आईपीएल के मुख्य प्रायोजक से चीनी कंपनी विवो के हटने को राष्ट्रभक्ति से भले जोड़कर देखा जा रहा हो, लेकिन इसके अंदर की कहानी बाजार से जुड़ी नजर आ रही है। बीसीसीआई इससे भली भांति परिचित था। रविवार को आयोजित आईपीएल संचालन परिषद की बैठक से पहले ही विवो के इस साल आईपीएल से नहीं जुड़ने की मंशा के बारे में बीसीसीआई के कुछ आला अधिकारियों को पता था।मगर बोर्ड इतने अहम मौके पर 440 करोड़ रुपये का मोटा प्रायोजक खोना नहीं चाहता था। बोर्ड को उम्मीद थी कि चीनी कंपनी मान जाएगी, लेकिन इससे पहले ही विवो के हटने की बात बाहर निकल आई।
बोर्ड को पता था VIVO के हटने का, लेकिन 440 करोड़ का मोटा प्रायोजक नहीं खोना चाहता था BCCI
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: Rohit Ojha
Updated Thu, 06 Aug 2020 07:16 AM IST
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