ज्योतिष जनकल्याण का माध्यम बने, नासा ने भी इसकी ताकत मान ली है कि इसकी मदद से खगोलीय घटनाओं को बारीकी से समझा जा सकता है। 8वें अमर उजाला-ग्राफिक एरा ज्योतिष महाकुंभ में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि युवा पीढ़ी की यह जिम्मेदारी है कि वह इसे वैश्विक मंच पर स्थापित करे।
ज्योतिष महाकुंभ: बोले सीएम धामी, जनकल्याण का माध्यम बने ज्योतिष, नासा ने भी मानी इसकी ताकत, तस्वीरें
ग्राफिक एरा डीम्ड विवि के सिल्वर जुबली कन्वेंशन सेंटर में सीएम धामी समेत ज्योतिषाचार्यों ने दीप प्रज्ज्वलन कर अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने कहा, ज्योतिष भारत का अत्यंत समृद्ध, गूढ़ और वैज्ञानिक शास्त्र है। आधुनिक विज्ञान जिन खगोलीय घटनाओं को समझने के लिए विशाल यंत्रों का सहारा लेता है, उन्हीं घटनाओं के मूल सिद्धांत हमारे ऋषि-मुनियों ने सहस्रों वर्ष पूर्व ग्रह-नक्षत्रों की गति, समय-चक्र, मानव जीवन और प्रकृति के गहन अध्ययन कर प्राप्त कर लिए थे। कहा, अब नासा भी मानने लगा है कि भारतीय ज्योतिष विज्ञान से बहुत सी भौगोलिक घटनाओं को भली प्रकार समझा जा सकता है। इस पवित्र ज्ञान को जिम्मेदारी से समाज के सामने रखा जाए ताकि यह जनकल्याण का माध्यम बने। कार्यक्रम में कन्या गुरुकुल महाविद्यालय देहरादून की छात्राओं ने सरस्वती वंदना और डमरू मंडल की टीम ने डमरू वादन किया।
गढ़वाल-कुमाऊं में एक-एक स्पिरिचुअल जोन
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सरकार, प्रदेश को देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में प्रयासरत है। आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल व कुमाऊं में एक-एक स्पिरिचुअल इकोनॉमिक जोन की स्थापना की जा रही है। उत्तराखंड ज्योतिष परिषद का गठन कर दिया है।
छात्रों को मिलती है सांस्कृतिक सीख : प्रो. घनशाला
ग्राफिक एरा ग्रुप के अध्यक्ष प्रो. कमल घनशाला ने कहा कि अगर बारिश आने वाली हो और पहले ही फोरकास्ट से पता चल जाए तो बचाव का इंतजाम कर सकते हैं, वैसे ही जीवन में बदलती दशाओं का ज्योतिष से पहले की निराकरण होने पर ऊर्जा व्यर्थ नहीं होती। कहा कि यहां करीब 40 हजार छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उनको नौकरी दिलाना ही नहीं बल्कि हमारा ये भी दायित्व है कि वह हमारी संस्कृति को भी आगे लेकर जाएं।
योग दिवस का हिस्सा बने ज्योतिष : स्वामी चिदानंद
परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि ने कहा कि ज्योतिष के विश्वास को जगाना होगा। पूरी दुनिया में लोगों को जिज्ञासा रहती है कि हाथ देखकर मेरा भविष्य बता दो। योग महाकुंभ में 100 देशों के लोग आते हैं। इसमें ज्योतिष योग भी उनके साथ जोड़ा जाए। इसके लिए हमें पहले से होमवर्क करना होगा। ज्योतिष अंधविश्वास नहीं आत्मविश्वास जगाता है। यह विज्ञान नहीं बल्कि एक ज्ञान है। यह केवल एक विधा नहीं विद्या भी है।