क्रिकेट एक ऐसा खेल है जिसमें अगर किस्मत बुलंदियों पर है तो आप क्रिकेट जगत का स्टार है। अगर ऐसा नहीं तो आपको किनारे कर दिया जाता है। मजबूरन आप संन्यास की ओर कदम बढ़ाते हैं और हमेशा हमेशा के लिए क्रिकेट को अलविदा कह देते हैं। ऐसे में हम आपको कुछ ऐसे संन्यास ले चुके खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे कि जब तक क्रिकेट खेले तब तक अपने प्रदर्शन के बदौलत क्रिकेट जगत में अमिट छाप छोड़ी लेकिन एक समय के बाद किस्मत ने साथ नहीं दिया को उन्हें मजबूरन क्रिकेट को अलविदा कहना पड़ा। कोई गया जेल तो किसी ने मजबूरी में गाया गाना, जानिए संन्यास के बाद क्या कर रहे हैं ये पांच धुरंधर?
हेनरी ओलंगा
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हेनरी ओलंगा
- फोटो : सोशल मीडिया
कभी जिम्बाब्वे क्रिकेट के पोस्टर ब्वॉय रहे हेनरी ओलंगा को क्रिकेट से संन्यास लिए हुए 15 साल से ज्यादा हो चुके हैं। जिम्बाब्वे के लिए 30 टेस्ट, 50 वन-डे खेलने वाले ओलंगा को तानाशाह के खिलाफ आवाज उठाने के बाद देश छोड़ना पड़ा था। वर्ल्ड कप 1999 में भारत और जिम्बॉब्वे के एक मैच में ओलंगा ने 5 गेंदों के अंदर 3 विकेट झटक कर भारत के मुंह से मैच छीन लिया था। देश में मानवाधिकारों का हनन के खिलाफ आवाज उठाने के चलते उन्हें देश भी छोड़ना पड़ा था। उन्हें गाना गाने का काफी शौक था। इस समय वह स्टेज शो करते नजर आते हैं।
मखाया एंटिनी
दक्षिण अफ्रीका के खतरनाक गेंदबाजों में से एक मखाया एंटिनी का क्रिकेट करियर तो शानदार रहा। लेकिन साल 1999 में उनके ऊपर एक टीनएज लड़की के रेप मामले में शामिल होने का आरोप लगा। इसके लिए मखाया को 6 साल की सजा हुई और काफी समय जेल में गुजारने के बाद वकील की मदद से वह बाहर निकल पाए। मखाया ने दक्षिण अफ्रीका के लिए 101 टेस्ट, 173 वन-डे और 10 टी-20 मैच खेले हैं।
क्रिस केर्न्स
क्रिस क्रेर्न्स न्यूजीलैंड के एक बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक रहे हैं लेकिन रिटायरमेंट के बाद इन्हें खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मीडिया रिपोर्ट की माने तो क्रिस क्रेर्न्स बसों को धोने के साथ ही ट्रक चलाकर मुश्किल से घर का गुजारा करते हैं। क्रेर्न्स ने न्यूजीलैंड के लिए 62 टेस्ट, 215 टेस्ट और दो टी-20 मैच खेले हैं।
सचिन तेंदुलकर
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सचिन तेंदुलकर
- फोटो : social Media
'क्रिकेट के भगवान' माने जाने वाले टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर का भारतीय क्रिकेट में अहम योगदान है। 45 साल के मास्टर ब्लास्टर सचिन बतौर सांसद राज्यसभा पहुंचने वाले पहले सक्रिय खिलाड़ी और क्रिकेटर बने। लंबे इंतजार के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना सौवां शतक पूरा किया। सचिन ने दिसंबर 2012 में वनडे क्रिकेट को अलविदा कहा और नवंबर 2013 में टेस्ट से संन्यास लेने की घोषणा की। फिलहाल वो कमेंट्री करते नजर आते हैं।