साल 2018 में हुए कुछ ऐसे हादसे जो कई परिवारों की खुशियों के लिए ग्रहण बन गए। इन हादसों ने केवल उन परिवारों को ही नहीं बल्कि देवभूमि के हर एक इंसान को झकझोक कर रख दिया। कहीं पूरा परिवार खत्म हुए तो कहीं एक साथ कई जिंदगियां दफन हो गईं। जानिए ऐसे ही कुछ हादसों के बारें में...
हादसे जो 2018 में बन गए 'ग्रहण', कहीं जिंदा दफन हुईं कई जिंदगियां, कहीं चमत्कार ने बचाई जान
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डंपर से कुचलकर हुई 11 तीर्थयात्रियों की दर्दनाक मौत
18 मई को टनकपुर-बनबसा हाईवे पर एक डंपर मां पूर्णागिरि धाम जा रहे तीर्थयात्रियों पर चढ़ गया। हाईवे पर हुए इस हादसे में 11 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई है। सभी तीर्थयात्री उत्तरप्रदेश के थे। तीर्थयात्री माता की डोली लेकर पूर्णागिरी धाम जा रहे थे। हादसा कमलपथ के पास हुआ। छह तीर्थयात्रियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबकि अस्पताल ले जाए गए अन्य पांच घायलों की मौत उपचार के दौरान हुई।
बस खाई में गिरने से 14 यात्रियों की एक साथ मौत
19 नवंबर को यमुनोत्री हाईवे पर डामटा रिखाऊंखड्ड के पास एक बस अनियंत्रित होकर यमुना नदी में जा गिरी। हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई और 14 लोग घायल हो गए।हनुमानचट्टी से विकासनगर के लिए निकली लोकल यात्री बस दोपहर सवा बारह बजे डामटा रिखाऊंखड्ड के पास अनियंत्रित होकर करीब दो सौ मीटर नीचे यमुना नदी में जा गिरी। बस के पीछे चल रहे टैक्सी वाहन के चालक ने हादसे की सूचना पुलिस को दी।दुर्घटनाग्रस्त बस के खड़ी ढाल पर करीब दो सौ मीटर नीचे यमुना नदी में गिरने से रेस्क्यू टीम को अभियान में खासी मशक्कत करनी पड़ी।हादसे की सूचना मिलते ही एंबुलेंस आदि संसाधनों के साथ मौके पर पहुंचे डीएम डा.आशीष चौहान ने रेस्क्यू अभियान की कमान संभाली। दुर्घटनाग्रस्त बस के यमुना नदी में गिरने से कुछ लोगों के नदी में बहने की आशंका पर गोताखोरों की टीम भी मौके पर बुला ली गई थी, लेकिन फिर देर शाम सभी 14 मृतकों के शव खाई से निकालने और 14 घायलों को हायर सेंटर भेजने के बाद रेस्क्यू अभियान बंद कर दिया गया।
टैंपो खाई में गिरने से 13 लोगों की मौत
04 सितंबर को उत्तरकाशी गंगोत्री हाईवे पर भटवाड़ी से करीब सात किमी दूर गंगोत्री की ओर एक टैंपों ट्रैवलर वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर करीब पचास मीटर गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 2 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। दुर्घटनाग्रस्त वाहन में असी गंगा घाटी के भंकोली गांव के ग्रामीण सवार थे। जो गांव के आराध्य देवता के साथ गंगोत्री धाम से गंगा स्नान कर लौट रहे थे। इस धार्मिक यात्रा के जत्थे में एक टैंपो ट्रैवलर समेत 16 टैक्सी वाहन शामिल थे। हादसा इतना भीषण था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए। इस वाहन में चालक समेत 15 लोग सवार थे।
बारात की कार खाई में गिरने से 5 लोगों की मौत
12 फरवरी को प्रतापनगर ब्लॉक के आबकी गांव से उत्तरकाशी गई बारात का वाहन लौटते समय अनियंत्रित होकर चूलीखेत के पास जलकुर नदी के किनारे गिर गया। हादसे में आबकी निवासी चालक बलबीर सिंह रमोला समेत पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। खाई से चार लोगों के शव निकाल लिए गए हैं लेकिन उनकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। हादसे में दो ग्राम प्रधान समेत पांच लोग घायल हो गए।