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उतार-चढ़ाव भरे सफर का सुनहरा मोड़: WI के खिलाफ सैमसन की मास्टरक्लास पारी, भावुक होकर कहा- कभी हार नहीं मानी
Mon, 02 Mar 2026 08:16 AM IST
Mayank Tripathi
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: Mayank Tripathi
Updated Mon, 02 Mar 2026 08:16 AM IST
सार
संजू सैमसन ने 97 रनों की नाबाद मैच जिताऊ पारी के बाद कहा कि यह दिन उनके जीवन के सबसे महान पलों में से एक है और उनका संघर्ष भरा सफर आज सार्थक हुआ। उन्होंने बताया कि खुद पर शक के बावजूद उन्होंने विश्वास नहीं छोड़ा, एक-एक गेंद पर ध्यान दिया और टीम के लिए अपनी भूमिका निभाई।
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संजू सैमसन
- फोटो : PTI
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वेस्टइंडीज को सुपर-8 के अहम मुकाबले में पांच विकेट से हराकर भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। अब टीम का सामना पांच मार्च को इंग्लैंड से मुंबई में होगा। रविवार को खेले गए मैच में भारतीय टीम ने संजू सैमसन की मास्टरक्लास पारी की मदद से 199 रन बनाए और मैच अपने नाम किया। मुकाबले के बाद स्टार खिलाड़ी को उनके दमदार प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' अवॉर्ड से नवाजा गया।
संजू सैमसन
- फोटो : IANS
मैच के बाद भावुक हुए सैमसन
वेस्टइंडीज के खिलाफ 50 गेंदों में 12 चौके और चार छक्के की मदद से 97 रनों की नाबाद यादगार पारी खेलने वाले संजू सैमसन भावुक हो गए। उन्होंने कहा, 'इसका मतलब मेरे लिए पूरी दुनिया है। जिस दिन से मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया, उसी दिन से देश के लिए खेलने का सपना देखा था। आज लगता है कि मैं उसी दिन का इंतजार कर रहा था। मैं बहुत आभारी हूं, बहुत शुक्रगुजार हूं।'
इस दौरान उन्होंने अपने संघर्ष भरे सफर को याद करते हुए कहा, 'मेरा सफर बहुत खास रहा है, लेकिन इसमें उतार-चढ़ाव भी बहुत रहे। कई बार मैंने खुद पर शक किया। कई बार मन में सवाल आया क्या मैं कर पाऊंगा? क्या मैं टीम में अपनी जगह बना पाऊंगा? लेकिन मैंने खुद पर विश्वास बनाए रखा। ईश्वर का धन्यवाद करता हूं कि आज उन्होंने मुझे आशीर्वाद दिया।'
ये भी पढ़ें: Sanju Samson: धैर्य और साहस के असली पहचान हैं संजू सैमसन, टीम से बाहर हुए, लेकिन जब वापसी की तो तहलका मचा दिया
वेस्टइंडीज के खिलाफ 50 गेंदों में 12 चौके और चार छक्के की मदद से 97 रनों की नाबाद यादगार पारी खेलने वाले संजू सैमसन भावुक हो गए। उन्होंने कहा, 'इसका मतलब मेरे लिए पूरी दुनिया है। जिस दिन से मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया, उसी दिन से देश के लिए खेलने का सपना देखा था। आज लगता है कि मैं उसी दिन का इंतजार कर रहा था। मैं बहुत आभारी हूं, बहुत शुक्रगुजार हूं।'
इस दौरान उन्होंने अपने संघर्ष भरे सफर को याद करते हुए कहा, 'मेरा सफर बहुत खास रहा है, लेकिन इसमें उतार-चढ़ाव भी बहुत रहे। कई बार मैंने खुद पर शक किया। कई बार मन में सवाल आया क्या मैं कर पाऊंगा? क्या मैं टीम में अपनी जगह बना पाऊंगा? लेकिन मैंने खुद पर विश्वास बनाए रखा। ईश्वर का धन्यवाद करता हूं कि आज उन्होंने मुझे आशीर्वाद दिया।'
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संजू सैमसन
- फोटो : IANS
'मुझे ज्यादा मौके नहीं मिले'
सैमसन ने बताया कि भले ही उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले, लेकिन उन्होंने हर पल से सीखने की कोशिश की। उन्होंने आगे कहा, 'मैं इस प्रारूप में काफी समय से खेल रहा हूं। आईपीएल में 10-12 साल हो गए और पिछले 10 साल से देश के लिए टीम का हिस्सा हूं। भले ही हर मैच खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन डगआउट में बैठकर मैंने बहुत कुछ सीखा। मैंने देखा कि बड़े खिलाड़ी मैच को कैसे खत्म करते हैं, कैसे परिस्थिति के हिसाब से अपने खेल को बदलते हैं।'
ये भी पढ़ें: T20 WC: लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल मुकाबला खेलेगा भारत, अब तक कितनी बार अंतिम चार में पहुंची टीम? जानिए
सैमसन ने बताया कि भले ही उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले, लेकिन उन्होंने हर पल से सीखने की कोशिश की। उन्होंने आगे कहा, 'मैं इस प्रारूप में काफी समय से खेल रहा हूं। आईपीएल में 10-12 साल हो गए और पिछले 10 साल से देश के लिए टीम का हिस्सा हूं। भले ही हर मैच खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन डगआउट में बैठकर मैंने बहुत कुछ सीखा। मैंने देखा कि बड़े खिलाड़ी मैच को कैसे खत्म करते हैं, कैसे परिस्थिति के हिसाब से अपने खेल को बदलते हैं।'
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सैमसन को बधाई देते हेटमायर
- फोटो : IANS
रोहित-कोहली से मिली सीख
सैमसन ने खास तौर पर विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों से मिली सीख का जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'मैंने करीब 50-60 मैच खेले होंगे, लेकिन 100 से ज्यादा मैच देखे हैं। मैंने देखा कि रोहित शर्मा-विराट कोहली जैसे महान खिलाड़ी कैसे दबाव में शांत रहते हैं और टीम को जीत दिलाते हैं। वही अनुभव आज मेरे काम आया।'
अपनी पारी के बारे में सैमसन ने कहा, 'पिछले मैच में हम पहले बल्लेबाजी कर रहे थे, तो मेरा इरादा था कि पहली गेंद से बड़ा स्कोर बनाने की कोशिश करूं। लेकिन आज हालात अलग थे। जैसे ही मैं थोड़ा आक्रामक होना चाहता था, विकेट गिरने लगे। तब मैंने सोचा कि साझेदारी बनानी है, अपनी प्रक्रिया पर ध्यान देना है और एक-एक गेंद खेलनी है।' अंत में सैमसन ने मुस्कुराते हुए कहा, 'मैंने कभी नहीं सोचा था कि आज कुछ इतना खास हो जाएगा। मैं बस अपनी भूमिका निभा रहा था। आज का दिन मेरे जीवन के सबसे महान दिनों में से एक है। मैं बहुत खुश हूं और बहुत आभारी हूं।'
ये भी पढ़ें: खिताब से दो कदम दूर भारत: लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में इंग्लैंड से होगा सामना, कैसा है वानखेड़े पर रिकॉर्ड?
सैमसन ने खास तौर पर विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों से मिली सीख का जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'मैंने करीब 50-60 मैच खेले होंगे, लेकिन 100 से ज्यादा मैच देखे हैं। मैंने देखा कि रोहित शर्मा-विराट कोहली जैसे महान खिलाड़ी कैसे दबाव में शांत रहते हैं और टीम को जीत दिलाते हैं। वही अनुभव आज मेरे काम आया।'
अपनी पारी के बारे में सैमसन ने कहा, 'पिछले मैच में हम पहले बल्लेबाजी कर रहे थे, तो मेरा इरादा था कि पहली गेंद से बड़ा स्कोर बनाने की कोशिश करूं। लेकिन आज हालात अलग थे। जैसे ही मैं थोड़ा आक्रामक होना चाहता था, विकेट गिरने लगे। तब मैंने सोचा कि साझेदारी बनानी है, अपनी प्रक्रिया पर ध्यान देना है और एक-एक गेंद खेलनी है।' अंत में सैमसन ने मुस्कुराते हुए कहा, 'मैंने कभी नहीं सोचा था कि आज कुछ इतना खास हो जाएगा। मैं बस अपनी भूमिका निभा रहा था। आज का दिन मेरे जीवन के सबसे महान दिनों में से एक है। मैं बहुत खुश हूं और बहुत आभारी हूं।'
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