई चमकौर सिंह के अनुसार, पोस्टमार्टम के बाद शव को अस्पताल में ही रखा गया है और अंतिम संस्कार 31 मई को किया जाएगा।
मोगा के धर्मकोट में मिली ऑल्टो कार
सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद भाग रहे हमलावरों ने जो आल्टो कार छीनी थी, वह मोगा जिले के धर्मकोट इलाके में लावारिस हालत में मिली है। इस बीच, मोगा पुलिस ने मूसेवाला हत्याकांड में मोगा के एक व्यक्ति को नकोदर से हिरासत में लिया है। हालांकि पुलिस ने मोगा निवासी को हिरासत में लेने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
असाल्ट राइफल का इस्तेमाल देख एजेंसियां चकराईं
सिद्धू मूसेवाला पर गैंगस्टरों ने जिन तीन हथियारों से गोलियां बरसाई थीं, उनमें एक असाल्ट राइफल एएन-94 भी शामिल थी। इस हथियार के उपयोग ने खुफिया एजेंसियां भी चकरा गई हैं, क्योंकि इस असाल्ट राइफल का उपयोग केवल सशस्त्र सेनाओं द्वारा ही किया जाता रहा है। यह पहला मौका है जब यह हथियार गैंगस्टरों के पास होने की पुष्टि हुई है। उल्लेखनीय है कि इसी महीने के आरंभ में मोहाली में इंटेलिजेंस विंग के मुख्यालय पर हुए आरपीजी हमले से भी यह बात सामने आई थी कि गैंगस्टर और आतंकी कंधे पर रखकर दागी जाने वाली रूसी मिसाइलों का इस्तेमाल करने लगे हैं।
देहरादून में पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन
इसी कड़ी में सोमवार को पंजाब पुलिस और उत्तराखंड पुलिस की एक संयुक्त टीम ने देहरादून में छापा मारकर छह लोगों को हिरासत में लिया था, जिनके बारे में कहा जा रहा था कि उन्होंने मूसेवाला पर हमला करने वालों की मदद की थी लेकिन देर शाम पुलिस ने छह में से एक व्यक्ति को हिरासत में रखा और बाकी पांच को छोड़ दिया।