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हाइवे किनारे शराबबंदी के पीछे है ये 'व्हील चेयर' वाला शख्स, दिलचस्प है इनकी कहानी

Wed, 12 Apr 2017 05:43 PM IST
टीम डिजीटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
टीम डिजीटल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 12 Apr 2017 05:43 PM IST
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unique story of harman sidhu, who is responsible for liquor ban in india
हरमन सिंह सिद्धू - फोटो : File Photo
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हाइवे किनारे हुई शराबबंदी ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया लेकिन क्या आप जानते है, इस सब के पीछे वो शख्स कौन है? 
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हरमन सिद्धू
हम बात कर रहे हैं देश में शराबबंदी कराने वाले चंडीगढ़ निवासी हरमन सिंह सिद्धू की। इनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने शराब और हाइवे किनारे बने शराब के ठेके बैन किए। ये 20 साल से व्हील चेयर पर बैठे हैं और इन्होंने शराबबंदी के लिए लंबी लड़ाई लड़ी, जिसमें जीत भी मिली। पर हरमन सिद्धू के लिए जीत की राह इतनी आसान नहीं थी। यह लड़ाई उन्हें 20 साल पहले हुए हादसे की याद दिलाती है।
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हरमन सिद्धू
क्या हुआ था 20 साल पहले: 1996 में अक्टूबर महीने की सर्द शाम को हरमन अपने तीन दोस्तों के साथ हिमाचल के रेणुका इलाके से चंडीगढ़ जा रहे थे। कुछ जंगली जानवरों को देखने की चाहत में उन्होंने हाइवे किनारे की कच्ची सड़क पर गाड़ी चलानी शुरू की। अचानक कार फिसल गई और पहाड़ी से नीचे जा गिरी। हरमन के दोस्त कार से निकलने में कामयाब हो गए, लेकिन वह नहीं हो पाए।
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हरमन सिद्धू
उन्हें पीजीआई अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें पता चला कि उन्हें रीढ़ की हड्डी में चोट लगी है। इसकी वजह से उनकी गर्दन से नीचे का हिस्सा काम नहीं करता। 26 साल की उम्र में ही वह वीलचेयर के सहारे जीने को मजबूर हो गए। अगले कुछ वर्षों तक वह बार-बार यही सवाल करते, 'मेरे साथ ही ऐसा क्यों हुआ? अस्पताल के बेड पर जब मरीजों का हाल पूछा जाता, तब उन्हें समझ आया कि वह अकेले नहीं हैं।
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दिव्यांग हरमन सिद्धू की याचिका पर हुई ‘शराबबंदी’ - फोटो : अमर उजाला
हरमन को लगा कि रोजाना कई लोग सड़क दुर्घटना का शिकार होते हैं। यही बात उनके लिए टर्निंग पॉइंट बन गई और और उन्होंने सड़क सुरक्षा के लिए काम करने की ठानी। सिद्धू ने एक रिसर्च की और इसमें पाया कि भारत में हर 4 मिनट में सड़क हादसे में एक मौत होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़े के मुताबिक 30-35 फीसदी सड़क हादसे शराब पीकर गाड़ी चलाने से होते हैं।
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