कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) ने एक जून से परीक्षाओं को लेकर नया नियम जारी किया है। ध्यान से पढ़ लीजिए...परीक्षा के दौरान अगर अभ्यर्थी ने किसी गार्ड, कक्ष निरीक्षक या कॉर्डिनेटर से बदतमीजी की तो उस पर सीधे तीन साल की पाबंदी लग जाएगी। इसी प्रकार परीक्षा से जुड़ी ओएमआर शीट या रफ शीट भी परीक्षा केंद्र से बाहर ले जाने तक दो साल की रोक लग जाएगी। एसएससी ने ऐसे नियम देशभर से सामने आ रही शिकायतों के बाद एक जून से लागू कर दिए हैं।
1 जून से SSC ने परीक्षाओं को लेकर जारी किए नए नियम, ध्यान से पढ़ लें वरना जिंदगीभर पछताएंगे
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उत्तराखंड में भी परीक्षा की उत्तर पुस्तिका चुराकर ले जाने से लेकर पेपर लीक करने जैसे दस से ज्यादा मामले प्रकाश में आ चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि निश्चित तौर पर एसएससी के इन नियमों से नकल माफियाओं के हौसले पस्त होंगे। अभी तक एसएससी के पास ऐसा अधिकार नहीं था कि वह नकल या दूसरी गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई कर सके। इस नियम के बाद अब एसएससी परीक्षा में अनुशासन को प्राथमिकता मिलेगी।
यह हैं नए नियम
परीक्षा केंद्र से ओएमआर शीट, रफ शीट, एडमिशन सर्टिफिकेट की कॉपी, आंसर शीट बाहर ले जाने पर प्रतिबंध : 2 वर्ष
परीक्षा केंद्र सुपरवाइजर, कक्ष निरीक्षक, सिक्योरिटी गार्ड, एसएससी प्रतिनिधि से दुर्व्यवहार पर प्रतिबंध : 3 वर्ष
परीक्षा में व्यवधान उत्पन्न करने या मुन्नाभाई बनकर परीक्षा देने पर प्रतिबंध : 3 वर्ष
निर्धारित सीमा से आगे तक मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध (चाहे मोबाइल स्विच ऑफ हो) : 3 वर्ष
परीक्षा से जुड़ी सामग्री नष्ट करने पर प्रतिबंध : 5 वर्ष
फर्जी एडमिट कार्ड या आईडेंटिटी प्रूफ देने पर प्रतिबंध : 5 वर्ष
यह हैं नए नियम
परीक्षा केंद्र में हथियार लेकर जाने पर प्रतिबंध : 5 वर्ष
परीक्षा केंद्र में नकल के लिए किसी तरह का बल प्रयोग करने पर प्रतिबंध : 7 वर्ष
परीक्षा केंद्र पर हथियार चलाने या लहराकर धमकी देने पर प्रतिबंध : 7 वर्ष
ब्लूटूथ डिवाइस, स्पाई कैमरा या दूसरे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स ले जाने पर प्रतिबंध : 7 वर्ष
प्रश्न पत्र का फोटो लेने या वीडियो बनाने पर पकड़े जाने पर प्रतिबंध : 7 वर्ष
परीक्षा से जुड़ी कोई भी सामग्री किसी भी ऐप या इंटरनेट माध्यम से शेयर करने पर प्रतिबंध : 7 वर्ष
परीक्षा के सर्वर के साथ छेड़छाड़ करने या परीक्षा के डाटा में छेड़छाड़ करने पर प्रतिबंध : 7 वर्ष
एसएससी की परीक्षाओं में पेपर लीक या सामूहिक नकल के मामलों में माफियाओं के लिए देहरादून काफी सुरक्षित ठिकाना रहा है। वर्ष 2013 में यहां बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ था। इसमें करीब 15 अभ्यर्थी किसी और की जगह परीक्षा देते हुए पकड़े गए थे। इसी प्रकार, वर्ष 2015 में कई हाईटेक नकलची पकड़े गए थे। दून में परीक्षा केंद्र से उत्तर पुस्तिका चुराने का एक मामला भी प्रकाश में आ चुका है।
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