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Gambhir on Samson: 'सैमसन आक्रामक होकर नहीं खेले, उन्होंने सामान्य शॉट लगाए', कोच गौतम गंभीर ने क्यों कहा ऐसा?
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: Swapnil Shashank
Updated Mon, 02 Mar 2026 12:39 PM IST
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सार
न्यूजीलैंड सीरीज में खराब प्रदर्शन के बाद संजू सैमसन को दबाव से उबारने के लिए ब्रेक दिया गया। कोच गौतम गंभीर ने खुलासा किया कि यह रणनीतिक फैसला था। वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97 रन की पारी ने उनकी प्रतिभा साबित कर दी और भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाया।
सैमसन को गले लगाते कोच गंभीर
- फोटो : PTI
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विस्तार
भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि न्यूजीलैंड के खिलाफ खराब प्रदर्शन के बाद संजू सैमसन को ब्रेक देना टीम मैनेजमेंट की सोची-समझी रणनीति थी। न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच पारियों में संजू के स्कोर 10, 6, 0, 24 और 6 रहे। आलोचना तेज हुई और उनके करियर पर सवाल उठने लगे। गंभीर ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'निश्चित रूप से न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। इसलिए उन्हें विश्राम देना जरूरी हो गया था क्योंकि आप उन्हें उस दबाव वाली स्थिति से बाहर निकालना चाहते थे।'
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वेस्टइंडीज के खिलाफ दिखी असली क्षमता
टी20 विश्व कप के करो या मरो मुकाबले में वेस्टइंडीज के खिलाफ संजू ने नाबाद 97 रन की पारी खेलकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाया। उनका स्ट्राइक रेट 194 के करीब रहा, लेकिन बल्लेबाजी में कहीं भी हड़बड़ी नजर नहीं आई। उनकी पारी की बदौलत भारत ने आसानी से 196 रन का लक्ष्य पांच विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। मैच के बाद गंभीर ने कहा, 'संजू आक्रामक अंदाज में नहीं खेले। उन्होंने सामान्य शॉट लगाए। मैंने उन्हें गेंद को जोर से मारते हुए भी नहीं देखा। यही उनकी प्रतिभा है।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'हम जानते थे कि संजू कितना प्रतिभाशाली है। बहुत कम बल्लेबाजों ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तीन शतक लगाए हैं। इसलिए हमें भरोसा था कि जब भी जरूरत पड़ेगी, वह अच्छा प्रदर्शन करेंगे।'
टी20 विश्व कप के करो या मरो मुकाबले में वेस्टइंडीज के खिलाफ संजू ने नाबाद 97 रन की पारी खेलकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाया। उनका स्ट्राइक रेट 194 के करीब रहा, लेकिन बल्लेबाजी में कहीं भी हड़बड़ी नजर नहीं आई। उनकी पारी की बदौलत भारत ने आसानी से 196 रन का लक्ष्य पांच विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। मैच के बाद गंभीर ने कहा, 'संजू आक्रामक अंदाज में नहीं खेले। उन्होंने सामान्य शॉट लगाए। मैंने उन्हें गेंद को जोर से मारते हुए भी नहीं देखा। यही उनकी प्रतिभा है।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'हम जानते थे कि संजू कितना प्रतिभाशाली है। बहुत कम बल्लेबाजों ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तीन शतक लगाए हैं। इसलिए हमें भरोसा था कि जब भी जरूरत पड़ेगी, वह अच्छा प्रदर्शन करेंगे।'
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जिम्बाब्वे मैच बना टर्निंग पॉइंट
गंभीर का मानना है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच जिताऊ पारी की नींव जिम्बाब्वे के खिलाफ रखी गई थी, जहां संजू ने 15 गेंदों में 24 रन बनाए थे। कोच ने कहा, 'जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने शानदार शुरुआत दी। आज भी उन्होंने वहीं से अपनी पारी आगे बढ़ाई। हम संजू से यही उम्मीद करते हैं कि वह लगातार ऐसा प्रदर्शन करें।' रिंकू सिंह के पारिवारिक कारणों से अनुपलब्ध रहने और शीर्ष क्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की अधिकता को देखते हुए टीम प्रबंधन ने संजू को ओपनर के रूप में आजमाया, और यह फैसला सफल साबित हुआ।
गंभीर का मानना है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच जिताऊ पारी की नींव जिम्बाब्वे के खिलाफ रखी गई थी, जहां संजू ने 15 गेंदों में 24 रन बनाए थे। कोच ने कहा, 'जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने शानदार शुरुआत दी। आज भी उन्होंने वहीं से अपनी पारी आगे बढ़ाई। हम संजू से यही उम्मीद करते हैं कि वह लगातार ऐसा प्रदर्शन करें।' रिंकू सिंह के पारिवारिक कारणों से अनुपलब्ध रहने और शीर्ष क्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की अधिकता को देखते हुए टीम प्रबंधन ने संजू को ओपनर के रूप में आजमाया, और यह फैसला सफल साबित हुआ।
मानसिक मजबूती पर जोर
जब गंभीर से पूछा गया कि उन्होंने संजू से मानसिक रूप से क्या बात की, तो उन्होंने कहा, 'मैं सभी खिलाड़ियों से बात करता हूं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस टीम में शामिल सभी खिलाड़ी विश्वस्तरीय हैं और इसीलिए वे देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।' गंभीर ने साफ किया कि टीम मैनेजमेंट को संजू की क्षमता पर कभी संदेह नहीं था। उन्होंने कहा, 'हमें पता था कि जब भी हमें विश्व कप में उनकी जरूरत पड़ेगी, वह अच्छा प्रदर्शन करेंगे।'
जब गंभीर से पूछा गया कि उन्होंने संजू से मानसिक रूप से क्या बात की, तो उन्होंने कहा, 'मैं सभी खिलाड़ियों से बात करता हूं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस टीम में शामिल सभी खिलाड़ी विश्वस्तरीय हैं और इसीलिए वे देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।' गंभीर ने साफ किया कि टीम मैनेजमेंट को संजू की क्षमता पर कभी संदेह नहीं था। उन्होंने कहा, 'हमें पता था कि जब भी हमें विश्व कप में उनकी जरूरत पड़ेगी, वह अच्छा प्रदर्शन करेंगे।'
असली परीक्षा अभी बाकी
संजू की यह पारी सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि आत्मविश्वास की वापसी थी। आलोचनाओं के बीच ब्रेक ने उन्हें मानसिक रूप से तरोताजा किया और बड़े मंच पर उन्होंने अपनी काबिलियत साबित की। अब पांच मार्च को इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले सेमीफाइनल में टीम इंडिया को उनसे इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद होगी।
संजू की यह पारी सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि आत्मविश्वास की वापसी थी। आलोचनाओं के बीच ब्रेक ने उन्हें मानसिक रूप से तरोताजा किया और बड़े मंच पर उन्होंने अपनी काबिलियत साबित की। अब पांच मार्च को इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले सेमीफाइनल में टीम इंडिया को उनसे इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद होगी।